{"_id":"62065dcca4cbc176c945169d","slug":"election-badaun-news-bly4751239143","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव ड्यूटी में लगा दीं मंत्री और विधायकों की गाड़ियां, बाद में हटाईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव ड्यूटी में लगा दीं मंत्री और विधायकों की गाड़ियां, बाद में हटाईं
विज्ञापन
मंडी समिति में वाहनों को लाइन से लगवाते परिवहन विभाग के कर्मचारी। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिस-प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में लगा है तो परिवहन विभाग के अधिकारी वाहनों का अधिग्रहण कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के लिए करीब आठ हजार वाहन मालिकों को नोटिस दिया गया है। रडार पर मंत्री और विधायकों के वाहन भी आ गए, जिन्हें चुनाव में लगा दिया गया लेकिन बाद में उन्हें हटाया गया।
विधानसभा चुनाव में करीब आठ हजार वाहन मालिकों को नोटिस दिया गया है। इनमें चार हजार छोटे वाहन, पांच सौ बस, 1500 ट्रक और अन्य वाहनों में पिकअप, मैक्स और बोलेरो भी शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह रही नगर विकास मंत्री महेश चंद्र गुप्ता, बिसौली के पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य और भाजपा विधायक कुशाग्र सागर का वाहन भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया। जब मंत्री, विधायक के नजदीकियों ने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया और चुनाव में वाहन लगने का जिक्र किया तो उन वाहनों को हटवाया गया।
यहां बता दें कि सूची बनाने के दौरान काफी सावधानी रखी गई। सरकारी वाहनों के नंबर अलग कर दिए गए, फिर भी टेलीफोन, बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग के वाहनों के नंबर सूची में शामिल हो हो गए। बाद में संबंधित विभागों के अफसरों ने सूचना देकर वाहनों को सूची से हटवाया।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों ने शुक्रवार से वाहनों का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। कौन-कौन से वाहन आए हैं, उनकी अलग से सूची तैयार की जा रही है। जो वाहन नहीं आएंगे, उनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
-
तीन स्थानों पर बनाए पार्किंग स्थल
जिले में तीन स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। उनमें छोटे वाहनों को इस्लामियां इंटर कॉलेज, बस व ट्रकों को मंडी समिति और अनेजा मैदान में ठहराय जाएगा। यहां वाहनों को पार्क कराने के लिए परिवहन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
-
इमरजेंसी वाहनों को छूट
विधानसभा चुनाव में इमरजेंसी वाहनों को छूट दी गई है। उन्हें चुनाव में नहीं लगाया गया है। इनमें प्रेस, ब्रेड, कैश, दूध, गैस लाने ले जाने वाहन शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में लगे वाहन भी हटाए गए हैं।
-
विधानसभा चुनाव में करीब आठ हजार वाहनों को लगाया गया है। उनका शुक्रवार से अधिग्रहण शुरू हो गया है। जो वाहन चुनाव में नहीं आएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों की सूची बनाई जा रही है।
-सोहेल अहमद, एआरटीओ प्रवर्तन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में करीब आठ हजार वाहन मालिकों को नोटिस दिया गया है। इनमें चार हजार छोटे वाहन, पांच सौ बस, 1500 ट्रक और अन्य वाहनों में पिकअप, मैक्स और बोलेरो भी शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह रही नगर विकास मंत्री महेश चंद्र गुप्ता, बिसौली के पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य और भाजपा विधायक कुशाग्र सागर का वाहन भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया। जब मंत्री, विधायक के नजदीकियों ने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया और चुनाव में वाहन लगने का जिक्र किया तो उन वाहनों को हटवाया गया।
विज्ञापन
यहां बता दें कि सूची बनाने के दौरान काफी सावधानी रखी गई। सरकारी वाहनों के नंबर अलग कर दिए गए, फिर भी टेलीफोन, बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग के वाहनों के नंबर सूची में शामिल हो हो गए। बाद में संबंधित विभागों के अफसरों ने सूचना देकर वाहनों को सूची से हटवाया।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों ने शुक्रवार से वाहनों का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। कौन-कौन से वाहन आए हैं, उनकी अलग से सूची तैयार की जा रही है। जो वाहन नहीं आएंगे, उनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
-
तीन स्थानों पर बनाए पार्किंग स्थल
जिले में तीन स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। उनमें छोटे वाहनों को इस्लामियां इंटर कॉलेज, बस व ट्रकों को मंडी समिति और अनेजा मैदान में ठहराय जाएगा। यहां वाहनों को पार्क कराने के लिए परिवहन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
-
इमरजेंसी वाहनों को छूट
विधानसभा चुनाव में इमरजेंसी वाहनों को छूट दी गई है। उन्हें चुनाव में नहीं लगाया गया है। इनमें प्रेस, ब्रेड, कैश, दूध, गैस लाने ले जाने वाहन शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में लगे वाहन भी हटाए गए हैं।
-
विधानसभा चुनाव में करीब आठ हजार वाहनों को लगाया गया है। उनका शुक्रवार से अधिग्रहण शुरू हो गया है। जो वाहन चुनाव में नहीं आएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों की सूची बनाई जा रही है।
-सोहेल अहमद, एआरटीओ प्रवर्तन