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Budaun News: आवासीय स्कूल के बच्चों के लिए बनाईं ड्रेस, भुगतान को भटक रही युवती; समाधान की जगह मिली 'सजा'

Sat, 11 Oct 2025 04:19 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 11 Oct 2025 04:19 PM IST
सार

बदायूं में एक युवती ने ठेके पर आवासीय स्कूल के बच्चों के लिए ड्रेस तैयार कराईं, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने ड्रेस लेने से मना कर दिया। विधायक के दखल पर स्कूल ने 22 सौ ड्रेस लेकर भुगतान किया, लेकिन तीन हजार ड्रेस अभी भी रखी हुई हैं। इसका भुगतान के लिए युवती दफ्तरों के चक्कर लगाने का मजबूर है। 

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Dresses made for children of residential school girl wandering for payment in Budaun
पीड़ित इमरती देवी - फोटो : संवाद

विस्तार

बदायूं जिले में 22 साल की युवती न्याय के लिए भटक रही है। वह न्याय की गुहार लगाने समाज कल्याण अधिकारी के पास गई। आरोप है कि वहां उसके साथ बदसलूकी की गई। बाद में उसके खिलाफ ही आत्मदाह करने की धमकी देने की धारा में मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया। उसकी मां को भी स्कूल से निकाल दिया गया है।

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मामला दातागंज थाना क्षेत्र के गांव समरेर का है। गांव की रहने वाली 22 वर्षीय इमरती ने बताया कि उसने समरेर स्थित आश्रम पद्धति आवासीय स्कूल में पढ़ाई की थी। यहीं से उसे तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी ने स्कूल की ड्रेस सिलने का ठेका दिया। इमरती देवी ने बताया कि वह बहुत गरीब है, उसके पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। 
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इमरती की मां आवासीय स्कूल में बतौर वार्डेन काम कर रही थीं। ड्रेस सिलने के लिए इमरती को कपड़ा भी स्कूल से ही मुहैया कराया गया था। उसने रात-दिन एक कर 5200 पीस ड्रेस के सिलकर तैयार कर दिए। इसके लिए उसने कर्ज पर रुपये लेकर कारीगर भी लगाए थे। जब ड्रेस सिलकर तैयार हो गईं तो स्कूल प्रबंधन ने ड्रेस लेने से मना कर दिया। 

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विधायक ने कराया भुगतान 
इमरती ने बताया कि उस समय बदायूं में तैनात रहे समाज कल्याण अधिकारी रामजनम का भी ट्रांसफर हो गया। इसके बाद वह अधिकारियों के चक्कर लगाती रही। जब अधिकारियों ने उसे अनसुना कर दिया तो उसने क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह से फरियाद की। क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद इमरती से स्कूल प्रबंधन और समाज कल्याण अधिकारी ने ड्रेस के 2200 पीस ले लिए और उसका भुगतान कर दिया। 

इमरती का कहना है कि अभी भी उसके घर में तीन हजार ड्रेस रखी हुई हैं। इसके लिए वह अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। शनिवार को उसने डीएम को शिकायती पत्र देकर जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। उसने उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म करने की मांग की। 
 

समाज कल्याण अधिकारी ने दी ये दलील 
समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि जितने भी पीस ड्रेस स्कूल को मिले हैं, उसका भुगतान करा दिया गया है। स्कूल के पास अन्य ड्रेसें नहीं पहुंची हैं। इस मामले में जांच कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगी उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। अगर उसने ड्र्रेस अधिक स्कूल को दी हैं, तो उसका  विवरण दिखाए। अगर सही है तो उसका भुगतान कराया जाएगा। युवती ने आत्मदाह करने की धमकी दी थी। इसलिए उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 

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