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Budaun News: बदायूं के हाइब्रिड मक्का से पंजाब में बनेगा एथेनॉल
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उझानी में रेलवे के गुड्स प्लेटफार्म से मालगाड़ी में लादी जा रही मक्का। संवाद
उझानी (बदायूं)। जिले में तैयार हुए हाइब्रिड मक्का से पंजाब में एथेनॉल बनाया जाएगा। पहले मुर्गी दाना और बिस्कुट बनाने में इस्तेमाल हुआ। अब एथेनॉल में उपयोग होगा। पंजाब के भटि़ंडा में मक्का से एथेनॉल बनाने की फैक्टरी है। वहां के लिए शुक्रवार को 27 सौ मीट्रिक टन मक्का की एक रैक बदायूं से भेज दी गई है।
जिले में हाइब्रिड मक्का की खेती का रकबा पिछले पांच साल से लगातार बढ़ रहा है। उझानी के अलावा दातागंज, बिल्सी, सहसवान, बिसौली और कादरचौक आदि क्षेत्र में इस बार मक्का पिछले सालों के मुकाबले बेहतर हुआ है। मक्का उत्पादकों में रामपाल सिंह ने बताया कि मौसम का मिजाज भी इसके अनुरूप रहा है। गहाई के इन दिनों में अभी तक बारिश नहीं होने से किसानों को काटने और सुखाने में भी कोई दिक्कत सामने नहीं आई है।
पंजाब के भटिंडा के लिए भेजने वाली फर्म के मालिक अमित मित्तल ने बताया कि रैक में करीब 27 सौ मीट्रिक टन मक्का लादी गई है। अच्छी गुणवत्ता होने की वजह से ही भटिंडा की एथेनॉल फैक्टरी प्रबंधन ने मक्का खरीदने की सहमति जताई थी। इसी महीना भटिंडा के लिए दो- तीन रैक और भेजे जाने की उम्मीद है। इसके लिए थोक के खरीदार भी रैक लोड कराने वाली फर्मों के संपर्क में हैं। पूर्व में पश्चिम बंगाल और बिहार के लिए यहां से मक्का की रैक भेजी गई थी। मक्का से मुर्गी दाना और बिस्कुट भी बनाया जाता है। आटे के रूप में इसका इस्तेमाल कम होता है।
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उझानी से कर्नाटक जा चुका है 58 मीट्रिक टन गेहूं
चार दिन पहले 26 सौ मीट्रिक टन गेहूं कर्नाटक भेजा गया है। पिछले महीने भी करीब 27 सौ मीट्रिक टन गेहूं कर्नाटक भेजा गया था। रेलवे के वाणिज्य अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले गेहूं की रैक अभी तक आधी भी रवाना नहीं हुई हैं। पिछले साल गुजरात के लिए भी गेहूं की रैक यहां से भेजी गई थी।
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जिले में हाइब्रिड मक्का की खेती का रकबा पिछले पांच साल से लगातार बढ़ रहा है। उझानी के अलावा दातागंज, बिल्सी, सहसवान, बिसौली और कादरचौक आदि क्षेत्र में इस बार मक्का पिछले सालों के मुकाबले बेहतर हुआ है। मक्का उत्पादकों में रामपाल सिंह ने बताया कि मौसम का मिजाज भी इसके अनुरूप रहा है। गहाई के इन दिनों में अभी तक बारिश नहीं होने से किसानों को काटने और सुखाने में भी कोई दिक्कत सामने नहीं आई है।
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पंजाब के भटिंडा के लिए भेजने वाली फर्म के मालिक अमित मित्तल ने बताया कि रैक में करीब 27 सौ मीट्रिक टन मक्का लादी गई है। अच्छी गुणवत्ता होने की वजह से ही भटिंडा की एथेनॉल फैक्टरी प्रबंधन ने मक्का खरीदने की सहमति जताई थी। इसी महीना भटिंडा के लिए दो- तीन रैक और भेजे जाने की उम्मीद है। इसके लिए थोक के खरीदार भी रैक लोड कराने वाली फर्मों के संपर्क में हैं। पूर्व में पश्चिम बंगाल और बिहार के लिए यहां से मक्का की रैक भेजी गई थी। मक्का से मुर्गी दाना और बिस्कुट भी बनाया जाता है। आटे के रूप में इसका इस्तेमाल कम होता है।
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उझानी से कर्नाटक जा चुका है 58 मीट्रिक टन गेहूं
चार दिन पहले 26 सौ मीट्रिक टन गेहूं कर्नाटक भेजा गया है। पिछले महीने भी करीब 27 सौ मीट्रिक टन गेहूं कर्नाटक भेजा गया था। रेलवे के वाणिज्य अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले गेहूं की रैक अभी तक आधी भी रवाना नहीं हुई हैं। पिछले साल गुजरात के लिए भी गेहूं की रैक यहां से भेजी गई थी।