Budaun News: सामान पहुंचाने के बहाने बुक किया ई-रिक्शा, चालक की हत्या कर लूटा, एक आरोपी गिरफ्तार
बदायूं के मुजरिया इलाके में रविवार दोपहर को मुजरिया चौराहे से ही कुछ दूर एक निर्माणाधीन मकान में ई-रिक्शा चालक का शव पड़ा मिला। उसका ई-रिक्शा एक दिन पहले खाई में पड़ा मिला था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
विस्तार
बदायूं के मुजरिया थाना क्षेत्र के सत्यवीर उर्फ बंटू की हत्या उसका ई-रिक्शा लूटने के लिए की गई थी। हत्यारोपी मुजरिया चौराहे से उसका ई-रिक्शा बुक करके ले गए थे और कुछ सामान पहुंचाने के बहाने निर्माणाधीन मकान में ले गए। वहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसमें पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लूट का सामान बरामद हुआ है। इसमें एक आरोपी पकड़ा नहीं गया है। पुलिस उसे तलाश कर रही है।
ग्राम सगराय निवासी सत्यवीर उर्फ बंटू (17) चार फरवरी को अपने ई-रिक्शा समेत लापता हो गया था। वह उस दिन सवारियां लेकर मुजरिया चौराहे पर गया था। जब देर रात तक उसका कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों ने दूसरे दिन
मुजरिया थाने में जाकर उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई और उसकी तलाश शुरू कर दी। मुजरिया चौराहे से लेकर सहसवान तक तमाम सीसीटीवी कैमरे खंगाल डाले लेकिन ई-रिक्शा चालक का कुछ पता नहीं चला।
शनिवार सुबह इस्लामनगर मार्ग पर खाई में उसका ई-रिक्शा पड़ा मिला। रविवार दोपहर उसका मुजरिया चौराहे से ही कुछ दूर एक निर्माणाधीन मकान में शव पड़ा मिला। उसकी रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई थी। रविवार देर शाम उसके शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया लेकिन परिवार वालों ने सुबह तक उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। काफी समझाने के बाद सुबह उन्होंने अंतिम संस्कार किया।
सोमवार को हत्याकांड का खुलासा हुआ
सोमवार दोपहर एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने ई-रिक्शा चालक हत्याकांड का खुलासा कर दिया। उन्होंने बताया कि इसमें सहसवान कस्बे के मोहल्ला रुस्तम टोला निवासी इकबाल उर्फ इकबालुद्दीन पुत्र शमीउद्दीन पकड़ा गया है। उसने बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव खैरी निवासी गौरव माहेश्वरी पुत्र राजेंद्र माहेश्वरी के साथ मिलकर मुजरिया चौराहे से सत्यवीर का ई-रिक्शा बुक किया था।
उन्होंने कहा था कि निर्माणाधीन मकान से कुछ सामान उठाकर लाना है। इस बहाने से वह सत्यवीर को उस मकान में ले गए और उसकी हत्या कर दी। उसका ई-रिक्शा, मोबाइल, पर्स, आधार कार्ड और 1200 रुपये लूटकर भाग गए। अभी गौरव माहेश्वरी नहीं पकड़ा गया है। पुलिस उसको तलाश कर रही है। इकबाल को जेल भेज दिया गया है।
इकबाल और गौरव ने ई-रिक्शा बुक करने के दौरान ही सत्यवीर की हत्या करने की योजना बना ली थी। उन्होंने ई-रिक्शा में बंधी रस्सी से ही घटना को अंजाम दिया था। बाद में इकबाल ने मौके से लूटा गया ई-रिक्शा चालक के मोबाइल में अपनी सिम डाली थी। थाना पुलिस ने इससे पहले ही उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया था। इससे आरोपी पकड़ा गया और इस हत्याकांड का खुलासा हो गया।
गंभीरता से लेती पुलिस तो पहले ही पकड़े जाते हत्यारोपी
ई-रिक्शा चालक के लापता होने के बाद से उसके परिवार वाले लगातार उसकी तलाश कराने की मांग कर रहे थेश्वह प्रदर्शन भी कर चुके थे। उसका शव कहीं ज्यादा दूर नहीं पड़ा था। मुजरिया चौराहे से कुछ ही दूर मकान में पड़ा था लेकिन थाना पुलिस सर्विलांस टीम पर निर्भर थी।
पुलिस की लापरवाही से ही परिवार वाले आक्रोशित हैं। इसलिए उन्होंने रात उसका अंतिम संस्कार नहीं किया था। वह पहले आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। जब उन्हें पता चला कि एक आरोपी पकड़ा गया है। तब उन्होंने अंतिम संस्कार किया।