बदायूं में किसान की हत्या: हमलावरों ने घर में घुसकर मारी गोली, आधी रात हुई वारदात से फैली सनसनी
बदायूं के गांव किशनपुर में रविवार रात घर में घुसकर किसान की हत्या कर दी गई। चार हमलावर आधी रात किसान के घर में घुसे और गोली मार दी। हत्या की वारदात से गांव में सनसनी फैल गई।
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बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में रविवार रात 50 वर्षीय दिव्यांग किसान रक्षपाल यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिव्यांग किसान अपने मकान में दरवाजा खोलकर सो रहा था। उनके भतीजे जितेंद्र यादव के मुताबिक उनकी गांव के कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही है, जिसके चलते आरोपी उनके घर में घुस आए और उसके चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी। उसने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
ग्राम किशनपुर निवासी रक्षपाल यादव चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। वह एक पैर से दिव्यांग थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। उनके नाम करीब चार-पांच बीघा जमीन भी है। उनके भतीजे जितेंद्र यादव के मुताबिक उनकी गांव के बाबूराम से पुरानी रंजिश चली आ रही है। आरोपी उन्हें घेरकर कई बार मारपीट भी कर चुके थे। 15 दिन पहले गांव में एक तेहरवीं हो रही थी, जिसमें रक्षपाल के परिवार वाले भी पहुंचे थे। तभी उनकी आरोपी बाबूराम से मारपीट हो गई थी। हालांकि इस संबंध में कोई पुलिस कार्रवाई नहीं कराई गई थी।
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रविवार रात रक्षपाल यादव अपने मकान में दरवाजा खोलकर सो रहे थे। आरोप है कि रात करीब एक बजे आरोपी बाबूराम, कपूरी, नन्हें और विनेश तमंचा बंदूक लेकर उनके घर में घुस आए। उन्होंने रक्षपाल को दो गोलियां मारी, जिनमें एक सीने में और दूसरी पैर में लगी। इससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार वाले जाग गए। उन्होंने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह मौके से भागने में कामयाब रहे।
परिवार वालों ने घटना की सूचना थाना पुलिस को दी। एसओ सिद्धांत शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। सुबह फॉरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। बाद में एसएसपी डॉ. ओपी सिंह और सीओ सुनील कुमार भी पहुंच गए। एसएसपी ने मौका मुआयना करते हुए जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। थाना पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। जितेंद्र की तहरीर पर आरोपी बाबूराम, कपूरी, नन्हे और विनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसके आधार पर आरोपियों को तलाश किया जा रहा
पुलिस को चंदौसी में ड्यूटी करता मिला एक आरोपी
दिव्यांग किसान की हत्या में परिवार वालों ने जिन लोगों को नामजद कराया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में उनकी नामजदगी पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। उनकी नामजदगी ही गलत बताई जा रही है। बताते हैं कि एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों को तलाश और उनके बारे में छानबीन करना शुरू की। इस हत्याकांड में नामजद आरोपी नन्हे चंदौसी में एक प्राइवेट कंपनी में गार्ड की नौकरी करता है। जब थाना पुलिस उसे तलाश करती हुई चंदौसी पहुंची तो वह खुद हत्या के बारे में सुनकर हैरान रह गया। वह कंपनी ड्यूटी करता हुआ पाया गया।
चार दिन पहले दी थी तहरीर
किसान के परिवार वालों का दावा है कि चार दिन पहले उन्होंने थाना पुलिस को आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी। दरअसल चार दिन पहले किसान और उसके परिवार वाले खेत पर जा रहे थे। तभी आरोपियों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया था। उनका दावा है कि आरोपी कपूरी के पास लाइसेंसी राइफल है। उसके खिलाफ गैंगस्टर के तहत भी एफआईआर दर्ज है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।