बदायूं। गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर चल रहे श्रद्धा कौशल संवर्धन शिविर में रविवार को कई लोगों ने गुरु दीक्षा ली और बुराइयों का त्याग करने का संकल्प लिया। इस मौके पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ में विशेष आहुति दी गईं। अंतिम सत्र में युवाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए विदाई दी गई।
गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक सचिन देव ने मां गायत्री, युग ऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा, माता भगवती देवी शर्मा का पूजन कराकर गुरु दीक्षा प्रदान की। उन्होंने कहा कि गुरु कोई व्यक्ति नहीं बल्कि वह शक्ति है, जो शिष्य के उत्थान के लिए अपने जीवन का संपूर्ण तप लगा देती है। प्रातः कालीन सत्र में रामचंद्र प्रजापति ने योगासन, प्राणायाम और विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास कराया। शिवंवदा सिंह और पूनम ने पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि यज्ञ न केवल वातावरण को शुद्ध करता है बल्कि श्रेष्ठ चिंतन और सद्भाव का जागरण करता है।उपजोन समन्वयक बरेली अजय वीर सिंह यादव और जिला समन्वयक नरेंद्र पाल शर्मा ने युवा टोलियों के गठन कर सद्विचार, नशामुक्ति और सामाजिक सुधार का संदेश जनमानस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्रनाथ शर्मा ने कहा कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि यह शिविर युवाओं को उत्कृष्ट, महान और समाज उपयोगी व्यक्तित्व गढ़ने का मार्ग भी दिखाता है।प्रज्ञा मंडल के भवेश शर्मा और पंकज कुमार ने प्रज्ञा गीत गाए। सुखपाल शर्मा, कालीचरण पटेल, संजीव कुमार, ब्रजकिशोर, जगदीश, मनोज मिश्रा, रजनी कुमारी आदि मौजूद रहे।