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Budaun News: बाढ़ का कहरः छह कच्चे मकान पानी में समाए
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कउआ नगला गांव में भरा बाढ़ का पानी।
-गनियाई गांव में भरा पानी, नाव बनी सहारा, दातागंज के जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, कमलू नगला गांव बने टापू
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं-कादरचौक। कौआ नगला, लल्सी नगला गांवों में बने कच्चे मकान अब बाढ़ की भेंट चढ़ना शुरू हो गए है, शुक्रवार को गांव में छह लोगों की मकान पानी में समा गए। यहां गनियाई गांव में अब भी पानी भरा हुआ है। साथ ही सभी मार्ग डूबे हुए हैं। ऐसे में लोग नाव के सहारे जिंदगी जीने के लिए मजबूर हैं। इधर, दातागंज के जता, प्रेमी नगला, जसवंत नगल, कमलू नगर समेत दो दर्जन गांवों में भी पानी भरा हुआ है।
जिले में बह रही गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को थोड़ा कम हुआ। ऐसे में ग्रामीणों ने थोड़ा राहत की सांस ली, लेकिन गांव में कई दिनों से पानी भरा होने की वजह से कौआ नगला के रामपाल, नेम सिंह, सुनील और लल्सी नगला के विधाराम, चंद्र पाल, सुखपाल के मकान गिर गए।
इधर, गनियाई गांव के चारों ओर अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है तो तहसील दातागंज के बेहटी, कमले नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, कमलू नगला टापू बने हुए हैं। वहीं कदम नगला, रैपुरा, ठाकुरी नगला के भी हाल खराब हैं।
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फोटो- 31
ग्रामीणों ने कहा-प्रशासन ने नहीं की मदद
गांव में पानी भरा हुआ है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई राहत सामग्री मुहैया नहीं कराई गई है। जो पहले से सामान है, उसी से काम चल रहा है।
-पुष्पेंद्र
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फोटो- 30
हर साल की तरह इस बार बाढ़ का कहर ज्यादा है, लेकिन अधिकारी इसको हल्के में ले रहे हैं। जिसकी वजह से ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहींं ले रहीं हैं।
-खुशीराम
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आसे नगला, गिरधारी नगला में भी भरा पानी
सहसवान। गंगा-महाबा तटबंध के पास बने गांवों में गंगा का पानी बढ़ जाने की वजह से आसे नगला, गिरधारी नगला गांवों में भी पानी भर गया है। वहीं परशुराम नगला, वीर सहाय नगला, खागी नगला में पहले से ही पानी भरा हुआ है। गांव में पानी भरने के साथ ही सड़कों पर भी पानी भरा है। जिसकी वजह से यह गांव पूरी तरह से टापूू में तब्दील हो चुके है।
प्रशासन की तरफ से इस गांव में आठ नाव लगाई गईं हैं, ताकि लोग आ-जा सकें, लेकिन अब इन लोगों के लिए आगे खाने-पीने का संकट खड़ा होने लगा है। एसडीएम प्रेमपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की मदद की जाएगी। उनको खाने के पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। संवाद
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ग्रामीणों को राहत शिविर के माध्यम से दी जानकारी
दातागंज। डीएम मनोज कुमार की अध्यक्षता में हररामपुर में राहत शिविर का आयोजन किया गया। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने लोगों को बताया कि गंगा किनारे न जाएं। प्रधान मुकेश ने कहा कि हररामपुर से हजरतपुर जाने वाले मार्ग पर सीसी राेड बनाया गया, जो बेहद नीचा है। उसके बनने से कोई फायदा नही है। साथ ही बताया कि मौजमपुर-गड़िया के पास पिछले साल जो पुलिया बनवाई गई थी, वह भी धंसने लगी है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं-कादरचौक। कौआ नगला, लल्सी नगला गांवों में बने कच्चे मकान अब बाढ़ की भेंट चढ़ना शुरू हो गए है, शुक्रवार को गांव में छह लोगों की मकान पानी में समा गए। यहां गनियाई गांव में अब भी पानी भरा हुआ है। साथ ही सभी मार्ग डूबे हुए हैं। ऐसे में लोग नाव के सहारे जिंदगी जीने के लिए मजबूर हैं। इधर, दातागंज के जता, प्रेमी नगला, जसवंत नगल, कमलू नगर समेत दो दर्जन गांवों में भी पानी भरा हुआ है।
जिले में बह रही गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को थोड़ा कम हुआ। ऐसे में ग्रामीणों ने थोड़ा राहत की सांस ली, लेकिन गांव में कई दिनों से पानी भरा होने की वजह से कौआ नगला के रामपाल, नेम सिंह, सुनील और लल्सी नगला के विधाराम, चंद्र पाल, सुखपाल के मकान गिर गए।
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इधर, गनियाई गांव के चारों ओर अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है तो तहसील दातागंज के बेहटी, कमले नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, कमलू नगला टापू बने हुए हैं। वहीं कदम नगला, रैपुरा, ठाकुरी नगला के भी हाल खराब हैं।
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फोटो- 31
ग्रामीणों ने कहा-प्रशासन ने नहीं की मदद
गांव में पानी भरा हुआ है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई राहत सामग्री मुहैया नहीं कराई गई है। जो पहले से सामान है, उसी से काम चल रहा है।
-पुष्पेंद्र
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फोटो- 30
हर साल की तरह इस बार बाढ़ का कहर ज्यादा है, लेकिन अधिकारी इसको हल्के में ले रहे हैं। जिसकी वजह से ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहींं ले रहीं हैं।
-खुशीराम
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आसे नगला, गिरधारी नगला में भी भरा पानी
सहसवान। गंगा-महाबा तटबंध के पास बने गांवों में गंगा का पानी बढ़ जाने की वजह से आसे नगला, गिरधारी नगला गांवों में भी पानी भर गया है। वहीं परशुराम नगला, वीर सहाय नगला, खागी नगला में पहले से ही पानी भरा हुआ है। गांव में पानी भरने के साथ ही सड़कों पर भी पानी भरा है। जिसकी वजह से यह गांव पूरी तरह से टापूू में तब्दील हो चुके है।
प्रशासन की तरफ से इस गांव में आठ नाव लगाई गईं हैं, ताकि लोग आ-जा सकें, लेकिन अब इन लोगों के लिए आगे खाने-पीने का संकट खड़ा होने लगा है। एसडीएम प्रेमपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की मदद की जाएगी। उनको खाने के पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। संवाद
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ग्रामीणों को राहत शिविर के माध्यम से दी जानकारी
दातागंज। डीएम मनोज कुमार की अध्यक्षता में हररामपुर में राहत शिविर का आयोजन किया गया। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने लोगों को बताया कि गंगा किनारे न जाएं। प्रधान मुकेश ने कहा कि हररामपुर से हजरतपुर जाने वाले मार्ग पर सीसी राेड बनाया गया, जो बेहद नीचा है। उसके बनने से कोई फायदा नही है। साथ ही बताया कि मौजमपुर-गड़िया के पास पिछले साल जो पुलिया बनवाई गई थी, वह भी धंसने लगी है। संवाद

कउआ नगला गांव में भरा बाढ़ का पानी।

कउआ नगला गांव में भरा बाढ़ का पानी।

कउआ नगला गांव में भरा बाढ़ का पानी।

कउआ नगला गांव में भरा बाढ़ का पानी।