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ढाई घंटे 15 फुट गहरे कुएं में दबे रहे किसान ने जीती जिंदगी की जंग
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बिसौली (बदायूं)। तारापुर गांव के किसान सोनपाल बोरिंग के 15 फुट गहरे पुराने कुएं से उपकरण निकालने घुसे तो अचानक मिट्टी भरभराकर गिरने से अंदर ही दब गए। किनारे खड़े लोगों ने शोर मचाया तो भ़ीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस और एसडीएम पहुंच गए। इसके बाद जेसीबी मंगाई गई। ढाई घंटे बाद शाम साढ़े छह बजे सोनपाल को सकुशल निकाल लिया गया। इससे सोनपाल और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा।
तारापुर निवासी 47 वर्षीय सोनपाल शनिवार अपराह्न लगभग तीन बजे अपने खेत में लगे पुराने बोरिंग का फुटबाल (उपकरण) निकालने कुएं में घुसे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी भरभराकर उसके ऊपर गिर गई। उसके साथ काम कर रहे सत्यवीर, सौरभ, गिल्लन, सोमवीर, विकास और विवेक ने शोर मचाया तो आसपास खेतों पर मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने पहले तो मिट्टी खोदकर किसान को बचाने का प्रयास किया। लेकिन वे सफल नहीं हुए।
इधर, सूचना पर एसडीएम महीपाल सिंह, तहसीलदार रामनयन सिंह, कोतवाल ऋषिपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। लगभग ढाई घंटे के अथक प्रयासों के बाद किसान को बाहर निकाल लिया गया। सोनपाल के सकुशल बाहर निकलते ही परिवार के चेहरे खिल उठे। बताते हैं कि 15 साल पुराना बोरिंग फेल हो चुका था। पास में ही नया बोरिंग हो रहा था। पुराने बोरिंग की फुटबाल निकालने सोनपाल कुएं में उतरा था। पंद्रह फिट नीचे मिट्टी में दबने के बाद निकले सोनपाल पैदल ही घर पहुंच गए।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं बुलाई
तारापुर गांव में हादसे के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर नहीं बुलाया गया। लोगों का कहना है कि यदि किसान के बाहर निकलने के बाद उसे मेडिकल सुविधा की आवश्यकता पड़ती तो क्या होता। जबकि इस तरह के हादसों के वक्त स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया जाता है। इस बारे में तहसीलदार रामनयन सिंह ने बताया कि हादसे के समय स्वास्थ्य विभाग की टीम की कोई जरूरत नहीं थी।
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तारापुर निवासी 47 वर्षीय सोनपाल शनिवार अपराह्न लगभग तीन बजे अपने खेत में लगे पुराने बोरिंग का फुटबाल (उपकरण) निकालने कुएं में घुसे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी भरभराकर उसके ऊपर गिर गई। उसके साथ काम कर रहे सत्यवीर, सौरभ, गिल्लन, सोमवीर, विकास और विवेक ने शोर मचाया तो आसपास खेतों पर मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने पहले तो मिट्टी खोदकर किसान को बचाने का प्रयास किया। लेकिन वे सफल नहीं हुए।
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इधर, सूचना पर एसडीएम महीपाल सिंह, तहसीलदार रामनयन सिंह, कोतवाल ऋषिपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। लगभग ढाई घंटे के अथक प्रयासों के बाद किसान को बाहर निकाल लिया गया। सोनपाल के सकुशल बाहर निकलते ही परिवार के चेहरे खिल उठे। बताते हैं कि 15 साल पुराना बोरिंग फेल हो चुका था। पास में ही नया बोरिंग हो रहा था। पुराने बोरिंग की फुटबाल निकालने सोनपाल कुएं में उतरा था। पंद्रह फिट नीचे मिट्टी में दबने के बाद निकले सोनपाल पैदल ही घर पहुंच गए।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं बुलाई
तारापुर गांव में हादसे के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर नहीं बुलाया गया। लोगों का कहना है कि यदि किसान के बाहर निकलने के बाद उसे मेडिकल सुविधा की आवश्यकता पड़ती तो क्या होता। जबकि इस तरह के हादसों के वक्त स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया जाता है। इस बारे में तहसीलदार रामनयन सिंह ने बताया कि हादसे के समय स्वास्थ्य विभाग की टीम की कोई जरूरत नहीं थी।