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Budaun News: दलों में मुखर हुए बगावत, बिगाड़ सकते हैं चुनावी समीकरण
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वजीरगंज-बिसौली और अन्य नगर पालिका व पंचायतों में निर्दलीय कराए नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। हर पार्टी में बगावत के सुर मुखर हैं। कई नगर पालिका और नगर पंचायतों में दावेदारों ने पार्टी के विरोध मोल लेकर निर्दलीय नामांकन कराए हैं। ये समीकरण बिगाड़ सकते हैं। भाजपा और सपा के सामने बागियों से निपटना चुनौती है।
नगर पालिका बिसौली की बात करें तो यहां से कई दावेदार भाजपा से टिकट मांग रहे थे। इसकी सूची में हरिओम पाराशरी, दुर्गेश वार्ष्णेय, अशोक वार्ष्णेय और मोहित उर्फ मोनू महाजन सबसे आगे थे लेकिन रविवार को आई सूची में केवल हरिओम पाराशरी का टिकट फाइनल हुआ। जब टिकट नहीं मिला तो सोमवार को अशोक वार्ष्णेय और मोनू महाजन ने अपना निर्दलीय नामांकन करा दिया। इसी तरह नगर पंचायत वजीरगंज का हाल है। यहां से भी कई कार्यकर्ताओं ने बगावत शुरू कर दी है।
नगर पंचायत गुलड़िया से प्रतिभा पटेल भाजपा से टिकट मांग रही थीं लेकिन भाजपा प्रत्याशी तारा देवी घोषित हुईं तो प्रतिभा पटेल ने सोमवार को निर्दलीय नामांकन करा दिया। उनका कहना है कि वह भाजपा से पिछले दस साल से जुड़ीं थीं। ककराला में भी एक भाजपा कार्यकर्ता असलम खां ने भाजपा प्रत्याशी मरगूब अहमद सोनी के विरोध में नामांकन कराया है।
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यह सब भाजपा में ही नहीं सपा में भी देखने को मिल रहा है। यहां शहर नगर पालिका परिषद से सपा से कई दावेदार चुनाव लड़ने की फिराक में थे। मामला ऐसा अटका कि पार्टी ने केवल दो जगहों के अलावा किसी को टिकट नहीं दिया। परिणाम यह रहा कि सपा नेता फखरे अहमद शोबी, पूर्व विधायक आबिद रजा की पत्नी फात्मा रजा और इंदू सक्सेना ने अलग-अलग नामांकन कराए हैं।
दातागंज में भी सपा में बागी तेवर देखने को मिल रहे हैं। यहां से मुकेश शर्मा को सपा से टिकट मिला है लेकिन पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के बेटे अवनीश यादव और पूर्व चेयरमैन इशहाक ने भी अपना पर्चा दाखिल कर दिया है। कुछ और नगर पालिका और नगर पंचायतों का यह हाल है।
भाजपा नेता का आरोप- पार्टी ने टिकट बांटे नहीं बेचे, अब जंग का एलान
बदायूं। टिकट को लेकर सबसे ज्यादा खींचतान वजीरगज नगर पंचायत में देखने को मिली। यहां से टिकट की दावेदारी कर रहे भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय काफी दिनों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने संगीता वार्ष्णेय को प्रत्याशी बना दिया। सोमवार को राहुल वार्ष्णेय ने भी पार्टी से बगावत करते हुए अपनी पत्नी शंकुतला वार्ष्णेय का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में करा दिया।
राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने टिकट बांटे नहीं हैं बल्कि बेचे हैं। जिस दावेदार का नाम पैनल में ही नहीं गया, उसे प्रत्याशी बना दिया गया। भाजपा से प्रत्याशी घोषित की गई संगीता पिछले चुनाव में भाजपा के विरोध में चुनाव लड़ी थीं। उनके सगे देवर ने भी भाजपा के विरोध में चुनाव लड़ाया था। यहां तक कि उसने पार्टी के पोस्टर तक फाड़े थे। उन्होंने कहा कि जिसे प्रत्याशी बनाया गया वह न तो पार्टी का सक्रिय सदस्य है और न ही प्राथमिक सदस्य, फिर भी उन्हें टिकट दिया गया। कहा कि उन्होंने भी अब जंग का एलान कर दिया है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। हर पार्टी में बगावत के सुर मुखर हैं। कई नगर पालिका और नगर पंचायतों में दावेदारों ने पार्टी के विरोध मोल लेकर निर्दलीय नामांकन कराए हैं। ये समीकरण बिगाड़ सकते हैं। भाजपा और सपा के सामने बागियों से निपटना चुनौती है।
नगर पालिका बिसौली की बात करें तो यहां से कई दावेदार भाजपा से टिकट मांग रहे थे। इसकी सूची में हरिओम पाराशरी, दुर्गेश वार्ष्णेय, अशोक वार्ष्णेय और मोहित उर्फ मोनू महाजन सबसे आगे थे लेकिन रविवार को आई सूची में केवल हरिओम पाराशरी का टिकट फाइनल हुआ। जब टिकट नहीं मिला तो सोमवार को अशोक वार्ष्णेय और मोनू महाजन ने अपना निर्दलीय नामांकन करा दिया। इसी तरह नगर पंचायत वजीरगंज का हाल है। यहां से भी कई कार्यकर्ताओं ने बगावत शुरू कर दी है।
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नगर पंचायत गुलड़िया से प्रतिभा पटेल भाजपा से टिकट मांग रही थीं लेकिन भाजपा प्रत्याशी तारा देवी घोषित हुईं तो प्रतिभा पटेल ने सोमवार को निर्दलीय नामांकन करा दिया। उनका कहना है कि वह भाजपा से पिछले दस साल से जुड़ीं थीं। ककराला में भी एक भाजपा कार्यकर्ता असलम खां ने भाजपा प्रत्याशी मरगूब अहमद सोनी के विरोध में नामांकन कराया है।
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यह सब भाजपा में ही नहीं सपा में भी देखने को मिल रहा है। यहां शहर नगर पालिका परिषद से सपा से कई दावेदार चुनाव लड़ने की फिराक में थे। मामला ऐसा अटका कि पार्टी ने केवल दो जगहों के अलावा किसी को टिकट नहीं दिया। परिणाम यह रहा कि सपा नेता फखरे अहमद शोबी, पूर्व विधायक आबिद रजा की पत्नी फात्मा रजा और इंदू सक्सेना ने अलग-अलग नामांकन कराए हैं।
दातागंज में भी सपा में बागी तेवर देखने को मिल रहे हैं। यहां से मुकेश शर्मा को सपा से टिकट मिला है लेकिन पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के बेटे अवनीश यादव और पूर्व चेयरमैन इशहाक ने भी अपना पर्चा दाखिल कर दिया है। कुछ और नगर पालिका और नगर पंचायतों का यह हाल है।
भाजपा नेता का आरोप- पार्टी ने टिकट बांटे नहीं बेचे, अब जंग का एलान
बदायूं। टिकट को लेकर सबसे ज्यादा खींचतान वजीरगज नगर पंचायत में देखने को मिली। यहां से टिकट की दावेदारी कर रहे भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय काफी दिनों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने संगीता वार्ष्णेय को प्रत्याशी बना दिया। सोमवार को राहुल वार्ष्णेय ने भी पार्टी से बगावत करते हुए अपनी पत्नी शंकुतला वार्ष्णेय का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में करा दिया।
राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने टिकट बांटे नहीं हैं बल्कि बेचे हैं। जिस दावेदार का नाम पैनल में ही नहीं गया, उसे प्रत्याशी बना दिया गया। भाजपा से प्रत्याशी घोषित की गई संगीता पिछले चुनाव में भाजपा के विरोध में चुनाव लड़ी थीं। उनके सगे देवर ने भी भाजपा के विरोध में चुनाव लड़ाया था। यहां तक कि उसने पार्टी के पोस्टर तक फाड़े थे। उन्होंने कहा कि जिसे प्रत्याशी बनाया गया वह न तो पार्टी का सक्रिय सदस्य है और न ही प्राथमिक सदस्य, फिर भी उन्हें टिकट दिया गया। कहा कि उन्होंने भी अब जंग का एलान कर दिया है। संवाद