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Budaun News: सोमवती अमावस्या पर गंगा घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
Tue, 31 Dec 2024 01:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 31 Dec 2024 01:08 AM IST
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कछला में सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : mathura
उझानी/कछला। पूस महीने की सोमवती अमावस्या पर गंगाघाट आस्था से सराबोर रहा। कड़ाके की ठंड में भी हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर घाट पर ही पूजा-अर्चना की। सबसे ज्यादा भीड़ कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर नजर आई।
सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला सोमवार तड़के से ही शुरू हो गया। सुबह नौ बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ तो घाट हर-हर गंगे से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया, फिर मंत्रोच्चार कर पूजन किया। कई श्रद्धालुओं ने पुरोहितों से भी पूजन कराया। गंगा स्नान का दौर दोपहर बाद तक चला। हालांकि, सुबह में ठंड अधिक थी, फिर भी बदायूं जिले समेत आसपास इलाके से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई थी। कई दुकानदारों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों के आसपास अलाव जलवा रखे थे। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने चाट-पकौड़ी समेत खानपान की अन्य वस्तुओं का भी लुत्फ उठाया। महिलाओं ने मीना बाजार में शृंगार के सामान की खरीदारी की। गंगा किनारे के आश्रमों में दोपहर बाद तक संकीर्तन चला। इसके अलावा दोनों कुष्ठ आश्रम में श्रद्धालुओं ने लोगों को भोजन कराया।
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बड़ी संख्या में आते हैं राजस्थान के श्रद्धालु
सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने का राजस्थान के लोगों में भी खास महत्व है। राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर समेत कई और जिलों से श्रद्धालु एक दिन पहले ही गंगाघाट पर आना शुरू हो जाते हैं। वह शूकर क्षेत्र सोरों में भी पूजन करते हैं, लेकिन गंगा स्नान को ज्यादा वरीयता देते हैं। राजस्थान के श्रद्धालुओं में जयवेंद्र ने बताया कि वह अपने परिवार के लोगों को भी स्नान कराने लाए हैं।
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सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला सोमवार तड़के से ही शुरू हो गया। सुबह नौ बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ तो घाट हर-हर गंगे से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया, फिर मंत्रोच्चार कर पूजन किया। कई श्रद्धालुओं ने पुरोहितों से भी पूजन कराया। गंगा स्नान का दौर दोपहर बाद तक चला। हालांकि, सुबह में ठंड अधिक थी, फिर भी बदायूं जिले समेत आसपास इलाके से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई थी। कई दुकानदारों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों के आसपास अलाव जलवा रखे थे। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने चाट-पकौड़ी समेत खानपान की अन्य वस्तुओं का भी लुत्फ उठाया। महिलाओं ने मीना बाजार में शृंगार के सामान की खरीदारी की। गंगा किनारे के आश्रमों में दोपहर बाद तक संकीर्तन चला। इसके अलावा दोनों कुष्ठ आश्रम में श्रद्धालुओं ने लोगों को भोजन कराया।
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बड़ी संख्या में आते हैं राजस्थान के श्रद्धालु
सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने का राजस्थान के लोगों में भी खास महत्व है। राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर समेत कई और जिलों से श्रद्धालु एक दिन पहले ही गंगाघाट पर आना शुरू हो जाते हैं। वह शूकर क्षेत्र सोरों में भी पूजन करते हैं, लेकिन गंगा स्नान को ज्यादा वरीयता देते हैं। राजस्थान के श्रद्धालुओं में जयवेंद्र ने बताया कि वह अपने परिवार के लोगों को भी स्नान कराने लाए हैं।

रूबीना।- फोटो : mathura