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Budaun News: किसानों का रुझान कम, गन्ने का घटा 13 फीसदी रकबा
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बदायूं। किसानों का रुझान अब गन्ने की फसल से कम हो गया है। यही वजह है कि जिले में गन्ने का क्षेत्रफल सिकुड़ता जा रहा है। इस बार किसानों ने 18,577 हेक्टेयर भूमि पर गन्ना किया है। जो गत वर्ष की अपेक्षा 13 फीसदी कम है।
जिले में गत वर्ष 21,461 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना बोया गया था, जो इस बार घटकर 18,577 हेक्टेयर रह गया है। जिला गन्ना अधिकारी का दावा है कि बीते दिनों बिसौली की यदु चीनी मिले ने पिछले साल का पूरा भुगतान कर दिया है। शेखूपुर चीनी मिल भी शुरू हो गई है।
यदु शुगर मिल दिन में 70 हजार क्विंटल गन्ना पेरती है। जबकि शेखूपुर की चीनी मिल की क्षमता 12 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की है। किसान इस बात से परेशान हैं कि उसे भुगतान काफी समय बाद मिलता है। बीते नवंबर में जाकर भुगतान फाइनल हो सका है।
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जबकि अब फिर गन्ना तैयार है। किसान का कहना है कि समय से रकम मिल जाए तो फसल की जाए।
उधार रकम लेकर फसल करनी पड़ती है। किसान मोहन सिंह, कल्यान सिंह ने बताया कि यदु शुगर मिल समेत कुछ चीनी मिल समय पर भुगतान नहीं करती हैं। उनको गन्ना देने से क्या फायदा।
किसानों का कहना है कि अधिकारियों को चाहिए कि वह इसको लेकर एक सख्त प्रक्रिया बनाएं ताकि शासन के निर्देशों के अनुसार 14 दिन के अंदर भुगतान हो सके।
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जिले में गत वर्ष 21,461 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना बोया गया था, जो इस बार घटकर 18,577 हेक्टेयर रह गया है। जिला गन्ना अधिकारी का दावा है कि बीते दिनों बिसौली की यदु चीनी मिले ने पिछले साल का पूरा भुगतान कर दिया है। शेखूपुर चीनी मिल भी शुरू हो गई है।
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यदु शुगर मिल दिन में 70 हजार क्विंटल गन्ना पेरती है। जबकि शेखूपुर की चीनी मिल की क्षमता 12 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की है। किसान इस बात से परेशान हैं कि उसे भुगतान काफी समय बाद मिलता है। बीते नवंबर में जाकर भुगतान फाइनल हो सका है।
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जबकि अब फिर गन्ना तैयार है। किसान का कहना है कि समय से रकम मिल जाए तो फसल की जाए।
उधार रकम लेकर फसल करनी पड़ती है। किसान मोहन सिंह, कल्यान सिंह ने बताया कि यदु शुगर मिल समेत कुछ चीनी मिल समय पर भुगतान नहीं करती हैं। उनको गन्ना देने से क्या फायदा।
किसानों का कहना है कि अधिकारियों को चाहिए कि वह इसको लेकर एक सख्त प्रक्रिया बनाएं ताकि शासन के निर्देशों के अनुसार 14 दिन के अंदर भुगतान हो सके।