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Budaun News: बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों ने पुल पर ली शरण
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बबलू।
सहसवान। गांव जटा और वीरसहाय नगला का रास्ता करीब सप्ताह भर से बंद है। अब लोगों के घरों में खाने के लिए एक दाना भी नहीं है। पशुओं के लिए भूसा नहीं है। दूसरे गांवों को जाने का रास्ता बंद है। बाजार भी नहीं जा सकते हैं। ऐसी शिकायत और परेशानी लगभग हर बाढ़ पीड़ित की है। हालांकि, प्रशासन और क्षेत्रीय नेता राहत सामग्री बांट रहे हैं लेकिन वह पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। कुछ ग्रामीणों छतों पर रुके हैं। वहीं कई ग्रामीणों ने पुल पर ठिकाना बना लिया है।
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घर में भरा पानी, छोड़ा गांव
- बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। जिनके घर ऊंचे स्थान पर हैं, वह अभी बचे हुए हैं। बाकी के सभी घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ऐसे में पुल पर अस्थाई आशियाना बना लिया है। बाढ़ के लिए अभी वही सुरक्षित स्थान है। - बबलू, तोफिया नगला
पशुओं को हो रही दिक्कत
बाढ़ आने से पशुओं को ज्यादा दिक्कत हो रही है। खेतों में में पानी भरने से चारा नष्ट हो गया है। भूसा भीग गया है। पशुओं का पेट भरना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की ओर से सूखी खाद्य सामग्री दी गई है। इसके अलावा भी घर के जरूरत की बहुत सी चीजें नहीं मिल रही है। -श्याम सिंह, वीरसहाय नगला
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छत पर बनाया आशियाना
घर में पानी घुसने पर परिवार सहित छत पर रह रहे हैं। खाने पीने का अधिकांश सामान पानी से खराब हो गया है। अन्य गांवों को जाने का रास्ता बंद हो जाने से भर पेट भोजन भी नहीं कर पा रहा है। प्रशासन ने एक बार सूखी सामग्री दी है। उसी से गुजारा किया जा रहा है। - करन सिंह, तोफिया नगला
जहरीले कीड़ों का सता रहा डर
छोटे बच्चों को जहरीले कीड़ों का डर है। लगातार सांप निकल रहे हैं। बच्चों को छत पर भी चारपाई से नीचे नहीं उतरने दिया जा रहा है। लगातार पानी बढ़ने से मुश्किलें बढ़ती ही जा रहीं हैं। - सूरज पाल, गिरधारी नगला
कोट,
- जो गांव बाढ़ से प्रभावित हैं उनकी निगरानी लगातार की जा रही है। राहत सामग्री वितरित की जा रही है। गांवों में स्वास्थ्य कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं। किसी को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। अगर किसी काे दिक्कत हो तो वह फोन से अपनी परेशानी बता सकता है। तत्काल समस्या का समाधान कराया जाएगा। - प्रेमपाल सिंह, एसडीएम सहसवान
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घर में भरा पानी, छोड़ा गांव
- बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। जिनके घर ऊंचे स्थान पर हैं, वह अभी बचे हुए हैं। बाकी के सभी घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ऐसे में पुल पर अस्थाई आशियाना बना लिया है। बाढ़ के लिए अभी वही सुरक्षित स्थान है। - बबलू, तोफिया नगला
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पशुओं को हो रही दिक्कत
बाढ़ आने से पशुओं को ज्यादा दिक्कत हो रही है। खेतों में में पानी भरने से चारा नष्ट हो गया है। भूसा भीग गया है। पशुओं का पेट भरना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की ओर से सूखी खाद्य सामग्री दी गई है। इसके अलावा भी घर के जरूरत की बहुत सी चीजें नहीं मिल रही है। -श्याम सिंह, वीरसहाय नगला
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छत पर बनाया आशियाना
घर में पानी घुसने पर परिवार सहित छत पर रह रहे हैं। खाने पीने का अधिकांश सामान पानी से खराब हो गया है। अन्य गांवों को जाने का रास्ता बंद हो जाने से भर पेट भोजन भी नहीं कर पा रहा है। प्रशासन ने एक बार सूखी सामग्री दी है। उसी से गुजारा किया जा रहा है। - करन सिंह, तोफिया नगला
जहरीले कीड़ों का सता रहा डर
छोटे बच्चों को जहरीले कीड़ों का डर है। लगातार सांप निकल रहे हैं। बच्चों को छत पर भी चारपाई से नीचे नहीं उतरने दिया जा रहा है। लगातार पानी बढ़ने से मुश्किलें बढ़ती ही जा रहीं हैं। - सूरज पाल, गिरधारी नगला
कोट,
- जो गांव बाढ़ से प्रभावित हैं उनकी निगरानी लगातार की जा रही है। राहत सामग्री वितरित की जा रही है। गांवों में स्वास्थ्य कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं। किसी को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। अगर किसी काे दिक्कत हो तो वह फोन से अपनी परेशानी बता सकता है। तत्काल समस्या का समाधान कराया जाएगा। - प्रेमपाल सिंह, एसडीएम सहसवान

बबलू।

बबलू।

बबलू।

बबलू।