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गंगा एक्सप्रेस वे: तालमेल न होने से बिगड़ रहा खेल, काम में लग रहा अडंगा
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बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे का काम शुरू होने के साथ ही काम में अड़ंगा लगने लगा है। दरअसल, ऐसे किसानों की बड़ी संख्या है जिन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए यूपीडा के पक्ष में बैनामा कर दिया है पर मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में किसान विरोध करने लगे हैं। प्रशासन और कार्यदायी संस्था के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा। काम प्रभावित होने के बाद अब पुरानी पत्रावलियां खंगाली जा रही हैं कि किसानों का भुगतान किन कारणों से रुका हुआ है।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं में 95 किमी की दूरी तय करेगा। संभल जिले से सटी बदायूं की बिसौली तहसील से लेकर दातागंज से सटी शाहजहांपुर जिले की सीमा तक गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। अडानी ग्रुप से संबंधित एसजी इंफ्रा लिमिटेड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने दस अप्रैल को सदर तहसील के बिनावर में काम शुरू किया था। बिनावर के गांव कुतुबपुर थरा से काम शुरू किया गया तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। दो दिन बाद ही पड़ोसी गांवों के किसानों ने अब तक मुआवजा न मिलने का दावा करते हुए काम रुकवा दिया। हालांकि, यहां दूसरे स्थानों पर काम जारी रहा।
इसके बाद कार्यदायी संस्था ने बृहस्पतिवार को दातागंज के गांव डहरपुर कलां में एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि समतलीकरण का काम शुरू किया। यहां पहले दिन ही किसान विरोध करने लगे। यहां भी किसानों का आरोप था कि उनको भूमि के बदले मुआवजा नहीं दिया गया है। इसके साथ यह भी कहना था कि एक्सप्रेस-वे का काम नक्शे के मुताबिक नहीं हो रहा। डहरपुर कलां में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। शुक्रवार को दातागंज के गांव बिहारीपुर में काम शुरू कर दिया गया।
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डहरपुर कलां पहुंचे एसडीएम, किसानों को समझाया
- एसडीएम रामशिरोमणि शुक्रवार को डहरपुर कलां पहुंचे। उन्होंने किसानों से बात की। दरअसल, गांव में बृहस्पतिवार को गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि समतलीकरण का काम शुरू किया गया था। यहां किसानों ने विरोध शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई तो एसडीएम दातागंज शुक्रवार को डहरपुर पहुंचे। एसडीएम दातागंज ने यहां किसानों से बात की, इसके बाद काम भी शुरू हो गया। शुक्रवार को बिहारीपुर में भी समतलीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। एसजी इंफ्रा लिमिटेड इंजीनियरिंग लिमिटेड विनोद तिवारी का कहना है कि कुछ स्थानों पर समस्या आ रही है। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को बताया जा रहा है।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए चार तहसीलों के 65 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया गया है। एक करोड़ से ज्यादा की राशि किसानों को कुछ कारणों से भुगतान नहीं हो सकी है। किसानों को राशि भुगतान किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे निर्माण में किसी तरह की कोई समस्या नहीं आ रही है। -संतोष कुमार वैश्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व
दातागंज के डरहपुर कलां में कुछ किसानों ने विरोध किया था। इस बारे में सूचना मिलने के बाद मैं खुद गांव पहुंचा। यहां किसानों से बात की अब किसानों को कोई शिकायत नहीं है। जिन किसानों का भुगतान रुका है वह जल्द हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे के लिए काम तेजी से चल रहा है। -रामशिरोमणि, एसडीएम दातागंज
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मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं में 95 किमी की दूरी तय करेगा। संभल जिले से सटी बदायूं की बिसौली तहसील से लेकर दातागंज से सटी शाहजहांपुर जिले की सीमा तक गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। अडानी ग्रुप से संबंधित एसजी इंफ्रा लिमिटेड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने दस अप्रैल को सदर तहसील के बिनावर में काम शुरू किया था। बिनावर के गांव कुतुबपुर थरा से काम शुरू किया गया तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। दो दिन बाद ही पड़ोसी गांवों के किसानों ने अब तक मुआवजा न मिलने का दावा करते हुए काम रुकवा दिया। हालांकि, यहां दूसरे स्थानों पर काम जारी रहा।
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इसके बाद कार्यदायी संस्था ने बृहस्पतिवार को दातागंज के गांव डहरपुर कलां में एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि समतलीकरण का काम शुरू किया। यहां पहले दिन ही किसान विरोध करने लगे। यहां भी किसानों का आरोप था कि उनको भूमि के बदले मुआवजा नहीं दिया गया है। इसके साथ यह भी कहना था कि एक्सप्रेस-वे का काम नक्शे के मुताबिक नहीं हो रहा। डहरपुर कलां में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। शुक्रवार को दातागंज के गांव बिहारीपुर में काम शुरू कर दिया गया।
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डहरपुर कलां पहुंचे एसडीएम, किसानों को समझाया
- एसडीएम रामशिरोमणि शुक्रवार को डहरपुर कलां पहुंचे। उन्होंने किसानों से बात की। दरअसल, गांव में बृहस्पतिवार को गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि समतलीकरण का काम शुरू किया गया था। यहां किसानों ने विरोध शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई तो एसडीएम दातागंज शुक्रवार को डहरपुर पहुंचे। एसडीएम दातागंज ने यहां किसानों से बात की, इसके बाद काम भी शुरू हो गया। शुक्रवार को बिहारीपुर में भी समतलीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। एसजी इंफ्रा लिमिटेड इंजीनियरिंग लिमिटेड विनोद तिवारी का कहना है कि कुछ स्थानों पर समस्या आ रही है। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को बताया जा रहा है।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए चार तहसीलों के 65 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया गया है। एक करोड़ से ज्यादा की राशि किसानों को कुछ कारणों से भुगतान नहीं हो सकी है। किसानों को राशि भुगतान किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे निर्माण में किसी तरह की कोई समस्या नहीं आ रही है। -संतोष कुमार वैश्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व
दातागंज के डरहपुर कलां में कुछ किसानों ने विरोध किया था। इस बारे में सूचना मिलने के बाद मैं खुद गांव पहुंचा। यहां किसानों से बात की अब किसानों को कोई शिकायत नहीं है। जिन किसानों का भुगतान रुका है वह जल्द हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे के लिए काम तेजी से चल रहा है। -रामशिरोमणि, एसडीएम दातागंज