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Budaun News: 21 लाख से लगवाए गए पांच हेल्थ एटीएम में से चार हो गए बीमार
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जनप्रतिनिधियों की निधि से खरीदे गए थे हेल्थ एडीएम, एक साल बाद भी तकनीशियन तैनात नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जनप्रतिनिधियों ने अपनी निधि से 21 लाख रुपये खर्च कर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के अलावा सहसवान, उझानी और बिल्सी सीएचसी पर हेल्थ एटीएम लगवाए थे। कुछ दिन चलने के बाद ही चार एटीएम बंद हो गए। लिहाजा मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। सहसवान में लगा हेल्थ एटीएम लैब तकनीशियन की मदद से चलाया जा रहा है।
जिला अस्पताल से लेकर महिला अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी पर मरीजों को जांच के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। जनवरी 2023 में जिला अस्पताल में सदर विधायक महेशचंद्र गुप्ता की निधि से हेल्थ एटीएम लगाया था। इसके बाद एमएलसी बागीश पाठक की निधि से महिला अस्पताल में एटीएम लगाया गया। बिल्सी विधायक हरीश शाक्य की निधि से बिल्सी, उझानी और सहसवान में हेल्थ एटीएम लगाए गए।
एटीएम लगने के साथ ही एक तकनीशियन जिले में भेजा गया। एक माह तक तो जिला अस्पताल में हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ऑनलाइन काम हुआ। जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाने लगीं। हेल्थ एटीएम चालू होने के बाद मरीजों को अनावश्यक भागदौड़ करने और महंगी जांचों से छुटकारा मिल गया था। हेल्थ एटीएम से पूरे शरीर की स्क्रीनिंग के साथ ही एक बार लिए गए रक्त के नमूने से कई जांच हो जाती हैं।
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हेल्थ एटीएम बंद होने का प्रमुख कारण एक साल बाद भी इन पर तकनीशियन की तैनाती न होना है। कई बार पत्राचार करने के बाद भी तकनीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। सहसवान में लैब तकनीशियन हेल्थ एटीएम चलाने को काम कर रहा है, जबकि जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, उझानी और बिल्सी में हेल्थ एटीएम शोपीस बने हुए हैं।
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ये मिलतीं थीं सुविधाएं
हेल्थ एटीएम से शरीर की स्क्रीनिंग, ब्ल्ड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, मेटाबॉलिक एज, बॉडी फेट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट आदि के अलावा ग्लूकोज, हिमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, चिकनगुनिया, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था जांच, टाइफाइड, एचआईवी, ईसीजी, टीएलसी, डीएलसी समेत 50 से अधिक जांचें होती थीं।
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एक हेल्थ एटीएम की कीमत 4.21 लाख
- एक हेल्थ एटीएम की कीमत 4.21 लाख रुपये है। सांसद और विधायक निधि से ये हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। एक साल पहले इनका लोकार्पण माननीयों ने ही किया था। अब बंद पड़े हेल्थ एटीएम की दुर्दशा की ओर माननीयों का भी कोई ध्यान नहीं है।
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शासन की मंशा के अनुसार हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। इनका संचालन करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की थी। एक-दो बार तो इन्हें चेक किया गया था। अगर बंद हो गए हैं तो इसकी जानकारी की जाएगी। इनके संचालन में जो भी दिक्कत आ रही होंगी, उनको दूर कराने का काम किया जाएगा। - महेश गुप्ता, सदर विधायक
पहले चरण में जिले में पांच हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती न होने के कारण इनका संचालन प्रभावित हो रहा है। स्टाफ की तैनाती हो, तभी इनका संचालन नियमित हो सकता है। इसके लिए शासन से पत्राचार भी किया गया है। - डॉ. अब्दुल सलाम , सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जनप्रतिनिधियों ने अपनी निधि से 21 लाख रुपये खर्च कर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के अलावा सहसवान, उझानी और बिल्सी सीएचसी पर हेल्थ एटीएम लगवाए थे। कुछ दिन चलने के बाद ही चार एटीएम बंद हो गए। लिहाजा मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। सहसवान में लगा हेल्थ एटीएम लैब तकनीशियन की मदद से चलाया जा रहा है।
जिला अस्पताल से लेकर महिला अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी पर मरीजों को जांच के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। जनवरी 2023 में जिला अस्पताल में सदर विधायक महेशचंद्र गुप्ता की निधि से हेल्थ एटीएम लगाया था। इसके बाद एमएलसी बागीश पाठक की निधि से महिला अस्पताल में एटीएम लगाया गया। बिल्सी विधायक हरीश शाक्य की निधि से बिल्सी, उझानी और सहसवान में हेल्थ एटीएम लगाए गए।
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एटीएम लगने के साथ ही एक तकनीशियन जिले में भेजा गया। एक माह तक तो जिला अस्पताल में हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ऑनलाइन काम हुआ। जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाने लगीं। हेल्थ एटीएम चालू होने के बाद मरीजों को अनावश्यक भागदौड़ करने और महंगी जांचों से छुटकारा मिल गया था। हेल्थ एटीएम से पूरे शरीर की स्क्रीनिंग के साथ ही एक बार लिए गए रक्त के नमूने से कई जांच हो जाती हैं।
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हेल्थ एटीएम बंद होने का प्रमुख कारण एक साल बाद भी इन पर तकनीशियन की तैनाती न होना है। कई बार पत्राचार करने के बाद भी तकनीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। सहसवान में लैब तकनीशियन हेल्थ एटीएम चलाने को काम कर रहा है, जबकि जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, उझानी और बिल्सी में हेल्थ एटीएम शोपीस बने हुए हैं।
ये मिलतीं थीं सुविधाएं
हेल्थ एटीएम से शरीर की स्क्रीनिंग, ब्ल्ड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, मेटाबॉलिक एज, बॉडी फेट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट आदि के अलावा ग्लूकोज, हिमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, चिकनगुनिया, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था जांच, टाइफाइड, एचआईवी, ईसीजी, टीएलसी, डीएलसी समेत 50 से अधिक जांचें होती थीं।
एक हेल्थ एटीएम की कीमत 4.21 लाख
- एक हेल्थ एटीएम की कीमत 4.21 लाख रुपये है। सांसद और विधायक निधि से ये हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। एक साल पहले इनका लोकार्पण माननीयों ने ही किया था। अब बंद पड़े हेल्थ एटीएम की दुर्दशा की ओर माननीयों का भी कोई ध्यान नहीं है।
शासन की मंशा के अनुसार हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। इनका संचालन करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की थी। एक-दो बार तो इन्हें चेक किया गया था। अगर बंद हो गए हैं तो इसकी जानकारी की जाएगी। इनके संचालन में जो भी दिक्कत आ रही होंगी, उनको दूर कराने का काम किया जाएगा। - महेश गुप्ता, सदर विधायक
पहले चरण में जिले में पांच हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती न होने के कारण इनका संचालन प्रभावित हो रहा है। स्टाफ की तैनाती हो, तभी इनका संचालन नियमित हो सकता है। इसके लिए शासन से पत्राचार भी किया गया है। - डॉ. अब्दुल सलाम , सीएमओ