{"_id":"5d8912308ebc3e014f25ddd0","slug":"education-badaun-news-bly37732291","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईटेक स्कूल ही बन सकेंगे परीक्षा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईटेक स्कूल ही बन सकेंगे परीक्षा केंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। इस बार हाईटेक स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनाए जाने के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अधिकारियों को निर्देश दिए है। इसके तहत अब जिन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है, वहां पर हाईस्पीड इंटरनेट या ब्रॉडबैंड कनेक्शन होना अत्यंत जरूरी है। साथ ही परीक्षा के दौरान लाइव देने के लिए इंटरनेट वेबकास्टिंग की भी सुविधा होनी चाहिए, यानी कहें तो पूरा कॉलेज कैंपस वाईफाई होना चाहिए।
नकल माफिया पर नकेल कसने की अभी से शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड की ओर से सत्र शुरू होते ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की स्कीम को जारी कर दिया गया, वहीं केंद्र निर्धारण की नीति में भी बदलाव कर दिया गया। इससे तहत नकल माफिया को परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करना मुश्किल हो जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इस बार यूपी बोर्ड ने जो बदलाव किए हैं, वे परीक्षा को नकलविहीन कराने के उद्देश्य से बेहद ही खास हैं। उनके अनुसार इस बार केवल वही स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें हाईस्पीड इंटरनेट या ब्राडबैंड का कनेक्शन होगा, साथ ही स्कूल में इंटरनेट वेबकास्टिंग की सुविधा होगी, ताकि अधिकारी कहीं पर भी बैठकर कॉलेज में परीक्षा के दौरान क्या हो रहा है, उसका लाइव देख सकें। इसके अलावा दो सीसीटीवी और वायस रिकॉर्डर भी होना अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस बार परीक्षा केंद्र बनाए जाने को लेकर कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। अब हाईटेक कॉलेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, ताकि वहां पर किसी भी प्रकार की नकल न हो सके।
विज्ञापन
-राममूरत, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
नकल माफिया पर नकेल कसने की अभी से शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड की ओर से सत्र शुरू होते ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की स्कीम को जारी कर दिया गया, वहीं केंद्र निर्धारण की नीति में भी बदलाव कर दिया गया। इससे तहत नकल माफिया को परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करना मुश्किल हो जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इस बार यूपी बोर्ड ने जो बदलाव किए हैं, वे परीक्षा को नकलविहीन कराने के उद्देश्य से बेहद ही खास हैं। उनके अनुसार इस बार केवल वही स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें हाईस्पीड इंटरनेट या ब्राडबैंड का कनेक्शन होगा, साथ ही स्कूल में इंटरनेट वेबकास्टिंग की सुविधा होगी, ताकि अधिकारी कहीं पर भी बैठकर कॉलेज में परीक्षा के दौरान क्या हो रहा है, उसका लाइव देख सकें। इसके अलावा दो सीसीटीवी और वायस रिकॉर्डर भी होना अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञापन
इस बार परीक्षा केंद्र बनाए जाने को लेकर कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। अब हाईटेक कॉलेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, ताकि वहां पर किसी भी प्रकार की नकल न हो सके।
विज्ञापन
-राममूरत, जिला विद्यालय निरीक्षक