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Budaun News: किसानों को छुट्टा पशुओं से मिलेगी निजात, जान का खतरा होगा कम
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कुंवरगांव में सड़क पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद
- फोटो : mathura
बदायूं। यूपी सरकार द्वारा जारी बजट में छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। योजना धरातल पर उतरे तो किसानों को असली राहत मिलेगी। इससे जहां उनकी जान सुरक्षित होगी, वहीं उन्हें फसलों की रखवाली करने से भी मुक्ति मिलेगी। इससे किसान समृद्ध होंगे। मौजूदा बजट में सरकार ने इस पर ज्यादा जोर दिया है।
एक अनुमान के तहत शहर से लेकर देहात व हाईवे तक करीब आठ से दस हजार गोवंशीय पशु घूम रहे हैं। यह हाल तब है जबकि जिले में 280 अस्थायी गोशालाएं हैं। इनमें 29,760 गोवंशीय पशु रह रहे हैं। किसान लगातार धरना-प्रदर्शन करते आ रहे हैं। शासन तक मामले पहुंचे तो सरकार ने इस ओर ध्यान दिया। किसानों को राहत देते हुए बजट में इसको शामिल किया है।
सरकार ने इस बजट में छुट्टा पशुओं के रखरखाव पर 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे जिले को मिलने वाली धनराशि छुट्टा पशुओं को संरक्षित कर उनकी देखरेख, रखरखाव पर खर्च की जाएगी। इसी के साथ ही 140 कराेड़ रुपये गोआश्रय स्थल बनाने के लिए भी बजट मिला है। मौजूदा बजट में सरकार ने इस पर ज्यादा जोर दिया है।
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जिले में कान्हा गोशालाओं का निर्माण होगा। स्थायी व अस्थायी गोशालाओं को खोलने का प्रावधान किया गया है। इससे सड़कों पर घूम रहे छुट्टा गोवंशो को गोशालाओं में भेजा जा सकेगा।
एक साल में 20 से अधिक लोगों की छुट्टा गोवंश ले चुके हैं जान
जिले में 2024 के बजट में भी छुट्टा पशुओं को लेकर प्रावधान किया गया था, लेकिन धरातल पर काम नहीं हो सका। इससे छुट्टा गोवंश सड़कों से लेकर गांवों तक में घूमते रहे और लोगों पर हमलावर होते रहे। साल भर में करीब 20 लोगों की जान इन छुट्टा पशुओं की वजह से चली गई। अगर बजट का सही से उपयोग कर शासन की मंशा के अनुरूप बजट खपाया जाता तो लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती। इसके लिए बजट में प्रमुखता से लिया गया है।
रात भर जागकर रखानी नहीं पड़ेंगी फसलें
किसानों को रात में जागकर फसलों की रखवाली न करनी पड़े इसके लिए बजट में छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने की योजना पर बजट खपाया जाएगा। किसानों को फसलों की रखवाली की चिंता भी दूर हो जाएगी, अगर बजट को सही से धरातल पर लागू किया जा सके।
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एक अनुमान के तहत शहर से लेकर देहात व हाईवे तक करीब आठ से दस हजार गोवंशीय पशु घूम रहे हैं। यह हाल तब है जबकि जिले में 280 अस्थायी गोशालाएं हैं। इनमें 29,760 गोवंशीय पशु रह रहे हैं। किसान लगातार धरना-प्रदर्शन करते आ रहे हैं। शासन तक मामले पहुंचे तो सरकार ने इस ओर ध्यान दिया। किसानों को राहत देते हुए बजट में इसको शामिल किया है।
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सरकार ने इस बजट में छुट्टा पशुओं के रखरखाव पर 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे जिले को मिलने वाली धनराशि छुट्टा पशुओं को संरक्षित कर उनकी देखरेख, रखरखाव पर खर्च की जाएगी। इसी के साथ ही 140 कराेड़ रुपये गोआश्रय स्थल बनाने के लिए भी बजट मिला है। मौजूदा बजट में सरकार ने इस पर ज्यादा जोर दिया है।
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जिले में कान्हा गोशालाओं का निर्माण होगा। स्थायी व अस्थायी गोशालाओं को खोलने का प्रावधान किया गया है। इससे सड़कों पर घूम रहे छुट्टा गोवंशो को गोशालाओं में भेजा जा सकेगा।
एक साल में 20 से अधिक लोगों की छुट्टा गोवंश ले चुके हैं जान
जिले में 2024 के बजट में भी छुट्टा पशुओं को लेकर प्रावधान किया गया था, लेकिन धरातल पर काम नहीं हो सका। इससे छुट्टा गोवंश सड़कों से लेकर गांवों तक में घूमते रहे और लोगों पर हमलावर होते रहे। साल भर में करीब 20 लोगों की जान इन छुट्टा पशुओं की वजह से चली गई। अगर बजट का सही से उपयोग कर शासन की मंशा के अनुरूप बजट खपाया जाता तो लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती। इसके लिए बजट में प्रमुखता से लिया गया है।
रात भर जागकर रखानी नहीं पड़ेंगी फसलें
किसानों को रात में जागकर फसलों की रखवाली न करनी पड़े इसके लिए बजट में छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने की योजना पर बजट खपाया जाएगा। किसानों को फसलों की रखवाली की चिंता भी दूर हो जाएगी, अगर बजट को सही से धरातल पर लागू किया जा सके।