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Budaun News: 15 से 20 दिनों की बुकिंग पर मिल रही इलेक्ट्रिक स्कूटी
Sat, 16 May 2026 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 16 May 2026 01:45 AM IST
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शोरूम पर स्कूटी खरीदते ग्राहक। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
बिसौली। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब लोगों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की ओर बढ़ने लगा है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा ईंधन बचत, प्रदूषण नियंत्रण और जरूरत पड़ने पर ही निजी वाहन इस्तेमाल करने की अपील का असर अब जिलें में साफ दिखाई देने लगा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग चलते कंपनी स्कूटी बुकिंग करने पर 15 से 20 दिनों में मिल रही हैं।
जिले में विभिन्न शोरूमों और एजेंसियों पर शोरूमों और एजेंसियों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है। ग्राहक स्कूटी, ई- रिक्शा, ऑटो, कार आदि वाहनों को खरीद रहे हैं। ईवी वाहनों की मांग चलते जिले में बड़ी कंपनियों की इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए लोगों को पहले बुकिंग करानी पड़ रही है। हालत यह है कि बुकिंग के 15 से 20 दिन बाद वाहन उपलब्ध हो पा रहे हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाली स्कूटी आसानी से मिल रही हैं। डीलरों का कहना है कि ऊपर से ही सीमित संख्या में ही गाड़ियां भेजी जा रही हैं, जिसके चलते छोटे शहरों में ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है।जिले में बढ़ती ई वाहनों की मांग यह साबित कर रही है कि अब लोग पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत दोनों को लेकर गंभीर हो चुके हैं। एजेंसी संचालकों का मानना है कि यदि कंपनियां पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करें तो आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का बाजार और तेजी से बढ़ सकता है।
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पिछले चार माह में ईवी वाहनों के रजिस्ट्रेशन
फरवरी- 415
मार्च- 712
अप्रैल- 600
मई - 150
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जिले में लोगों को ईवी वाहनों के प्रति रूझान बढ़ रहा है जिसकी वजह से इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा ई- रिक्शा और ईवी ऑटो की खरीद हो रही है।
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हरिओम, एआरटीओ
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फोटो- 35
एजेंसी संचालक सचिन वार्ष्णेय ने बताया कि ई स्कूटी की मांग अचानक काफी बढ़ गई है, लेकिन कंपनियों से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पा रही। जो वाहन आते भी हैं, वह पहले बड़े शहरों और बड़े डीलरों तक सीमित हो जाते हैं। छोटे शहरों में ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है।
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फोटो-31
छात्रा अंशिका शर्मा ने बताया पेट्रोल के मुकाबले ई स्कूटी चलाना काफी सस्ता पड़ता है। छात्र छात्राओं और युवाओं में इसका आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन समय पर वाहन न मिलने से परेशानी हो रही है।
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फोटो-32
बिसौली के शिक्षक राजकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार लगातार प्रदूषण कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कर रही है। लोग भी जागरूक हो रहे हैं, लेकिन कंपनियों को छोटे शहरों में सप्लाई व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
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फोटो-30
डॉ शैलेश पाठक ने बताया कि महंगाई के दौर में पेट्रोल खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। इसी कारण परिवार अब इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी खरीदना पसंद कर रहे हैं, लेकिन एजेंसियों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा हैं।
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जिले में विभिन्न शोरूमों और एजेंसियों पर शोरूमों और एजेंसियों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है। ग्राहक स्कूटी, ई- रिक्शा, ऑटो, कार आदि वाहनों को खरीद रहे हैं। ईवी वाहनों की मांग चलते जिले में बड़ी कंपनियों की इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए लोगों को पहले बुकिंग करानी पड़ रही है। हालत यह है कि बुकिंग के 15 से 20 दिन बाद वाहन उपलब्ध हो पा रहे हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाली स्कूटी आसानी से मिल रही हैं। डीलरों का कहना है कि ऊपर से ही सीमित संख्या में ही गाड़ियां भेजी जा रही हैं, जिसके चलते छोटे शहरों में ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है।जिले में बढ़ती ई वाहनों की मांग यह साबित कर रही है कि अब लोग पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत दोनों को लेकर गंभीर हो चुके हैं। एजेंसी संचालकों का मानना है कि यदि कंपनियां पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करें तो आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का बाजार और तेजी से बढ़ सकता है।
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पिछले चार माह में ईवी वाहनों के रजिस्ट्रेशन
फरवरी- 415
मार्च- 712
अप्रैल- 600
मई - 150
जिले में लोगों को ईवी वाहनों के प्रति रूझान बढ़ रहा है जिसकी वजह से इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा ई- रिक्शा और ईवी ऑटो की खरीद हो रही है।
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हरिओम, एआरटीओ
फोटो- 35
एजेंसी संचालक सचिन वार्ष्णेय ने बताया कि ई स्कूटी की मांग अचानक काफी बढ़ गई है, लेकिन कंपनियों से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पा रही। जो वाहन आते भी हैं, वह पहले बड़े शहरों और बड़े डीलरों तक सीमित हो जाते हैं। छोटे शहरों में ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है।
फोटो-31
छात्रा अंशिका शर्मा ने बताया पेट्रोल के मुकाबले ई स्कूटी चलाना काफी सस्ता पड़ता है। छात्र छात्राओं और युवाओं में इसका आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन समय पर वाहन न मिलने से परेशानी हो रही है।
फोटो-32
बिसौली के शिक्षक राजकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार लगातार प्रदूषण कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कर रही है। लोग भी जागरूक हो रहे हैं, लेकिन कंपनियों को छोटे शहरों में सप्लाई व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
फोटो-30
डॉ शैलेश पाठक ने बताया कि महंगाई के दौर में पेट्रोल खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। इसी कारण परिवार अब इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी खरीदना पसंद कर रहे हैं, लेकिन एजेंसियों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा हैं।

शोरूम पर स्कूटी खरीदते ग्राहक। संवाद- फोटो : अमर उजाला

शोरूम पर स्कूटी खरीदते ग्राहक। संवाद- फोटो : अमर उजाला