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एक ही परिवार में चार मौतें: सास-बहू की जली चिता, दफनाए गए मासूम; 22 जून को थी जितेंद्र की शादी की सालगिरह
Mon, 26 Jun 2023 09:09 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 26 Jun 2023 09:09 AM IST
सार
बदायूं के सिविल लाइंस थाना इलाके में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर शनिवार रात को गांव दहेमी के पास कार की ट्रॉली से टक्कर हो गई। इससे कार में सवार दादी-नाती समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए।
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परिवार के चार लोगों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर शनिवार को हुए हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से अर्सिस बर्खिन गांव में दुख का माहौल है। गांव के हर व्यक्ति की आंख नम है। रविवार को हादसे का शिकार हुए दोनों को बच्चों को दफन करने के साथ सास-बहू का अंतिम संस्कार किया गया।
हादसा शनिवार रात करीब दस बजे हुआ था। उस वक्त शिक्षक पीतांबर का परिवार चंदौसी से एक शादी समारोह के महिला संगीत कार्यक्रम से घर लौट रहा था। कार पीतांबर के छोटे भाई जितेंद्र चला रहे थे। उसमें पीतांबर की मां सूरजश्री (65), बेटे अरनव (6), बेटी शिवान्या (4), पत्नी नीतल उर्फ नीतू (33), बड़े भाई पुष्पेंद्र उर्फ टीटू के बेटे हर्ष (11) और जितेंद्र की पत्नी शशि (26) बैठीं थीं।
रास्ते में हाईवे पर ग्राम दहेमी के पराग दुग्ध फैक्टरी के नजदीक उनकी कार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से टकरा गई थी, जिसमें सूरजश्री, अरनव, हर्ष और शशि की जान चली गई थी। शनिवार रात पुलिस ने चारों शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए थे।
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सास, बहू की जली चिता, दफन किए गए मासूम
शनिवार दोपहर तक शवों के पोस्टमार्टम कराए गए। शाम करीब चार बजे चारों शव अर्सिस बर्खिन गांव पहुंचे। इससे पहले उनके घर पर लोगों की भीड़ लग गई। जैसे ही चारों शव घर पहुंचे कि परिवार के लोग उनसे लिपटकर रोने लगे। उनकी हालत देखकर गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। शाम करीब पांच बजे दोनों बच्चों के शव गांव के तालाब किनारे दफन किए गए। देर शाम सास सूरजश्री और बहू शशि के शवों का भी गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हादसा शनिवार रात करीब दस बजे हुआ था। उस वक्त शिक्षक पीतांबर का परिवार चंदौसी से एक शादी समारोह के महिला संगीत कार्यक्रम से घर लौट रहा था। कार पीतांबर के छोटे भाई जितेंद्र चला रहे थे। उसमें पीतांबर की मां सूरजश्री (65), बेटे अरनव (6), बेटी शिवान्या (4), पत्नी नीतल उर्फ नीतू (33), बड़े भाई पुष्पेंद्र उर्फ टीटू के बेटे हर्ष (11) और जितेंद्र की पत्नी शशि (26) बैठीं थीं।
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रास्ते में हाईवे पर ग्राम दहेमी के पराग दुग्ध फैक्टरी के नजदीक उनकी कार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से टकरा गई थी, जिसमें सूरजश्री, अरनव, हर्ष और शशि की जान चली गई थी। शनिवार रात पुलिस ने चारों शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए थे।
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सास, बहू की जली चिता, दफन किए गए मासूम
शनिवार दोपहर तक शवों के पोस्टमार्टम कराए गए। शाम करीब चार बजे चारों शव अर्सिस बर्खिन गांव पहुंचे। इससे पहले उनके घर पर लोगों की भीड़ लग गई। जैसे ही चारों शव घर पहुंचे कि परिवार के लोग उनसे लिपटकर रोने लगे। उनकी हालत देखकर गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। शाम करीब पांच बजे दोनों बच्चों के शव गांव के तालाब किनारे दफन किए गए। देर शाम सास सूरजश्री और बहू शशि के शवों का भी गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
22 जून को थी जितेंद्र की शादी की सालगिरह
पीतांबर के तीसरे नंबर के भाई जितेंद्र की पिछले साल 22 जून 2022 को शादी हुई थी। तीन दिन पहले उन्होंने सालगिरह मनाई थी। परिवार के सभी लोग खुश थे। इस खुशनुमा माहौल को तीन दिन गुजरे थे कि उनके परिवार को नजर लग गई और उसमें शशि समेत परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
पीतांबर के तीसरे नंबर के भाई जितेंद्र की पिछले साल 22 जून 2022 को शादी हुई थी। तीन दिन पहले उन्होंने सालगिरह मनाई थी। परिवार के सभी लोग खुश थे। इस खुशनुमा माहौल को तीन दिन गुजरे थे कि उनके परिवार को नजर लग गई और उसमें शशि समेत परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करने वाले पर कार्रवाई नहीं
हाईवे हो या फिर लिंक मार्ग। रोड पर वाहन खड़ा करना कानूनन अपराध है। इसके बाद भी पुलिस रोड पर खड़े वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। यही वजह है कि बेखौफ होकर चालक जहां मनमर्जी हो वहां पर वाहन खड़े कर देते हैं। इसी लापरवाही की वजह से मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दिन से ही खराब ट्रैक्टर-ट्रॉली रोड पर ही खड़े रहे। पुलिस ने उसको नहीं हटाया। यही ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे का वजह बनी। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली सामने देख कार पर नियंत्रण खो बैठा और हादसे में परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
हाईवे हो या फिर लिंक मार्ग। रोड पर वाहन खड़ा करना कानूनन अपराध है। इसके बाद भी पुलिस रोड पर खड़े वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। यही वजह है कि बेखौफ होकर चालक जहां मनमर्जी हो वहां पर वाहन खड़े कर देते हैं। इसी लापरवाही की वजह से मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दिन से ही खराब ट्रैक्टर-ट्रॉली रोड पर ही खड़े रहे। पुलिस ने उसको नहीं हटाया। यही ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे का वजह बनी। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली सामने देख कार पर नियंत्रण खो बैठा और हादसे में परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
तहरीर के इंतजार में पुलिस
पुलिस इस मामले में अब भी एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर का इंतजार कर रही है। एसएचओ सिविल लाइंस गौरव विश्नोई का कहना है कि मृतकों के परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आते ही कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इस मामले में अब भी एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर का इंतजार कर रही है। एसएचओ सिविल लाइंस गौरव विश्नोई का कहना है कि मृतकों के परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आते ही कार्रवाई की जाएगी।