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आवारा कुत्तों ने दो बच्चों को नोच डाला, एक गंभीर
ब्यूरो/बदायूं
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:24 PM IST
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DOG BYTE CASE
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जिले के कई इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बुधवार को कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज में घर के बाहर खेल रहे दो बच्चों को आवारा कुत्तों ने बुरी तरह से नोच डाला। गांव के लोगों ने बमुश्किल दोनों बच्चों की आवारा कुत्तों से जान बचाई। बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक बच्चे की हालत गंभीर है।
थाना कादरचौक के गांव मोहम्मदगंज के शमीम की आठ वर्षीय बेटी नाजरीन और सुल्तान का नौ वर्षीय बेटा पवन गांव के बाकी बच्चों के साथ बुधवार दोपहर घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान नाजरीन और पवन पर तीन आवारा कुत्तों ने हमला बोल दिया। दोनों बच्चों के शरीर के कई स्थानों से मांस नोच लिया। बच्चों के चीखने चिल्लाने पर गांव के लोगों ने किसी तरह से इनको बचाया। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें नाजरीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। गांव में आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। बता दें कि करीब दो महीने पहले आवारा कुत्तों ने ककराला में एक बच्चे को बुरी तरह से घायल कर दिया था। बच्चे को कई दिन तक अस्पताल में रखना पड़ा था।
और जिला अस्पताल में एआरवी ही नहीं
बदायूं। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक है लेकिन जिले में एंटी रैबीज वैक्सीन ही नहीं है। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए रोज औसतन 200 से 250 लोग पहुंच रहे हैं लेकिन उनको वैक्सीन लगवाए बिना ही लौटना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में करीब दो महीने पहले एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई थी। अफसरों की मानें तो बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद दवा कंपनी से सप्लाई नहीं मिल रही। यही हाल जिले के सीएचसी और पीएचसी का है। जिले में 12 सीएचसी और पांच पीएचसी हैं। यहां भी एआरवी नहीं है। कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने एक हजार वैक्सीन की खरीद की थी, लेकिन, यह कुछ ही दिन में खत्म हो गईं। कुत्ता और बंदर के काटने पर लगने वाली एआरवी लोगों को मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। यह महंगी वैक्सीन है, जिसे खरीद पाने में गरीब तबके के लोग सक्षम नहीं है।
एआरवी की समस्या सिर्फ बदायूं नहीं पूरे यूपी की है। रेट कांट्रेक्ट के तहत जो कंपनी एआरवी की सप्लाई करती है उसे कई रिमाइंडर दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिल रही। स्थानीय स्तर पर एक हजार वैक्सीन खरीदी गई थीं। किसी तरह से काम चलाया जा रहा है।-नरेंद्र कुमार, सीएमओ
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थाना कादरचौक के गांव मोहम्मदगंज के शमीम की आठ वर्षीय बेटी नाजरीन और सुल्तान का नौ वर्षीय बेटा पवन गांव के बाकी बच्चों के साथ बुधवार दोपहर घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान नाजरीन और पवन पर तीन आवारा कुत्तों ने हमला बोल दिया। दोनों बच्चों के शरीर के कई स्थानों से मांस नोच लिया। बच्चों के चीखने चिल्लाने पर गांव के लोगों ने किसी तरह से इनको बचाया। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें नाजरीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। गांव में आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। बता दें कि करीब दो महीने पहले आवारा कुत्तों ने ककराला में एक बच्चे को बुरी तरह से घायल कर दिया था। बच्चे को कई दिन तक अस्पताल में रखना पड़ा था।
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और जिला अस्पताल में एआरवी ही नहीं
बदायूं। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक है लेकिन जिले में एंटी रैबीज वैक्सीन ही नहीं है। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए रोज औसतन 200 से 250 लोग पहुंच रहे हैं लेकिन उनको वैक्सीन लगवाए बिना ही लौटना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में करीब दो महीने पहले एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई थी। अफसरों की मानें तो बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद दवा कंपनी से सप्लाई नहीं मिल रही। यही हाल जिले के सीएचसी और पीएचसी का है। जिले में 12 सीएचसी और पांच पीएचसी हैं। यहां भी एआरवी नहीं है। कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने एक हजार वैक्सीन की खरीद की थी, लेकिन, यह कुछ ही दिन में खत्म हो गईं। कुत्ता और बंदर के काटने पर लगने वाली एआरवी लोगों को मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। यह महंगी वैक्सीन है, जिसे खरीद पाने में गरीब तबके के लोग सक्षम नहीं है।
एआरवी की समस्या सिर्फ बदायूं नहीं पूरे यूपी की है। रेट कांट्रेक्ट के तहत जो कंपनी एआरवी की सप्लाई करती है उसे कई रिमाइंडर दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिल रही। स्थानीय स्तर पर एक हजार वैक्सीन खरीदी गई थीं। किसी तरह से काम चलाया जा रहा है।-नरेंद्र कुमार, सीएमओ