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विभीषिकाः 20 गांवों में दुश्वारियों की बाढ़

Wed, 19 Oct 2022 01:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 01:17 AM IST
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Flood of miseries in 20 villages
दातागंज में हर्रामपुर रोड पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद - फोटो : BADAUN
दातागंज। पिछले सप्ताह रामगंगा में अचानक उफान के बाद दातागंज क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी तो कम हो गया है, लेकिन दुश्वारियां अब भी कम नहीं हुई हैं। करीब 20 गांवों का संपर्क अब भी तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है। पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के करीब 15 गांव भी प्रभावित हैं। अरिल पर बने बक्सेना और गढ़िया छवि रपटा पुलों पर यातायात शुरू नहीं हो सका है। दातागंज से शाहजहांपुर जाने वाले बाया हजरतपुर और बाया जैतीपुर मार्ग भी बाढ़ में क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद हैं।
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बाढ़ के सीजन रामगंगा लगभग शांत रही, लेकिन अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में नदी में अचानक उफान आ गया। सड़कें कटने, पुलिया क्षतिग्रस्त होने के साथ सैकड़ों बीघा फसलें भी बर्बाद हो गईं। प्रशासन भले ही बाढ़ प्रभावित गांवों तक मदद पहुंचाने की बात कह रहा हो, लेकिन ज्यादातर गांवों में अब भी मदद की दरकार है।
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बाढ़ चौकी हजरतपुर और नगरिया खनू के गांव नवादा बदन, उदय भान नगला, नगला नवाब सिंह, नगला भगवान सिंह, मौजमपुर, दाल सिंह नगला, ऊधो नगला, जलेबी नगला, नगला सुखपाल सिंह, नगला देवेंद्र सिंह, लालपुर आदि गांवों में पानी सूख गया है, लेकिन आवागमन के लिए रास्ते नहीं खुल सके हैं। शेरपुर और हर्रामपुर के पास अब भी बाढ़ का पानी भरा है। ग्रामीण आवागमन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा ले रहे हैं।
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पुआल नष्ट, घास जहरीली, पशुओं के लिए चारे का संकट
बाढ़ और बारिश के कारण इस बार धान की फसल बर्बाद हो गई है। सर्दियों के सीजन में धान की फसल से मिलने वाले पुआल का प्रयोग किसान पशुओं के चारे के रूप में करते हैं। इस बार किसानों को धान की फसल से पुआल नहीं मिलेगा। किसानों का कहना है बाढ़ और कीचड़ के कारण चरागाहों में घास भी जहरीली होने लगी है। पशुओं में खुरपका और मुंहपका जैसी बीमारियां फैलने का खतरा है।
ट्रैक्टर के ट्यूब और डनलप पर चारपाई से लाए प्रसूताओं को
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पा रही हैं। शेरपुर के गांव के मनीष ने बताया कि 14 अक्तूबर को उसकी गर्भवती पत्नी वंदना को प्रसव पीड़ा हुई तो वह उसे गांव से हजरतपुर सीएचसी तक ट्रैक्टर के ट्यूबों में हवा भरने के बाद उस पर चारपाई बांधकर लाया। हर्रामपुर के गुड्डू 12 अक्तूबर को अपनी पत्नी ओमवती को डनलप से हजरतपुर सीएचसी ले गया।

बाढ़ का पानी उतर गया है। कुछ स्थानों पर पानी भरा हुआ है। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य, मलेरिया और पशुपालन विभाग की टीमों को लगाया गया है। कुछ स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। गड्ढों में पानी भरा है। खाने-पीने के सामानों की कोई समस्या नहीं है। अगर किसी को कोई समस्या हो तो वह सूचना दे सकता है, तत्काल मदद मुहैया कराई जाएगी। - राम शिरोमणि, एसडीएम सदर।

दातागंज के कांसी गांव में सड़ रही खेतों में पड़ी गेहूं की फसल। संवाद

दातागंज के कांसी गांव में सड़ रही खेतों में पड़ी गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : BADAUN

 

दातागंज में नगरिया खनू-कुढरा मजरा मार्ग पर गड्ढे और कीचड़। संवाद

दातागंज में नगरिया खनू-कुढरा मजरा मार्ग पर गड्ढे और कीचड़। संवाद- फोटो : BADAUN

 

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