{"_id":"630d18cca5a1a668956d0207","slug":"eight-types-of-drugs-are-being-sold-without-a-doctor-s-prescription-badaun-news-bly495930726","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना डॉक्टर के पर्चे के बिक रहीं आठ तरह की नशीली दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना डॉक्टर के पर्चे के बिक रहीं आठ तरह की नशीली दवाएं
विज्ञापन
बदायूं। जिले के मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित नशीली दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से बिक रही हैं। कोडीन युक्त सिरप की खपत प्रदेश भर में नशे के लिए किए जाने का मामला सामने आ चुका है। कोडीन युक्त सिरप के अलावा जिले के मेडिकल स्टोरों पर ट्रॉमाजोल, अल्प्राजोलम, क्लोनाजेपॉम, डाइजापॉम, नाइट्राजेपॉम, पेंटाजोसिन जैसी नशीली दवाओं की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है।
कोडीन युक्त कफ सिरप से इतर नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक के साथ ऐसी दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नारकोटिक्स ब्यूरो के पास होता है।
हालांकि, मेडिकल स्टोर के लिए लाइसेंस जारी करने का अधिकार औषधि प्रशासन विभाग का है। दोनों विभागों में बीच समन्वय की कमी के कारण नशीली दवाओं की बिक्री कर मेडिकल स्टोर संचालक खूब मुनाफा कमा रहे हैं। गौर करने की बात यह है कि गत छह महीने के दौरान जिले में तीन ऐसे मेडिकल स्टोर पकड़े भी जा चुके हैं जो बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे थे। इनका संचालन उसहैत, दातागंज और सहसवान क्षेत्र में हो रहा था।
विज्ञापन
औषधि प्रशासन विभाग की ओर से इन दिनों थोक और फुटकर दवा व्यापारियों की लगाम ढीली कर दी गई है। दरअसल, पिछले दिनों औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार का बदायूं से तबादला हो गया है और बदायूं का प्रभार बरेली के औषधि निरीक्षण विवेक कुमार के पास है। वह बदायूं को ज्यादा समय नहीं दे पा रहे। दूसरी ओर नारकोटिक्स ब्यूरो का कार्यालय मैनपुरी में है। बतौर अफीम अधिकारी एलआर दिवाकर पूरा बरेली मंडल देख रहे हैं।
शासन स्तर से प्रदेश भर में अभियान का आदेश
औषधि निरीक्षक विवेक कुमार का कहना है कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की ओर से प्रदेश भर में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। बरेली और बदायूं में टीमों का गठन किया गया है। थोक और फुटकर व्यापारियों के यहां दवाओं की खरीद फरोख्त का रिकॉर्ड भी तलाशा जाएगा। जिन व्यापारियों के पास रिकॉर्ड नहीं होगा उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
पिछले महीने हाईकोर्ट का एक आदेश आया है उस आदेश के अनुसार औषधि विभाग को कार्रवाई करनी है। कुछ नशीली दवाओं के मामले में नारकोटिक्स ब्यूरो को भी कार्रवाई का आदेश है। नारकोटिक्स विभाग ऐसे मामलों में कार्रवाई कर भी रहा है। बदायूं समेत आसपास के जिलों में नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकार में आने वाली नशीली दवाओं की बिक्री के खिलाफ अभियान शुरू किया जा रहा है। -एलआर दिवाकर, नारकोटिक्स अधिकारी
विज्ञापन
कोडीन युक्त कफ सिरप से इतर नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक के साथ ऐसी दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नारकोटिक्स ब्यूरो के पास होता है।
विज्ञापन
हालांकि, मेडिकल स्टोर के लिए लाइसेंस जारी करने का अधिकार औषधि प्रशासन विभाग का है। दोनों विभागों में बीच समन्वय की कमी के कारण नशीली दवाओं की बिक्री कर मेडिकल स्टोर संचालक खूब मुनाफा कमा रहे हैं। गौर करने की बात यह है कि गत छह महीने के दौरान जिले में तीन ऐसे मेडिकल स्टोर पकड़े भी जा चुके हैं जो बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे थे। इनका संचालन उसहैत, दातागंज और सहसवान क्षेत्र में हो रहा था।
विज्ञापन
औषधि प्रशासन विभाग की ओर से इन दिनों थोक और फुटकर दवा व्यापारियों की लगाम ढीली कर दी गई है। दरअसल, पिछले दिनों औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार का बदायूं से तबादला हो गया है और बदायूं का प्रभार बरेली के औषधि निरीक्षण विवेक कुमार के पास है। वह बदायूं को ज्यादा समय नहीं दे पा रहे। दूसरी ओर नारकोटिक्स ब्यूरो का कार्यालय मैनपुरी में है। बतौर अफीम अधिकारी एलआर दिवाकर पूरा बरेली मंडल देख रहे हैं।
शासन स्तर से प्रदेश भर में अभियान का आदेश
औषधि निरीक्षक विवेक कुमार का कहना है कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की ओर से प्रदेश भर में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। बरेली और बदायूं में टीमों का गठन किया गया है। थोक और फुटकर व्यापारियों के यहां दवाओं की खरीद फरोख्त का रिकॉर्ड भी तलाशा जाएगा। जिन व्यापारियों के पास रिकॉर्ड नहीं होगा उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
पिछले महीने हाईकोर्ट का एक आदेश आया है उस आदेश के अनुसार औषधि विभाग को कार्रवाई करनी है। कुछ नशीली दवाओं के मामले में नारकोटिक्स ब्यूरो को भी कार्रवाई का आदेश है। नारकोटिक्स विभाग ऐसे मामलों में कार्रवाई कर भी रहा है। बदायूं समेत आसपास के जिलों में नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकार में आने वाली नशीली दवाओं की बिक्री के खिलाफ अभियान शुरू किया जा रहा है। -एलआर दिवाकर, नारकोटिक्स अधिकारी