{"_id":"68a785de08c3aba21c09b236","slug":"farmers-should-move-towards-organic-and-natural-farming-ramakant-badaun-news-c-123-1-sbly1018-145523-2025-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हों किसान : रमाकांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हों किसान : रमाकांत
विज्ञापन
बदायूं। गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने गो-संरक्षण व संवर्धन की जिला स्तरीय अनुसंधान मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को गोवंशों की चिंता करने के निर्देश दिए। कहा कि गोवंशों के संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क पर कोई निराश्रित गोवंश नजर नहीं आना चाहिए।
अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गोबर व गोमूत्र बहुमूल्य हैं। उन्होंने कहा कि सहभागिता योजना के गो-पालकों को सब्सिडी पर बायोगैस संयंत्र दिया जाए, जिससे वह जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हो सकें। कुपोषित गोवंशों का विशेष ध्यान रखा जाए। गोवंशों के संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार गोवंशों के संरक्षण के लिए कृत संकल्पित है। सड़क पर कोई निराश्रित गोवंश न आए इसके लिए अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जनपद के किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करें। नमामि गंगे यूपी डास्प, कृषि व उद्यान आदि संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करें।
विज्ञापन
सीडीओ केशव कुमार ने गो-संरक्षण की प्रगति से अवगत कराया। बताया कि 294 ग्रामीण क्षेत्र, तीन काजी हाउस, पांच वृहद गो-संरक्षण, तीन कान्हा गोवंश आश्रय स्थल, 12 अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। साथ ही 7833 गोवंश को मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत सुपुर्दगी में दिए गए हैं। गो आश्रय स्थलों में 34357 गोवंश संरक्षित किए हैं।
इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. समदर्शी सरोज, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार समेत सभी खण्ड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गोबर व गोमूत्र बहुमूल्य हैं। उन्होंने कहा कि सहभागिता योजना के गो-पालकों को सब्सिडी पर बायोगैस संयंत्र दिया जाए, जिससे वह जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हो सकें। कुपोषित गोवंशों का विशेष ध्यान रखा जाए। गोवंशों के संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार गोवंशों के संरक्षण के लिए कृत संकल्पित है। सड़क पर कोई निराश्रित गोवंश न आए इसके लिए अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जनपद के किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करें। नमामि गंगे यूपी डास्प, कृषि व उद्यान आदि संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करें।
विज्ञापन
सीडीओ केशव कुमार ने गो-संरक्षण की प्रगति से अवगत कराया। बताया कि 294 ग्रामीण क्षेत्र, तीन काजी हाउस, पांच वृहद गो-संरक्षण, तीन कान्हा गोवंश आश्रय स्थल, 12 अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। साथ ही 7833 गोवंश को मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत सुपुर्दगी में दिए गए हैं। गो आश्रय स्थलों में 34357 गोवंश संरक्षित किए हैं।
इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. समदर्शी सरोज, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार समेत सभी खण्ड विकास अधिकारी मौजूद रहे।