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लेखपाल भर्ती परीक्षा में बड़ी चूक!
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Sun, 13 Sep 2015 11:59 PM IST
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क्या है आठ नंबर पर परीक्षा निर्देश
कार्यरत निरीक्षक को अपना उत्तर पत्र दिए बिना परीक्षार्थी परीक्षा हाल नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी परीक्षार्थी ने हाजिरी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान नहीं लगाया तो यह माना जाएगा कि उसने उत्तर पत्र नहीं लौटाया है और यह अनुचित साधन का मामला माना जाएगा।
कार्यरत निरीक्षक को अपना उत्तर पत्र देते समय परीक्षार्थी अपने बाएं हाथ के अंगूठे का निशान हाजिरी पत्र में दिए गए स्थान पर अवश्य लगाएं।
प्रशासन को परीक्षा कराए जाने को लेकर जो दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं, उनमें अंगूठा लगाए जाने संबंधित निर्देश का कोई जिक्र नहीं है। निर्देशों के अनुसार ही परीक्षा कराई गई है।
- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
परीक्षा के पहले और बाद में दौड़ती रहीं परीक्षार्थियों की बाइकें
शहर में लेखपाल परीक्षा के मद्देनजर रौनक रही। परीक्षा के पहले और बाद में बेरोजगार नवयुवकों की बाइकें सड़कों पर दौड़ती रहीं। बाजार के होटल, ढाबों पर खूब बिक्री हुई। लेखपाल भर्ती में अधिकतर परीक्षार्थी अपनी-अपनी बाइकों से ही आए थे। हालांकि बसों के लिए प्रशासन ने बेहद चुस्त व्यवस्था की थी।
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सेकेंड मीटिंग के परीक्षार्थी ने हथियाई उत्तर पुस्तिका
उत्तर पुस्तिका सील कर भगाया, सेंकेंड मीटिंग में भी नहीं बैठने दिया
बदायूं। लेखपाल भर्ती परीक्षा में भारी निगरानी के बीच गिंदो देवी महिला महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी सेकेंड मीटिंग की जगह फर्स्ट मीटिंग की परीक्षा में प्रवेश पा गया। सुरक्षा बंदोबस्तों के बीच तो वह प्रवेश पा ही गया, निरीक्षकों से भी कहीं न कहीं चूक हो गई। जब तक ध्यान गया तब तक वह उत्तर पत्र ले चुका था। इसे लेकर परीक्षा कक्ष में काफी हंगामा रहा। कुछ लोग तो इसे मुन्ना भाई मानने लगे। चर्चा बाहर तक पहुंची तो एसडीएम सदर प्रदीप यादव भी पहुंच गए। बताते हैं कि उन्होंने परीक्षा पत्र को सील करवाया और परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से यह कहकर बाहर निकलवा दिया कि वह सेकेंड मीटिंग में परीक्षा देने न घुस पाए। इसे लेकर परीक्षा केंद्र पर तरह-तरह चर्चाएं व्याप्त रहीं। बाद में उसे सेंकेंड मीटिंग में भी परीक्षा नहीं देने दी गई। इस संबंध में एसडीएम सदर से फोन से संपर्क किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं कार्यवाहक प्राचार्य गार्गी बुलबुल ने इस बात की पुष्टि की। कहा वह विलंब से आने के कारण हड़बड़ी में प्रवेश पा गया। इसे दी गई उत्तर पत्रिका वापस ले ली गई।
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कार्यरत निरीक्षक को अपना उत्तर पत्र दिए बिना परीक्षार्थी परीक्षा हाल नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी परीक्षार्थी ने हाजिरी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान नहीं लगाया तो यह माना जाएगा कि उसने उत्तर पत्र नहीं लौटाया है और यह अनुचित साधन का मामला माना जाएगा।
कार्यरत निरीक्षक को अपना उत्तर पत्र देते समय परीक्षार्थी अपने बाएं हाथ के अंगूठे का निशान हाजिरी पत्र में दिए गए स्थान पर अवश्य लगाएं।
प्रशासन को परीक्षा कराए जाने को लेकर जो दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं, उनमें अंगूठा लगाए जाने संबंधित निर्देश का कोई जिक्र नहीं है। निर्देशों के अनुसार ही परीक्षा कराई गई है।
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- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
परीक्षा के पहले और बाद में दौड़ती रहीं परीक्षार्थियों की बाइकें
शहर में लेखपाल परीक्षा के मद्देनजर रौनक रही। परीक्षा के पहले और बाद में बेरोजगार नवयुवकों की बाइकें सड़कों पर दौड़ती रहीं। बाजार के होटल, ढाबों पर खूब बिक्री हुई। लेखपाल भर्ती में अधिकतर परीक्षार्थी अपनी-अपनी बाइकों से ही आए थे। हालांकि बसों के लिए प्रशासन ने बेहद चुस्त व्यवस्था की थी।
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सेकेंड मीटिंग के परीक्षार्थी ने हथियाई उत्तर पुस्तिका
उत्तर पुस्तिका सील कर भगाया, सेंकेंड मीटिंग में भी नहीं बैठने दिया
बदायूं। लेखपाल भर्ती परीक्षा में भारी निगरानी के बीच गिंदो देवी महिला महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी सेकेंड मीटिंग की जगह फर्स्ट मीटिंग की परीक्षा में प्रवेश पा गया। सुरक्षा बंदोबस्तों के बीच तो वह प्रवेश पा ही गया, निरीक्षकों से भी कहीं न कहीं चूक हो गई। जब तक ध्यान गया तब तक वह उत्तर पत्र ले चुका था। इसे लेकर परीक्षा कक्ष में काफी हंगामा रहा। कुछ लोग तो इसे मुन्ना भाई मानने लगे। चर्चा बाहर तक पहुंची तो एसडीएम सदर प्रदीप यादव भी पहुंच गए। बताते हैं कि उन्होंने परीक्षा पत्र को सील करवाया और परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से यह कहकर बाहर निकलवा दिया कि वह सेकेंड मीटिंग में परीक्षा देने न घुस पाए। इसे लेकर परीक्षा केंद्र पर तरह-तरह चर्चाएं व्याप्त रहीं। बाद में उसे सेंकेंड मीटिंग में भी परीक्षा नहीं देने दी गई। इस संबंध में एसडीएम सदर से फोन से संपर्क किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं कार्यवाहक प्राचार्य गार्गी बुलबुल ने इस बात की पुष्टि की। कहा वह विलंब से आने के कारण हड़बड़ी में प्रवेश पा गया। इसे दी गई उत्तर पत्रिका वापस ले ली गई।