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चार ब्लाकों में फ्लॉप हो गया नियमित टीकाकरण
badaun
Updated Sat, 07 Mar 2015 07:59 PM IST
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स्वास्थ्य महकमे के आंकड़े विभाग की पोल खोल रहे हैं। नियमित टीकाकरण में लापरवाही की गवाही दे रहे इन आंकड़ों से विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। अक्तूबर 2014 से फरवरी 2015 के दरमियान पांच महीने में तीन ब्लाकों में टीकाकरण के नाम पर शून्य प्रगति खुद सेहत महकमा स्वीकार करता है। दहगवां, बिसौली, सहसवान और उझानी में नियमित टीकाकरण लॉप हो गया है। कई ब्लाक ऐसे हैं जहां अभियान की प्रगति सिर्फ एक से पांच प्रतिशत रही है।
बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए पांच साल की आयु में डीटीपी का टीका लगाया जाता है। यह टीका बच्चों को डिसफीरिया, टिटनेस और परप्यूसिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाता है। स्वास्थ्य विभाग को जिले में पांच साल के 72,642 बच्चों को टीके लगाने का लक्ष्य मिला था। अक्तूबर 2014 से मार्च 2015 के बीच टीकाकरण की प्रगति पर नजर डालें तो स्थिति बेहद निराशाजनक है। जिले के 15 ब्लाक और चार नगरीय क्षेत्रों की स्थिति से नियमित टीकाकरण दावों की पोल खुल रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े खुद तस्दीक करते हैं कि चार ब्लाकों में नियमित टीकाकरण पूरी तरह से फ्लॉप हो गया है जबकि सहसवान नगर, सहसवान ब्लाक और उझानी नगर में प्रगति सिर्फ एक-एक फीसदी है। ऐसे में सवाल उठता है कि बीमारियों से नौनिहालों की हिफाजत कैसे होगी। स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों की बाजीगरी में लगा हुआ है। नौनिहालों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
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वर्जन-
कुछ ब्लाकों में प्रगति काफी खराब है। जहां प्रगति खराब रही है उन ब्लाकों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. डीके सक्सेना, सीएमओ
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बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए पांच साल की आयु में डीटीपी का टीका लगाया जाता है। यह टीका बच्चों को डिसफीरिया, टिटनेस और परप्यूसिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाता है। स्वास्थ्य विभाग को जिले में पांच साल के 72,642 बच्चों को टीके लगाने का लक्ष्य मिला था। अक्तूबर 2014 से मार्च 2015 के बीच टीकाकरण की प्रगति पर नजर डालें तो स्थिति बेहद निराशाजनक है। जिले के 15 ब्लाक और चार नगरीय क्षेत्रों की स्थिति से नियमित टीकाकरण दावों की पोल खुल रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े खुद तस्दीक करते हैं कि चार ब्लाकों में नियमित टीकाकरण पूरी तरह से फ्लॉप हो गया है जबकि सहसवान नगर, सहसवान ब्लाक और उझानी नगर में प्रगति सिर्फ एक-एक फीसदी है। ऐसे में सवाल उठता है कि बीमारियों से नौनिहालों की हिफाजत कैसे होगी। स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों की बाजीगरी में लगा हुआ है। नौनिहालों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
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कुछ ब्लाकों में प्रगति काफी खराब है। जहां प्रगति खराब रही है उन ब्लाकों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. डीके सक्सेना, सीएमओ