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42 डिग्री पहुंचा तापमान, शहर से देहात तक गहराने लगा बिजली संकट
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बदायूं। तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है उसके साथ ही बिजली संकट भी गहराने लगा है। गर्मी के तल्ख हो रहे तेवर के बीच गांव-देहात में ज्यादा समस्या है। शहर की बात करें तो सबसे ज्यादा ट्रिपिंग आवास विकास स्थित कार्यशाला बिजली उपकेंद्र के तीन फीडर से हो रही है। इस कारण शहर के आवास विकास, जजी कॉलोनी, ऑफीसर्स कॉलोनी, बाबा कॉलोनी, कृष्णा नगर, आदर्श नगर, गन्ना दफ्तर, मंडी समिति आदि इलाकों में ट्रिपिंग हो रही है। यहां बता दें कि रविवार को तो पारा 44 डिग्री तक को छू गया था।
शहर में 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में 18 और नलकूप फीडर के लिए 10 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित है। शहर में तो बिजली सप्लाई ठीक ठाक मिल रही है, लेकिन बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से भीषण गर्मी के बीच समस्या पैदा हो रही है। तहसील मुख्यालयों की बात करें तो बिल्सी में बुरा हाल है। दरअसल, बिल्सी के लिए बिजली सप्लाई उझानी बिजली उपकेंद्र से होती है। लाइन काफी लंबी और जर्जर होने के कारण अक्सर खराबी के कारण बिजली ठप रहती है। उघैती कस्बे में बमुश्किल 10-12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। अब तक यहां टाउन फीडर पर ज्यादा समस्या नहीं थी, लेकिन तापमान बढ़ने से यहां भी समस्या होने लगी है।
सहसवान कस्बे में भी ट्रिपिंग हो रही है। नाधा बिजली उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में यहां सबसे ज्यादा कटौती की जा रही है। पिछले दिनों बिजली कटौती के विरोध में कई गांवों के ग्रामीण बिजली उपकेंद्र का घेराव भी कर चुके हैं। दातागंज कस्बे में ट्रिपिंग के बीच करीब 18 घंटे सप्लाई मिल रही है। यहां समरेर, पापड़ फीडर पर बुरा हाल है। बिसौली में भी कमोवेश इसी तरह के हालात है। गांव-देहात में कटौती के कारण गेहूं की निकासी और फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
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कटौती का समय निर्धारित नहीं, मुरादाबाद से मिलती है सूचना
जिला मुख्यालय समेत तहसील मुख्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों और नलकूप फीडरों की बिजली सप्लाई का समय तो निर्धारित है, लेकिन किस समय कटौती की जाएगी यह समय निर्धारित नहीं है। दरअसल, बदायूं के लिए मुरादाबाद से बिजली सप्लाई मिलती है। अधिकारियों का कहना है कि निर्बाध बिजली सप्लाई दी जा रही है। अगर मुरादाबाद से कोई सूचना मिलती है तो कटौती की जाती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कोई फाल्ट होने की दशा में भी शट्डाउन के कारण सप्लाई बाधित होती है। जिला मुख्यालय पर चौबीस घंटे बिजली सप्लाई मिल रही है।
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महिलाओं ने कहा-कटौती का समय निर्धारित न होने और ट्रिपिंग से हो रही दिक्कत
यह बात सही है कि बिजली सप्लाई ठीक-ठाक मिल रही है, लेकिन कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है। इसके अलावा लगातार ट्रिपिंग के कारण भी समस्या हो रही है।
-उर्मिला देवी
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बार-बार ट्रिपिंग के कारण विद्युत चालित उपकरण खराब हो रहे हैं। सुबह के समय कटौती से पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है। दोपहर के समय बार-बार ट्रिपिंग होती है।
-रामो
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गर्मियों में बिजली कटौती बढ़ जाती है इस बार भी तापमान बढ़ने के साथ बिजली परेशान करने लगी है। सप्लाई तो ठीक-ठाक मिल रही है, लेकिन ट्रिपिंग से समस्या हो रही है।
-कीर्ति
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चौबीस घंटे बिजली सप्लाई के दावे तो लगातार किए जाते हैं, लेकिन यह कोई नहीं देखता कि इन चौबीस घंटे में ट्रिपिंग कितनी बार हुई। ट्रिपिंग से लोगों के उपकरणों का क्या नुकसान हुआ।
-नीनम यादव
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मुख्यालय पर चौबीस घंटे बिजली सप्लाई मिल रही है। उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने, लाइनों को बदलवाने की दिशा में भी काम तेजी से चल रहा है। कुछ स्थानों पर ओवर लोडिंग की समस्या है। इसे भी दूर किया जा रहा है। अनावश्यक रूप से कहीं पर कोई कटौती नहीं की जा रही है।
- प्रवेश कुमार, एक्सईएन प्रथम खंड
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बिल्सी इलाके के किसान सिंचाई को तरसे
मेंथा की फसल हो रही चौपट, नगर में फाल्ट से हो रही ट्रिपिंग
बिल्सी। गर्मी शुरू होते ही नगर और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। बिजली कटौती से खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई भी समय पर नहीं हो पा रही है। इससे किसानों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
किसान नेता सत्यपाल सिंह का कहना है इन दिनों खेतों में खड़ी मक्का और बाजरा व मेंथा की फसलें सिंचाई के अभाव में सूखती जा रही हैं। वहीं विभाग गर्मी के साथ बिजली की कटौती को बढ़ाता जा रहा है।
किसान चौधरी रविंद्र सिंह का कहना है कि हर साल गर्मी शुरू होते ही विभाग बिजली की कटौती बढ़ा देता है। इसका खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ता है। वर्तमान में किसानों को सिंचाई के लिए छह-सात घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है। आए दिन लाइनों में फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंक जाते है। इससे किसानों को और भी ज्यादा परेशानी होती है। इधर, नगर के लोगों का कहना है कि पिछले एक माह से बिजली कटौती की समस्या काफी बढ़ गई है। दिन में दो-तीन घंटे ही बिजली नियमित मिल पाती है। पूरे दिन जर्जर लाइन होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग का सिलसिला बना रहता है।
जेई दिनेश कुमार ने बताया कि नगर की अधिकतर लाइन काफी जर्जर स्थिति हैं। इनको बदले जाने को लेकर विभाग की ओर से शासन को एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिल जाने पर लाइनों को बदलने का काम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव के उपभोक्ताओं को 16 घंटे और सिंचाई के लिए 10 घंटे व तहसील मुख्यालय को 21 घंटे बिजली आपूर्ति देने के निर्देश है पर लाइनों में फाल्ट होने के कारण लोगों को निर्धारित रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। संवाद
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शहर में 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में 18 और नलकूप फीडर के लिए 10 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित है। शहर में तो बिजली सप्लाई ठीक ठाक मिल रही है, लेकिन बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से भीषण गर्मी के बीच समस्या पैदा हो रही है। तहसील मुख्यालयों की बात करें तो बिल्सी में बुरा हाल है। दरअसल, बिल्सी के लिए बिजली सप्लाई उझानी बिजली उपकेंद्र से होती है। लाइन काफी लंबी और जर्जर होने के कारण अक्सर खराबी के कारण बिजली ठप रहती है। उघैती कस्बे में बमुश्किल 10-12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। अब तक यहां टाउन फीडर पर ज्यादा समस्या नहीं थी, लेकिन तापमान बढ़ने से यहां भी समस्या होने लगी है।
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सहसवान कस्बे में भी ट्रिपिंग हो रही है। नाधा बिजली उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में यहां सबसे ज्यादा कटौती की जा रही है। पिछले दिनों बिजली कटौती के विरोध में कई गांवों के ग्रामीण बिजली उपकेंद्र का घेराव भी कर चुके हैं। दातागंज कस्बे में ट्रिपिंग के बीच करीब 18 घंटे सप्लाई मिल रही है। यहां समरेर, पापड़ फीडर पर बुरा हाल है। बिसौली में भी कमोवेश इसी तरह के हालात है। गांव-देहात में कटौती के कारण गेहूं की निकासी और फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
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कटौती का समय निर्धारित नहीं, मुरादाबाद से मिलती है सूचना
जिला मुख्यालय समेत तहसील मुख्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों और नलकूप फीडरों की बिजली सप्लाई का समय तो निर्धारित है, लेकिन किस समय कटौती की जाएगी यह समय निर्धारित नहीं है। दरअसल, बदायूं के लिए मुरादाबाद से बिजली सप्लाई मिलती है। अधिकारियों का कहना है कि निर्बाध बिजली सप्लाई दी जा रही है। अगर मुरादाबाद से कोई सूचना मिलती है तो कटौती की जाती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कोई फाल्ट होने की दशा में भी शट्डाउन के कारण सप्लाई बाधित होती है। जिला मुख्यालय पर चौबीस घंटे बिजली सप्लाई मिल रही है।
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महिलाओं ने कहा-कटौती का समय निर्धारित न होने और ट्रिपिंग से हो रही दिक्कत
यह बात सही है कि बिजली सप्लाई ठीक-ठाक मिल रही है, लेकिन कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है। इसके अलावा लगातार ट्रिपिंग के कारण भी समस्या हो रही है।
-उर्मिला देवी
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बार-बार ट्रिपिंग के कारण विद्युत चालित उपकरण खराब हो रहे हैं। सुबह के समय कटौती से पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है। दोपहर के समय बार-बार ट्रिपिंग होती है।
-रामो
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गर्मियों में बिजली कटौती बढ़ जाती है इस बार भी तापमान बढ़ने के साथ बिजली परेशान करने लगी है। सप्लाई तो ठीक-ठाक मिल रही है, लेकिन ट्रिपिंग से समस्या हो रही है।
-कीर्ति
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चौबीस घंटे बिजली सप्लाई के दावे तो लगातार किए जाते हैं, लेकिन यह कोई नहीं देखता कि इन चौबीस घंटे में ट्रिपिंग कितनी बार हुई। ट्रिपिंग से लोगों के उपकरणों का क्या नुकसान हुआ।
-नीनम यादव
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मुख्यालय पर चौबीस घंटे बिजली सप्लाई मिल रही है। उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने, लाइनों को बदलवाने की दिशा में भी काम तेजी से चल रहा है। कुछ स्थानों पर ओवर लोडिंग की समस्या है। इसे भी दूर किया जा रहा है। अनावश्यक रूप से कहीं पर कोई कटौती नहीं की जा रही है।
- प्रवेश कुमार, एक्सईएन प्रथम खंड
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बिल्सी इलाके के किसान सिंचाई को तरसे
मेंथा की फसल हो रही चौपट, नगर में फाल्ट से हो रही ट्रिपिंग
बिल्सी। गर्मी शुरू होते ही नगर और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। बिजली कटौती से खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई भी समय पर नहीं हो पा रही है। इससे किसानों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
किसान नेता सत्यपाल सिंह का कहना है इन दिनों खेतों में खड़ी मक्का और बाजरा व मेंथा की फसलें सिंचाई के अभाव में सूखती जा रही हैं। वहीं विभाग गर्मी के साथ बिजली की कटौती को बढ़ाता जा रहा है।
किसान चौधरी रविंद्र सिंह का कहना है कि हर साल गर्मी शुरू होते ही विभाग बिजली की कटौती बढ़ा देता है। इसका खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ता है। वर्तमान में किसानों को सिंचाई के लिए छह-सात घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है। आए दिन लाइनों में फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंक जाते है। इससे किसानों को और भी ज्यादा परेशानी होती है। इधर, नगर के लोगों का कहना है कि पिछले एक माह से बिजली कटौती की समस्या काफी बढ़ गई है। दिन में दो-तीन घंटे ही बिजली नियमित मिल पाती है। पूरे दिन जर्जर लाइन होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग का सिलसिला बना रहता है।
जेई दिनेश कुमार ने बताया कि नगर की अधिकतर लाइन काफी जर्जर स्थिति हैं। इनको बदले जाने को लेकर विभाग की ओर से शासन को एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिल जाने पर लाइनों को बदलने का काम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव के उपभोक्ताओं को 16 घंटे और सिंचाई के लिए 10 घंटे व तहसील मुख्यालय को 21 घंटे बिजली आपूर्ति देने के निर्देश है पर लाइनों में फाल्ट होने के कारण लोगों को निर्धारित रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। संवाद