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Budaun News: कोहरे में ट्रेन नहीं होंगी लेट, लगाईं फॉग सेफ डिवाइस
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बदायूं। घने कोहरे में ट्रेनें लेट होने की समस्या से यात्रियों को अब राहत मिलने वाली है। कारण, बदायूं से बरेली व कासगंज रूट पर चलने वाली सभी पैसेंजर और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में रेलवे ने फॉग सेफ डिवाइस लगा दी है। इस आधुनिक तकनीक के चलते अब ट्रेनों की रफ्तार कोहरे में भी प्रभावित नहीं होगी।
रेलवे इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक की तरफ से बताया गया है कि मंडल की सभी ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए 250 फॉग सेफ डिवाइस उपलब्ध कराई गईं हैं। यही सुविधा मालगाड़ियों में भी लागू कर दी गई है। यह जीपीएस आधारित तकनीक है, जो लोको पायलट को आगे आने वाले सिग्नलों की सटीक जानकारी समय से उपलब्ध कराती है।
अधिकारियों के अनुसार, सिग्नल पोस्टों पर ल्यूमिनस स्ट्रिप, सिग्नल साइटिंग बोर्ड पर लाइन मार्किंग और समपार गेटों पर बैरियरों में ल्यूमिनस स्ट्रिप लगाई गईं हैं। इससे घने कोहरे में भी लोको पायलट को दूर से ही सिग्नल की स्थिति व समपार गेट की लोकेशन स्पष्ट दिखाई देती रहेगी।
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25 किलोमीटर प्रतिघंटा बढ़ेगी गति
फॉग सेफ डिवाइस के उपयोग से पहले कोहरे में ट्रेनों की अधिकतम अनुमेय गति 50 किमी प्रतिघंटा थी, लेकिन डिवाइस लगने के बाद अब ट्रेनें 75 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से चल सकेंगी। यानी स्पीड में 25 किमी प्रतिघंटा की बढ़ोतरी होगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और लेट होने की समस्या समाप्त होगी। इसके साथ ही अब रेलवे को कोहरे के दौरान फॉग सिग्नलमैन तैनात करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। सभी लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को इस डिवाइस की ऑपरेटिंग की ट्रेनिंग दे दी गई है।
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रेलवे इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक की तरफ से बताया गया है कि मंडल की सभी ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए 250 फॉग सेफ डिवाइस उपलब्ध कराई गईं हैं। यही सुविधा मालगाड़ियों में भी लागू कर दी गई है। यह जीपीएस आधारित तकनीक है, जो लोको पायलट को आगे आने वाले सिग्नलों की सटीक जानकारी समय से उपलब्ध कराती है।
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अधिकारियों के अनुसार, सिग्नल पोस्टों पर ल्यूमिनस स्ट्रिप, सिग्नल साइटिंग बोर्ड पर लाइन मार्किंग और समपार गेटों पर बैरियरों में ल्यूमिनस स्ट्रिप लगाई गईं हैं। इससे घने कोहरे में भी लोको पायलट को दूर से ही सिग्नल की स्थिति व समपार गेट की लोकेशन स्पष्ट दिखाई देती रहेगी।
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25 किलोमीटर प्रतिघंटा बढ़ेगी गति
फॉग सेफ डिवाइस के उपयोग से पहले कोहरे में ट्रेनों की अधिकतम अनुमेय गति 50 किमी प्रतिघंटा थी, लेकिन डिवाइस लगने के बाद अब ट्रेनें 75 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से चल सकेंगी। यानी स्पीड में 25 किमी प्रतिघंटा की बढ़ोतरी होगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और लेट होने की समस्या समाप्त होगी। इसके साथ ही अब रेलवे को कोहरे के दौरान फॉग सिग्नलमैन तैनात करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। सभी लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को इस डिवाइस की ऑपरेटिंग की ट्रेनिंग दे दी गई है।