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नियमित अभ्यास दिलाएगा सफलता, विद्यार्थी तनाव को रखें दूर
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पवित्रा यादव,पूर्व कोऑर्डिनेटर/ प्रधानाचार्य मदर एथीना स्कूल।
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। सीबीएसई की परीक्षाएं नजदीक हैं। 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राएं परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं। बोर्ड परीक्षा हो या कोई अन्य परीक्षा, नियमित अभ्यास के अलावा तैयारी में कई बातों को ध्यान में रखना जरूरी है जिससे अतिरिक्त तनाव दूर कर नंबर कटने की चिंता से मुक्त हुआ जा सके। इसे लेकर सीबीएसई की पूर्व जिला कोऑर्डिनेटर पवित्रा यादव ने विद्यार्थियों की समस्याओं का मोबाइल पर उनके सवालों का जवाब देते हुए समाधान किया।
पूर्व जिला कोऑर्डिनेटर ने कहा कि परीक्षा की तैयारी छात्रों की बौद्धिक क्षमता, स्मरण शक्ति, कुशाग्रता, त्वरित निर्णायक क्षमता व धैर्य पर निर्भर करती हैं। तैयारी से पूर्व इनका आकलन जरूरी है ताकि कमियों को दूर कर मजबूत शुरुआत हो। कई बार देखने में आता है कि सबकुछ आने के बाद भी अक्सर अच्छे नंबर नहीं मिलते, इसलिए योजनाबद्ध तरीके से अध्ययन जरूरी है। तय करें कि प्रतिदिन कितने विषय पढ़ने हैं। किस विषय को कितना समय देना है, रिवीजन कितनी देर करना है। ऐसा करने से आधी समस्या दूर हो जाएगी। ध्यान रहे किसी भी काम को कल पर न टालें। जंक फूड और बाहर का खाना खाने से बचें। पौष्टिक और घर का बना हल्का खाना ही लें। तरल पदार्थ ज्यादा लें, तले खाने से दूर रहें। समय से सोएं और नियमित पढ़ें। नया विषय हमेशा सुबह से पढ़ें, रिवीजन रात को ही करें। नोट्स खुद तैयार करें।
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सवाल : कोरोना काल में लिखने की क्षमता कम हुई है, ऐसे में क्या करना चाहिए।
-सृष्टि पांडेय, पुरानी चुंगी
जवाब : आप जो भी रिवीजन कर रहे हैं, उसको लेकर एक शेड्यूल बनाएं। उसके बाद में उसको लिखें भी। इस प्रकार लिखने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। साथ ही उस विषय को लेकर आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उस विषय में आप मजबूत होंगे।
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सवाल : टर्म वन में पेपर का कन्फ्यूजन था, इससे काफी टेंशन हो गई थी, क्या टर्म टू में उसी प्रकार कन्फ्यूजन रहेगा।
-भूमिका सिंह, पुलिस लाइन
जवाब : टर्म वन के पेपर में जो कन्फ्यूजन रहा होगा, टर्म टू में ऐसा नहीं रहेगा। वहीं सीबीएसई द्वारा जो सैंपल पेपर उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी प्रैक्टिस करें। इससे जो भी कन्फ्यूजन हैं, वे दूर हो जाएंगे। आप परेशान न हों, बल्कि पेपर की तैयारी पर फोकस करें। अगर आपकी तैयारी अच्छी होगी तो पेपर कैसा भी आए आपको किसी प्रकार दिक्कत नहीं होगी।
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सवाल : इस बार टर्म वन में काफी दिक्कत हुई, क्या मेरे भाई को भी इसी प्रकार की दिक्कत होगी।
-ईशान, टिकिटगंज
जवाब : पेपर कैसे भी हों, किसी भी पैटर्न पर हों। उस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है, बल्कि ध्यान अपनी पढ़ाई पर देना चाहिए। इसमें सबसे ज्यादा सेल्फ स्टडी और रिवीजन पर जोर देना होगा।
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सवाल : टर्म टू में प्रश्न सब्जेक्टिव होगा या ऑब्जेक्टिव।
-फाईज अहमद, जुंगी चौक
जवाब : सीबीएसई की ओर से सैंपल पेपर दिए हैं। इसमें स्पष्ट कर दिया है कि किसी प्रकार के प्रश्न आने हैं। किस प्रकार आपको तैयारी करनी है, कितने सेक्शन में प्रश्न पत्र बंटा हुआ है और कितने अंक के प्रश्न आएंगे। वहीं सबसे ज्यादा रिवीजन पर फोकस करें। इससे यह फायदा होगा कि पेपर किसी भी पैटर्न पर आए, आप को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
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सवाल : फिजिक्स में न्यूमेरिकल की तैयारी सही से नहीं हो पा रही, तैयारी कैसे की जाए।
-काव्या, नबी चौक
जवाब : फिजिक्स में न्यूमेरिकल प्रश्न इसलिए पूछे जाते हैं, जिससे सैद्धांतिक संकल्पनाओं को समझा जा सके। न्यूमेरिकल हल करने के लिए सबसे पहले सभी सूक्ष्म अंशों को विस्तार से पढ़ें। यदि किसी आरेख की आवश्यकता हो तो उसे बना लेना चाहिए। सूत्र का उपयोग कर अज्ञात मान की गणना करनी चाहिए। यदि आप पुराने प्रश्न पत्रों व एनसीईआरटी की पुस्तकों में दिए सभी प्रश्नों की प्रैक्टिस करते हैं तो न्यूमेरिकल प्रश्न सही प्रकार से हल कर पाएंगे।
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सवाल : जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आ रही है, पढ़ाई में ध्यान नहीं लग रहा, ऐसे में कैसे पढ़ाई पर फोकस करें।
- सुरुचि, जवाहरपुरी
जवाब: विद्यार्थियों को परीक्षा से डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बोर्ड की वेबसाइट पर सैंपल पेपर उपलब्ध है। इसका अध्ययन कर ठीक प्रकार से तैयारी की जा सकती है। क्योंकि उसी के आधार पर प्रश्न पत्र आएगा। लिहाजा इनका अभ्यास बहुत काम आएगा, घबराएं नहीं अपने सामर्थ्य के अनुसार पढ़ते रहें। साथ एक टाइम टेबल बना लें। इससे पढ़ाई करने में आसानी मिलेगी।
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सवाल : केमिस्ट्री के पेपर की तैयारी किस प्रकार करनी चाहिए, जिससे आसानी हो।
- स्नेहा सिंह, सहसवान
जवाब : सभी यूनिट का अध्ययन करें। खासतौर से सॉल्यूशन, किटोनस, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, कोआर्डिनेशन कंपाउंड का गहन अध्ययन करें। सभी संकल्पनाओं को अच्छे से दोहरा लें और प्रत्येक के चार से पांच प्रश्न हल कर लें। केमिस्ट्री से डरे नहीं, रुचि लेकर अध्ययन करें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को भी हल कर लें, दोहराते समय जहां समस्या आए। उनको नोट कर लें, बाद में उनको दोबारा हल करें।
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सवाल : मेरे पास पीसीएम विषय है, बेहतर अंक पाने के लिए किस प्रकार तैयारी करें।
- सर्वेश कुमार, सहसवान
जवाब : सभी विषयों में यदि कोई संकल्पना समझ नहीं आती है तो उसे जल्दी से समझने का प्रयत्न करें। जितना अधिक हो सके उतने अधिक आदर्श प्रश्न पत्र का हल करें, अपने बनाए गए नोट्स से रीविजन करें। गणित के लिए एनसीईआरटी पुस्तक के उपलब्ध सभी प्रश्नों को व पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों पर आधारित मॉक टेस्ट हल करें।
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सवाल : क्या पुराने पेपरों से तैयारी करना ठीक रहेगा।
-मरियम, शिवपुरम
जवाब : ये अच्छी बात है, पुराने पेपरों से बेहतर तरीके से तैयारी की जा सकती है। इससे प्रश्न को हल करने में काफी आसानी होगी। इसके साथ ही रिवीजन करना बेहतर होगा, क्योंकि लिखने के साथ काफी चीजें आसानी से समझ में आ जाती हैं।
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सवाल : सेल्फ स्टडी के दौरान मोबाइल का उपयोग करना चाहिए या नहीं।
- मोहित, उझानी
जवाब : विद्यार्थी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सेल्फ स्टडी के दौरान मोबाइल का उपयोग बिल्कुल भी न करें, सेल्फ स्टडी के दौरान जहां पर दिक्कत आ रही है। उसको एक कॉपी पर नोट करते जाएं। जब आपका रिवीजन पूरा हो जाए। उसके बाद में मोबाइल या शिक्षकों के माध्यम से उस समस्या का समाधान कर लें। सेल्फ स्टडी के दौरान जहां पर दिक्कत आए वहां मोबाइल का उपयोग बिल्कुल न करें। इससे एकाग्रता भंग होती है जो अच्छी बात नहीं है।
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सवाल : गैजेट का सहारा लेना उचित है क्या।
-निर्भान शर्मा, बिल्सी
जवाब : बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर लाना चाहते हैं, तो अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अलग रख दें। खासतौर पर सोशल मीडिया का उपयोग अभी न करें। अगर जरूरी हो तो इसके लिए अपना एक टाइम टेबल बना लें, जैसे सुबह या शाम को आधे घंटे। अगर आप अपना मोबाइल हर समय अपने पास रखेंगे तो सोशल मीडिया आपका ध्यान भंग करेगा। इससे आपका समय बर्बाद होगा और आपकी तैयारी अधूरी रह जाएगी।
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सवाल : साइंस मुझे अच्छी लगती है, बाकी विषय की तैयारी ठीक से नहीं हो पा रही।
-ज्योति सिंह, आवास विकास
जवाब : यह अच्छी बात है कि अपको कोई विषय काफी पंसद है। इसकी तैयारी अच्छे से की होगी, लेकिन बाकी विषय में भी तैयारी करना बेहद जरूरी है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए सभी विषयों का ज्ञान होना बेहद जरूरी है। कुछ-कुछ समय सभी विषयों के लिए देना है। जहां दिक्कत आ रही है वहां संबंधित शिक्षक से बात करें ताकि वह अपनी उस विषय से संबंधित समस्या का समाधान कर सके।
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सवाल : परीक्षा के दौरान लिखावट से भी नंबर पर फर्क पर पड़ा है क्या।
- स्पर्श, सिविल लाइन
जवाब : हां कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि परीक्षक लिखावट को देखते वक्त अच्छे नंबर दे देते हैं, क्योंकि प्रश्न से उत्तर अगर स्पष्ट और साफ-साफ लिखा होगा, तो परीक्षक को चेक करते समय परेशानी नहीं होगी और वह आसानी से पढ़ सकेंगे कि क्या लिखा है। ऐसे में प्रत्येक उत्तर के बीच में थोड़ा अंतर अवश्य दें।
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अभिभावकों ने भी किए सवाल
सवाल : प्रश्नों के उत्तर रटने से फायदा होगा क्या।
- शृति सिंह, अभिभावक (बाबा कॉलोनी)
जवाब : अगर अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते हैं तो किसी भी विषय का रट्टा बिल्कुल न लगाएं, उसे समझने की कोशिश करें। कई बार सवाल ऐसे बदलकर आ जाते हैं कि जिनके बारे में विद्यार्थी समझ ही नहीं पाता है। ऐसे में प्रश्नों को देखकर घबराहट होने लगती है। जरूरी हैं कि विषय को रटने की बजाय उसे अच्छी तरह से समझ कर पेपर दें। ऐसे में उस विषय से संबंधित हर सवाल का जवाब पता होगा। सिलेबस भी पूरा हो जाएगा और परीक्षा में सब्जेक्ट से रिलेटेड हर प्रश्न का उत्तर पता होगा।
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सवाल : बच्चों की पढ़ाई के लिए क्या समय उपयुक्त रहेगा
-श्याम कुमार सिंह, अभिभावक (नेकपुर)
जवाब : परीक्षा नजदीक आ रही है, ऐसे में बच्चों पर पढ़ाई का प्रेशर बढ़ जाता है, इसमें जरूरी यह है कि वह पढ़ाई के लिए एक टाइम टेबल बनाएं, जिसके आधार पर वह पढ़ाई करें। हालांकि सुबह के समय पढ़ाई अच्छे से हो पाती है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर विद्यार्थी पूर्व में कोई टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई कर रहा है तो उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं करना चाहिए।
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पूर्व जिला कोऑर्डिनेटर ने कहा कि परीक्षा की तैयारी छात्रों की बौद्धिक क्षमता, स्मरण शक्ति, कुशाग्रता, त्वरित निर्णायक क्षमता व धैर्य पर निर्भर करती हैं। तैयारी से पूर्व इनका आकलन जरूरी है ताकि कमियों को दूर कर मजबूत शुरुआत हो। कई बार देखने में आता है कि सबकुछ आने के बाद भी अक्सर अच्छे नंबर नहीं मिलते, इसलिए योजनाबद्ध तरीके से अध्ययन जरूरी है। तय करें कि प्रतिदिन कितने विषय पढ़ने हैं। किस विषय को कितना समय देना है, रिवीजन कितनी देर करना है। ऐसा करने से आधी समस्या दूर हो जाएगी। ध्यान रहे किसी भी काम को कल पर न टालें। जंक फूड और बाहर का खाना खाने से बचें। पौष्टिक और घर का बना हल्का खाना ही लें। तरल पदार्थ ज्यादा लें, तले खाने से दूर रहें। समय से सोएं और नियमित पढ़ें। नया विषय हमेशा सुबह से पढ़ें, रिवीजन रात को ही करें। नोट्स खुद तैयार करें।
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सवाल : कोरोना काल में लिखने की क्षमता कम हुई है, ऐसे में क्या करना चाहिए।
-सृष्टि पांडेय, पुरानी चुंगी
जवाब : आप जो भी रिवीजन कर रहे हैं, उसको लेकर एक शेड्यूल बनाएं। उसके बाद में उसको लिखें भी। इस प्रकार लिखने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। साथ ही उस विषय को लेकर आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उस विषय में आप मजबूत होंगे।
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सवाल : टर्म वन में पेपर का कन्फ्यूजन था, इससे काफी टेंशन हो गई थी, क्या टर्म टू में उसी प्रकार कन्फ्यूजन रहेगा।
-भूमिका सिंह, पुलिस लाइन
जवाब : टर्म वन के पेपर में जो कन्फ्यूजन रहा होगा, टर्म टू में ऐसा नहीं रहेगा। वहीं सीबीएसई द्वारा जो सैंपल पेपर उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी प्रैक्टिस करें। इससे जो भी कन्फ्यूजन हैं, वे दूर हो जाएंगे। आप परेशान न हों, बल्कि पेपर की तैयारी पर फोकस करें। अगर आपकी तैयारी अच्छी होगी तो पेपर कैसा भी आए आपको किसी प्रकार दिक्कत नहीं होगी।
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सवाल : इस बार टर्म वन में काफी दिक्कत हुई, क्या मेरे भाई को भी इसी प्रकार की दिक्कत होगी।
-ईशान, टिकिटगंज
जवाब : पेपर कैसे भी हों, किसी भी पैटर्न पर हों। उस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है, बल्कि ध्यान अपनी पढ़ाई पर देना चाहिए। इसमें सबसे ज्यादा सेल्फ स्टडी और रिवीजन पर जोर देना होगा।
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सवाल : टर्म टू में प्रश्न सब्जेक्टिव होगा या ऑब्जेक्टिव।
-फाईज अहमद, जुंगी चौक
जवाब : सीबीएसई की ओर से सैंपल पेपर दिए हैं। इसमें स्पष्ट कर दिया है कि किसी प्रकार के प्रश्न आने हैं। किस प्रकार आपको तैयारी करनी है, कितने सेक्शन में प्रश्न पत्र बंटा हुआ है और कितने अंक के प्रश्न आएंगे। वहीं सबसे ज्यादा रिवीजन पर फोकस करें। इससे यह फायदा होगा कि पेपर किसी भी पैटर्न पर आए, आप को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
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सवाल : फिजिक्स में न्यूमेरिकल की तैयारी सही से नहीं हो पा रही, तैयारी कैसे की जाए।
-काव्या, नबी चौक
जवाब : फिजिक्स में न्यूमेरिकल प्रश्न इसलिए पूछे जाते हैं, जिससे सैद्धांतिक संकल्पनाओं को समझा जा सके। न्यूमेरिकल हल करने के लिए सबसे पहले सभी सूक्ष्म अंशों को विस्तार से पढ़ें। यदि किसी आरेख की आवश्यकता हो तो उसे बना लेना चाहिए। सूत्र का उपयोग कर अज्ञात मान की गणना करनी चाहिए। यदि आप पुराने प्रश्न पत्रों व एनसीईआरटी की पुस्तकों में दिए सभी प्रश्नों की प्रैक्टिस करते हैं तो न्यूमेरिकल प्रश्न सही प्रकार से हल कर पाएंगे।
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सवाल : जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आ रही है, पढ़ाई में ध्यान नहीं लग रहा, ऐसे में कैसे पढ़ाई पर फोकस करें।
- सुरुचि, जवाहरपुरी
जवाब: विद्यार्थियों को परीक्षा से डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बोर्ड की वेबसाइट पर सैंपल पेपर उपलब्ध है। इसका अध्ययन कर ठीक प्रकार से तैयारी की जा सकती है। क्योंकि उसी के आधार पर प्रश्न पत्र आएगा। लिहाजा इनका अभ्यास बहुत काम आएगा, घबराएं नहीं अपने सामर्थ्य के अनुसार पढ़ते रहें। साथ एक टाइम टेबल बना लें। इससे पढ़ाई करने में आसानी मिलेगी।
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सवाल : केमिस्ट्री के पेपर की तैयारी किस प्रकार करनी चाहिए, जिससे आसानी हो।
- स्नेहा सिंह, सहसवान
जवाब : सभी यूनिट का अध्ययन करें। खासतौर से सॉल्यूशन, किटोनस, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, कोआर्डिनेशन कंपाउंड का गहन अध्ययन करें। सभी संकल्पनाओं को अच्छे से दोहरा लें और प्रत्येक के चार से पांच प्रश्न हल कर लें। केमिस्ट्री से डरे नहीं, रुचि लेकर अध्ययन करें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को भी हल कर लें, दोहराते समय जहां समस्या आए। उनको नोट कर लें, बाद में उनको दोबारा हल करें।
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सवाल : मेरे पास पीसीएम विषय है, बेहतर अंक पाने के लिए किस प्रकार तैयारी करें।
- सर्वेश कुमार, सहसवान
जवाब : सभी विषयों में यदि कोई संकल्पना समझ नहीं आती है तो उसे जल्दी से समझने का प्रयत्न करें। जितना अधिक हो सके उतने अधिक आदर्श प्रश्न पत्र का हल करें, अपने बनाए गए नोट्स से रीविजन करें। गणित के लिए एनसीईआरटी पुस्तक के उपलब्ध सभी प्रश्नों को व पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों पर आधारित मॉक टेस्ट हल करें।
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सवाल : क्या पुराने पेपरों से तैयारी करना ठीक रहेगा।
-मरियम, शिवपुरम
जवाब : ये अच्छी बात है, पुराने पेपरों से बेहतर तरीके से तैयारी की जा सकती है। इससे प्रश्न को हल करने में काफी आसानी होगी। इसके साथ ही रिवीजन करना बेहतर होगा, क्योंकि लिखने के साथ काफी चीजें आसानी से समझ में आ जाती हैं।
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सवाल : सेल्फ स्टडी के दौरान मोबाइल का उपयोग करना चाहिए या नहीं।
- मोहित, उझानी
जवाब : विद्यार्थी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सेल्फ स्टडी के दौरान मोबाइल का उपयोग बिल्कुल भी न करें, सेल्फ स्टडी के दौरान जहां पर दिक्कत आ रही है। उसको एक कॉपी पर नोट करते जाएं। जब आपका रिवीजन पूरा हो जाए। उसके बाद में मोबाइल या शिक्षकों के माध्यम से उस समस्या का समाधान कर लें। सेल्फ स्टडी के दौरान जहां पर दिक्कत आए वहां मोबाइल का उपयोग बिल्कुल न करें। इससे एकाग्रता भंग होती है जो अच्छी बात नहीं है।
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सवाल : गैजेट का सहारा लेना उचित है क्या।
-निर्भान शर्मा, बिल्सी
जवाब : बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर लाना चाहते हैं, तो अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अलग रख दें। खासतौर पर सोशल मीडिया का उपयोग अभी न करें। अगर जरूरी हो तो इसके लिए अपना एक टाइम टेबल बना लें, जैसे सुबह या शाम को आधे घंटे। अगर आप अपना मोबाइल हर समय अपने पास रखेंगे तो सोशल मीडिया आपका ध्यान भंग करेगा। इससे आपका समय बर्बाद होगा और आपकी तैयारी अधूरी रह जाएगी।
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सवाल : साइंस मुझे अच्छी लगती है, बाकी विषय की तैयारी ठीक से नहीं हो पा रही।
-ज्योति सिंह, आवास विकास
जवाब : यह अच्छी बात है कि अपको कोई विषय काफी पंसद है। इसकी तैयारी अच्छे से की होगी, लेकिन बाकी विषय में भी तैयारी करना बेहद जरूरी है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए सभी विषयों का ज्ञान होना बेहद जरूरी है। कुछ-कुछ समय सभी विषयों के लिए देना है। जहां दिक्कत आ रही है वहां संबंधित शिक्षक से बात करें ताकि वह अपनी उस विषय से संबंधित समस्या का समाधान कर सके।
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सवाल : परीक्षा के दौरान लिखावट से भी नंबर पर फर्क पर पड़ा है क्या।
- स्पर्श, सिविल लाइन
जवाब : हां कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि परीक्षक लिखावट को देखते वक्त अच्छे नंबर दे देते हैं, क्योंकि प्रश्न से उत्तर अगर स्पष्ट और साफ-साफ लिखा होगा, तो परीक्षक को चेक करते समय परेशानी नहीं होगी और वह आसानी से पढ़ सकेंगे कि क्या लिखा है। ऐसे में प्रत्येक उत्तर के बीच में थोड़ा अंतर अवश्य दें।
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अभिभावकों ने भी किए सवाल
सवाल : प्रश्नों के उत्तर रटने से फायदा होगा क्या।
- शृति सिंह, अभिभावक (बाबा कॉलोनी)
जवाब : अगर अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते हैं तो किसी भी विषय का रट्टा बिल्कुल न लगाएं, उसे समझने की कोशिश करें। कई बार सवाल ऐसे बदलकर आ जाते हैं कि जिनके बारे में विद्यार्थी समझ ही नहीं पाता है। ऐसे में प्रश्नों को देखकर घबराहट होने लगती है। जरूरी हैं कि विषय को रटने की बजाय उसे अच्छी तरह से समझ कर पेपर दें। ऐसे में उस विषय से संबंधित हर सवाल का जवाब पता होगा। सिलेबस भी पूरा हो जाएगा और परीक्षा में सब्जेक्ट से रिलेटेड हर प्रश्न का उत्तर पता होगा।
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सवाल : बच्चों की पढ़ाई के लिए क्या समय उपयुक्त रहेगा
-श्याम कुमार सिंह, अभिभावक (नेकपुर)
जवाब : परीक्षा नजदीक आ रही है, ऐसे में बच्चों पर पढ़ाई का प्रेशर बढ़ जाता है, इसमें जरूरी यह है कि वह पढ़ाई के लिए एक टाइम टेबल बनाएं, जिसके आधार पर वह पढ़ाई करें। हालांकि सुबह के समय पढ़ाई अच्छे से हो पाती है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर विद्यार्थी पूर्व में कोई टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई कर रहा है तो उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं करना चाहिए।