फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Due to weather, production of raw potatoes has decreased

Budaun News: मौसम की मार... कच्चे आलू की कम हुई पैदावार

Sun, 29 Dec 2024 11:25 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2024 11:25 PM IST
विज्ञापन
Due to weather, production of raw potatoes has decreased
राम औतार शाक्य,किसान
बदायूं। मौसम के मिजाज ने इस बार कच्चे आलू के उत्पादकों को परेशानी में डाल दिया है। आठ-नौ दिन पहले तक दिन में ठंड कम पड़ने से खेतों में आलू का कंद सिकुड़ गया था। अब वह बढ़वार नहीं पकड़ पा रहा, जिसका सीधा असर पैदावार पर देखने को मिल रहा है। करीब 30 फीसदी तक पैदावार कम हुई है।
विज्ञापन

इलाके के अधिकतर गांवों में किसान कच्चे आलू की खेती को वरीयता देते हैं। कच्चे आलू की खोदाई 15 नवंबर से दिसंबर अंत तक कर ली जाती है। दिसंबर की शुरूआत में भी मौसम में कोई खास नमी महसूस नहीं हुई, जबकि कच्चे आलू की अच्छी फसल के लिए खेतों में नमी बनाए रखना आवश्यक होता है।
विज्ञापन

दिन का तापमान करीब 18 डिग्री हो तो बेहतर साबित होता है। इसके विपरीत तापमान 22 डिग्री के करीब रहने से आलू बढ़वार नहीं पकड़ पाता। किसानों ने हालांकि सिंचाई के जरिये खेतों में नमी बरकरार रखने की कोशिश भी की, लेकिन बेहतर परिणाम देखने को नहीं मिला। इसी वजह से पिछले सप्ताह तक खोदाई के दौरान कच्चे आलू की पैदावार प्रति बीघा 15 से 20 बोरी से ज्यादा नहीं निकली। कुछेक खेत तो ऐसे भी रहे, जिनमें 10 बोरी प्रति बीघा का ही औसत आया। इसके विपरीत पिछले साल की पैदावार पर गौर करें तो करीब 25 बोरी तक कच्चा आलू निकला था।
विज्ञापन
विज्ञापन



घटी पैदावार की अच्छे भाव ने कर दी भरपाई
कच्चे आलू का थोक रेट दो-तीन दिन से निरंतर बढ़ रहा है। दो दिन पहले मंडी में थोक भाव प्रति क्विंटल 13 सौ रुपये था, जो रविवार को 15 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। पिछले साल करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक ही थोक भाव रहा था। बताते हैं कि रेट में इजाफा की वजह से पैदावार में गिरावट दब गई है। किसानों को कम पैदावार होने का ज्यादा नुकसान नहीं उठना पड़ा है।

किसान बोले- पिछले साल के मुकाबले दिसंबर नहीं रहा अधिक ठंडा
कच्चे आलू की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम रही है। इसके पीछे की असल वजह मौसम का अनुकूल नहीं होना सामने आया है। पिछले साल के मुकाबले दिसंबर में ठंड भी नहीं पड़ी है।- रामऔतार शाक्य, किसान



पिछले कई साल से कच्चे आलू की खेती कर रहा हूं। पिछले कुछेक सालों में मौसम का मिजाज फसल के अनुरूप रहा है। इस बार दिक्कत हुई है। फिर भी रेट अच्छा मिल जाने से घाटा नहीं रहा।- वीरेंद्र, किसान

राम औतार शाक्य,किसान

राम औतार शाक्य,किसान

राम औतार शाक्य,किसान

राम औतार शाक्य,किसान

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed