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डीएम के गोद लिए गांव में बढ़े कुपोषित बच्चे
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2016 11:06 PM IST
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कुपोषण
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम बोल, समय-समय होती देखभाल तो नहीं आती ऐसी नौबत
राज्य पोषण मिशन के तहत डीएम द्वारा गोद लिए ब्लाक दातागंज के ग्राम भटौली में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। इसका खुलासा डीएम सीपी त्रिपाठी के गांव के दौरा के दौरान हुआ। डीएम ने इस पर गुस्से का इजहार करते हुए आगंनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्कर, एएनएम और संबंधित सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को दोषी ठहराते हुए कहा कि यदि गर्भकाल के दौरान ही गर्भवती महिलाओं की भलीभांति देखभाल होती। पोषक तत्व और दवाई आदि देकर उनके खाने के संबंध में समय-समय पर पूछताछ की गई होती तो अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में इतना इजाफा नहीं होता।
बुधवार को डीएम ने भटौली पहुंचकर गांव में स्थापित तीनों आंगनबाड़ी केंद्र में स्थित बच्चों के संबंध में जानकारी हासिल की तो पाया कि पहले तीनों केंद्रों में कुल 11 बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार थे, जिसमें छह बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया था और कुल आठ बच्चे सामान्य श्रेणी में आने के बाद अब स्थिति यह है कि तीनों केन्द्रों पर 25 बच्चे गम्भीर रूप से कुपोषण का शिकार हैं तथा 54 बच्चे अंशिक रूप से कुपोषित है और 304 बच्चे सामान्य श्रेणी में हैं। पोषण मिशन लागू होने से अबतक 93 बच्चे स्वस्थ्य हो चुके हैं। गांव में 67 गर्भवती और 47 धात्री महिलाएं हैं। डीएम ने इस अवसर पर गर्भवती और धात्री महिलाओं को पुष्टाहार के पैकेट भी प्रदान किए।
डीएम ने सभी अतिकुपोषित बच्चों को बारी-बारी से जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीडीपीओ स्वयं अपने वाहन से बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में अनिवार्य रूप से भर्ती कराएं। जिलाधिकारी ने आगंनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्कर और एएनएम की कार्य प्रणाली पर कड़ा असंतोष जताया। इस अवसर पर एसडीएम ओपी तिवारी, डीपीओ निर्मल शर्मा, बीएसए प्रेम शंकर यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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पोषण पुनर्वास केंद्र में व्यवस्था कराएं सुदृढ़
बदायूं। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने गंभीर कुपोषित बच्चों को जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए तो गांव की किरन ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वह अपनी पुत्री राजकुमारी को लेकर पोषण पुनर्वास केंद्र में रहीं थी। वहां मात्र दो टाइम ही दोपहर और शाम को भोजन दिया जाता है। प्रात:काल में काफी असुविधा होती है और केंद्र के निकट पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में मौजूद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन हरित को निर्देश दिए कि केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रहना चाहिए।
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डीएम ने दी 2.15 लाख की आर्थिक सहायता
बदायूं। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने मंडी समिति द्वारा संचालित व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत ग्राम हसनपुर की रोशमिन को दो लाख और अग्निकांड के पीड़ित धनौरा निवासी मिस्टर सिंह को 15 हजार रुपये के चेक देकर आर्थिक मदद की। इस अवसर पर दातागंज मंडी समिति के सचिव अरूण कुमार सिंह मौजूद रहे।
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राज्य पोषण मिशन के तहत डीएम द्वारा गोद लिए ब्लाक दातागंज के ग्राम भटौली में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। इसका खुलासा डीएम सीपी त्रिपाठी के गांव के दौरा के दौरान हुआ। डीएम ने इस पर गुस्से का इजहार करते हुए आगंनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्कर, एएनएम और संबंधित सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को दोषी ठहराते हुए कहा कि यदि गर्भकाल के दौरान ही गर्भवती महिलाओं की भलीभांति देखभाल होती। पोषक तत्व और दवाई आदि देकर उनके खाने के संबंध में समय-समय पर पूछताछ की गई होती तो अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में इतना इजाफा नहीं होता।
बुधवार को डीएम ने भटौली पहुंचकर गांव में स्थापित तीनों आंगनबाड़ी केंद्र में स्थित बच्चों के संबंध में जानकारी हासिल की तो पाया कि पहले तीनों केंद्रों में कुल 11 बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार थे, जिसमें छह बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया था और कुल आठ बच्चे सामान्य श्रेणी में आने के बाद अब स्थिति यह है कि तीनों केन्द्रों पर 25 बच्चे गम्भीर रूप से कुपोषण का शिकार हैं तथा 54 बच्चे अंशिक रूप से कुपोषित है और 304 बच्चे सामान्य श्रेणी में हैं। पोषण मिशन लागू होने से अबतक 93 बच्चे स्वस्थ्य हो चुके हैं। गांव में 67 गर्भवती और 47 धात्री महिलाएं हैं। डीएम ने इस अवसर पर गर्भवती और धात्री महिलाओं को पुष्टाहार के पैकेट भी प्रदान किए।
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डीएम ने सभी अतिकुपोषित बच्चों को बारी-बारी से जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीडीपीओ स्वयं अपने वाहन से बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में अनिवार्य रूप से भर्ती कराएं। जिलाधिकारी ने आगंनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्कर और एएनएम की कार्य प्रणाली पर कड़ा असंतोष जताया। इस अवसर पर एसडीएम ओपी तिवारी, डीपीओ निर्मल शर्मा, बीएसए प्रेम शंकर यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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पोषण पुनर्वास केंद्र में व्यवस्था कराएं सुदृढ़
बदायूं। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने गंभीर कुपोषित बच्चों को जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए तो गांव की किरन ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वह अपनी पुत्री राजकुमारी को लेकर पोषण पुनर्वास केंद्र में रहीं थी। वहां मात्र दो टाइम ही दोपहर और शाम को भोजन दिया जाता है। प्रात:काल में काफी असुविधा होती है और केंद्र के निकट पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में मौजूद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन हरित को निर्देश दिए कि केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रहना चाहिए।
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डीएम ने दी 2.15 लाख की आर्थिक सहायता
बदायूं। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने मंडी समिति द्वारा संचालित व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत ग्राम हसनपुर की रोशमिन को दो लाख और अग्निकांड के पीड़ित धनौरा निवासी मिस्टर सिंह को 15 हजार रुपये के चेक देकर आर्थिक मदद की। इस अवसर पर दातागंज मंडी समिति के सचिव अरूण कुमार सिंह मौजूद रहे।