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गंगा के जलस्तर में हुआ कुछ और इजाफा, बढ़ने लगा खतरा
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से उसहैत बांध तक पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बृहस्पतिवार के मुकाबले गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को .28 मीटर का इजाफा हुआ है। शुक्रवार को गंगा में हरिद्वार से 29724, बिजनौर से 35781 और नरौरा बैराज से 13355 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बिजनौर से छोड़ा गया पानी भी अगले चौबीस घंटे में कछला तक पहुंच जाएगा। इसके साथ जलस्तर में और इजाफा होगा। जलस्तर में इजाफा होने के साथ कई स्थानों पर कटान भी हो रहा है।
गंगा में मीटरगेज पर खतरे का निशान 165.20 मीटर है। बृहस्पतिवार को मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 160.70 मीटर था जो शुक्रवार को बढ़कर 160.98 मीटर हो गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण उसहैत, उसावां और गंगा-महावा बांध के किनारों पर कटान होने से इन तीनों तटबंधों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है। हालांकि, तटबंध सुरक्षित हैं। बाढ़ खंड की ओर से तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। ईसमपुर, चंदनपुर-हुुसैनपुर, नगला अजमेरी और जोरी नगला तटबंधों पर स्थिति सामान्य है। सबसे ज्यादा कटान का खतरा दातागंज तहसील के गांवों में है। दातागंज के साथ सहसवान तहसील की बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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मानसून सक्रिय होने के साथ बढ़ सकती हैं मुश्किल
मानसून सक्रिय होने के साथ गंगा के साथ रामगंगा में भी उफान आने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में अभी मानसून पूरी तरह से सक्रिय होना बाकी है। हालांकि, यहां मानसून तो पहुंच गया था लेकिन बाद में ठिठक गया। मानसून पूरी तरह से सक्रिय न होने के बावजूद हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा से लगातार गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है और गंगा के जलस्तर में भी इजाफा हो रहा है। अगले दो से तीन दिन में एक बार फिर से बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
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गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को कुछ और इजाफा हुआ है। शुक्रवार को मीटरगेज पर जल स्तर 160.98 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच उसहैत, उसावां और गंगा-महावा बांधों को संवेदनशील घोषित किया गया है। हालांकि हालात अभी सामान्य हैं। ज्यादा कटान नहीं हो रहा है।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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गंगा में मीटरगेज पर खतरे का निशान 165.20 मीटर है। बृहस्पतिवार को मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 160.70 मीटर था जो शुक्रवार को बढ़कर 160.98 मीटर हो गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण उसहैत, उसावां और गंगा-महावा बांध के किनारों पर कटान होने से इन तीनों तटबंधों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है। हालांकि, तटबंध सुरक्षित हैं। बाढ़ खंड की ओर से तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। ईसमपुर, चंदनपुर-हुुसैनपुर, नगला अजमेरी और जोरी नगला तटबंधों पर स्थिति सामान्य है। सबसे ज्यादा कटान का खतरा दातागंज तहसील के गांवों में है। दातागंज के साथ सहसवान तहसील की बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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मानसून सक्रिय होने के साथ बढ़ सकती हैं मुश्किल
मानसून सक्रिय होने के साथ गंगा के साथ रामगंगा में भी उफान आने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में अभी मानसून पूरी तरह से सक्रिय होना बाकी है। हालांकि, यहां मानसून तो पहुंच गया था लेकिन बाद में ठिठक गया। मानसून पूरी तरह से सक्रिय न होने के बावजूद हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा से लगातार गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है और गंगा के जलस्तर में भी इजाफा हो रहा है। अगले दो से तीन दिन में एक बार फिर से बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
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गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को कुछ और इजाफा हुआ है। शुक्रवार को मीटरगेज पर जल स्तर 160.98 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच उसहैत, उसावां और गंगा-महावा बांधों को संवेदनशील घोषित किया गया है। हालांकि हालात अभी सामान्य हैं। ज्यादा कटान नहीं हो रहा है।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड