UP News: नौकरी लगवाने के नाम पर छह युवकों से 30 लाख रुपये ठगे, बिहार ले जाकर दिए फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट
मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले जालसाज युवक ने बदायूं और शाहजहांपुर के छह युवकों से ठगी कर ली। उसने नौकरी लगवाने के नाम पर 30 लाख रुपये ले लिए और फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट थमा दिए। इसके बाद फरार हो गया।
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रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर बदायूं और शाहजहांपुर के छह युवकों से 30 लाख रुपये की ठगी हो गई। पुलिस ने मध्यप्रदेश के एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी कागजात तैयार कराने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। आरोपी उन्हें ट्रेनिंग कराने के नाम पर बिहार ले गया था। वहां उन्हें फर्जी सर्टिफिकेट थमा दिए गए। जब नौकरी नहीं लगी तो युवकों ने अपने रुपये मांगे। इसके बाद आरोपी लापता हो गया।
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव नाई पिंडरी निवासी तेजेंद्र पुत्र देवपाल का कहना है कि उसका फुफेरा साला निशांत गौतम मलेशिया में नौकरी करता है। उसके साथ मध्यप्रदेश के भिंड जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के जमखोली निवासी अमन भदौरिया उर्फ गुड्डू भी वहां नौकरी करता था। इससे दोनों की अच्छी जान पहचान हो गई थी। निशांत के साथ आने पर परिवार वाले अमन को भी जान गए थे।
युवकों से लिए पांच-पांच लाख रुपये
तेजेंद्र के अनुसार, एक दिन अमन ने उनके घर आकर उसे रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और पांच लाख रुपये मांगे। तेजेंद्र ने रुपये होने से मना किया, लेकिन उसने अपने दोस्तों को नौकरी पर लगवाने को कहा। इसके बाद उसके रिश्तेदार सुनील, सिविल लाइंस के ढाकवाली ज्यारत निवासी अंशुल, सियाराम नगर निवासी सुनील कुमार, दौरी निरोत्तमपुर सुनील, शाहजहांपुर के गांव जखिया निवासी ओमेंद्र और नेकपुर सिविल लाइंस रनवीर ने उसे पांच-पांच लाख रुपये दिए।
अमन सभी युवकों को बिहार ले गया। वहां ट्रेनिंग के नाम पर एक जगह पर रखा। फिर उन्हें ट्रेनिंग के फर्जी सर्टिफिकेट थमा दिए। तय समय के अनुसार उनकी नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे। तेजेंद्र ने भी कई बार रुपये लौटाने को कहा लेकिन उसने रुपये नहीं दिए। इसके बाद तेजेंद्र ने उसके खिलाफ न्यायालय का सहारा लिया। इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश के व्यक्ति के खिलाफ शनिवार रात धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया गया है। विवेचना कराई जा रही है।