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हवन-पूजन के बाद कराया कन्या भोज
बदायूं।
Updated Fri, 27 Mar 2015 11:59 PM IST
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दुर्गा अष्टमी पर घर-घर हवन पूजन के बाद कन्या भोज करा कर देवी शक्ति का आह्वान किया गया। मंदिरों में दिन भर भक्तों की भीड़ रही। नवरात्र के आठवें दिन दुर्गा के महागौरी स्वरूप के पूजन का विधान है।
वेद पुराणों में कहा गया है कि अष्टमी और नवमी के दिन हवन-पूजन के बाद कन्या भोज कराने से देवी शक्ति की कृपा होती है। मान्यता है कि महागौरी धन-संपदा, सौंदर्य की देवी हैं। नवरात्र के आठवें दिन इनके पूजन की विशेष मान्यता है। 18 गुणों की प्रतीक महागौरी अष्टांग योग की अधिष्ठात्री हैं। शुक्रवार को मंदिरों में देवी दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। शाम को देवी की विशेष आरती के साथ शृंगार हुआ। मंदिरों और घरों में देवी के छंद गाए गए।
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वेद पुराणों में कहा गया है कि अष्टमी और नवमी के दिन हवन-पूजन के बाद कन्या भोज कराने से देवी शक्ति की कृपा होती है। मान्यता है कि महागौरी धन-संपदा, सौंदर्य की देवी हैं। नवरात्र के आठवें दिन इनके पूजन की विशेष मान्यता है। 18 गुणों की प्रतीक महागौरी अष्टांग योग की अधिष्ठात्री हैं। शुक्रवार को मंदिरों में देवी दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। शाम को देवी की विशेष आरती के साथ शृंगार हुआ। मंदिरों और घरों में देवी के छंद गाए गए।
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