फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   farmers were made aware to farming according to the agricultural climate in kisan mela budaun

Budaun News: कृषि जलवायु के अनुरूप करें खेती, अच्छी होगी पैदावार, किसानों को किया गया जागरूक

Mon, 03 Mar 2025 04:14 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 03 Mar 2025 04:14 PM IST
सार

बदायूं के कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में सोमवार को मध्य पश्चिमी परिक्षेत्र का किसान मेला लगा। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया।

विज्ञापन
farmers were made aware to farming according to the agricultural climate in kisan mela budaun
बदायूं में लगा एग्रो क्लाइमेट किसान मेला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं में कृषि सूचना तंत्र सुदृढ़ीकरण कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत एग्रो क्लाइमेट किसान मेला में जुटे किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती कर पैदावार बढ़ाने की सलाह दी गई। कृषि जलवायु के बीज की नई प्रजातियों की बोआई से लेकर उनकी सिंचाई और उर्वरक के इस्तेमाल के समय के बारे में भी अवगत कराया गया।

विज्ञापन


कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में मध्य पश्चिमी परिक्षेत्र का किसान मेला सोमवार पूर्वाह्न शुरू हुआ। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया। कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जो योजनाएं शुरू की हैं, किसानों को उनका फायदा भी मिल रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री वर्मा ने किसानों से संवाद भी किया। वह इफ्को, गन्ना विभाग, कृषि रक्षा विभाग और यूपी डॉस्प की ओर से किसानों को जागरूक करने के लिए लगे स्टॉल पर भी पहुंचे। समूह की महिलाओं ने भी सिलाई- कढ़ाई से होने वाले फायदों पर चर्चा की।
विज्ञापन


जलवायु के अनुरूप करनी चाहिए खेती 
इससे पहले संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने एग्रो क्लाइमेट के बारे में किसानों को समझाया। कहा कि जलवायु के अनुरूप खेती करने का समय आ गया है। किसानों को उसी के अनुसार खेती करनी चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. फैज मोहसिन और डॉ. सौहार्द दुबे ने कृषि जलवायु के हिसाब से खेती करने के फायदे गिनाए। कहा कि उड़द, मूंग और तिल की बोआई जायद की फसलों के समय में होनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जायद की फसलों की बोआई का टीक समय फरवरी महीना में होता है। पहले उड़द, मूंग और तिल की बोआई जून महीना में होती थी। उस समय इन फसलों में कीट लगने का अंदेशा ज्यादा रहता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रोशन कुमार, उप निदेशक कृषि डॉ. मनोज कुमार और जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार ने भी किसानों को वैज्ञानिक तौर- तरीके से खेती के बारे में अवगत कराया। 

मेला में जुटे मध्य पश्चिमी परिक्षेत्र के पांच जिलों के किसान
किसान मेला में मध्य पश्चिमी परिक्षेत्र के बदायूं, शाहजहांपुर, बरेली, सीतापुर, अमरोहा और संभल जिले के सैकड़ों किसान आए। कृषि विभाग ने मध्य पश्चिमी परिक्षेत्र में इन्हीं जिलों को शामिल किया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सौहार्द दुबे बताते हैं कि कृषि जलवायु में जो परिवर्तन देखने को मिला है, उसके अनुरूप किसानों को समझाने के लिए आयोजन किया गया है। किसानों को मेला का पूरा फायदा मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed