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शासन हुआ सख्त तो आई फर्नीचर खरीद प्रक्रिया में तेजी
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बदायूं। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया, लेकिन अब तक जिले में चयनित 374 विद्यालयों में फर्नीचर खरीद की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, जबकि पूर्व में कई बार इसको लेकर शासन स्तर से अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। जब इसको लेकर बीएसए का जवाब-तलब किया गया तो इस प्रक्रिया में तेजी आयी है।
शासन की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को कान्वेंट स्कूल की तर्ज पर सुविधा दी जा सके। इसको लेकर शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों को धनराशि मुहैया कराई जा रही है, ताकि विद्यालयों में कोई कमी न रहे, लेकिन जिला स्तरीय अधिकारी इसको लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इसकी वजह से छात्र-छात्राओं को किसी योजना फायदा नहीं मिल पा रहा है। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद में उम्मीद जागी थी कि इस बार उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को जमीन पर बैठने से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, क्योंकि तीन बार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
ऐसे में शासन की ओर से बीएसए का जवाब तलब किया गया तो कर्मचारियों में खलबली मच गई, इसके बाद चौथी बार की टेंडर प्रक्रिया की फाइल तेजी से दौड़ने लगी है।
-
फैक्ट फाइल
-चयनित उच्च प्राथमिक/ कंपोजिट विद्यालय-374
-कुल फर्नीचर जो उपलब्ध कराया जाएगा-12571
-एक सीट पर तीन छात्र-छात्राएं बैठेंगे
-2017 में 125 स्कूलों को मिली थी सीटें
-
कुछ कारणों की वजह से तीन बार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। चौथी बार में ये प्रक्रिया पूरी हो गई है। सनराइज नाम की एक फर्म है, उसको टेंडर मिला है। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फर्नीचर स्कूलों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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शासन की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को कान्वेंट स्कूल की तर्ज पर सुविधा दी जा सके। इसको लेकर शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों को धनराशि मुहैया कराई जा रही है, ताकि विद्यालयों में कोई कमी न रहे, लेकिन जिला स्तरीय अधिकारी इसको लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इसकी वजह से छात्र-छात्राओं को किसी योजना फायदा नहीं मिल पा रहा है। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद में उम्मीद जागी थी कि इस बार उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को जमीन पर बैठने से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, क्योंकि तीन बार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
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ऐसे में शासन की ओर से बीएसए का जवाब तलब किया गया तो कर्मचारियों में खलबली मच गई, इसके बाद चौथी बार की टेंडर प्रक्रिया की फाइल तेजी से दौड़ने लगी है।
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फैक्ट फाइल
-चयनित उच्च प्राथमिक/ कंपोजिट विद्यालय-374
-कुल फर्नीचर जो उपलब्ध कराया जाएगा-12571
-एक सीट पर तीन छात्र-छात्राएं बैठेंगे
-2017 में 125 स्कूलों को मिली थी सीटें
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कुछ कारणों की वजह से तीन बार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। चौथी बार में ये प्रक्रिया पूरी हो गई है। सनराइज नाम की एक फर्म है, उसको टेंडर मिला है। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फर्नीचर स्कूलों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए