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Budaun News: नालों में नहीं बहेगी गंदगी, बनाई जाएगी जैविक खाद

Thu, 13 Jul 2023 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:42 AM IST
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Dirt will not flow in drains, organic fertilizer will be made
बाइपास पर बना फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी
पौने चार करोड़ की लागत से बनाया गया एफएसटीपी तैयार, जलनिगम ने किया पालिका को हैंडओवर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शौचालयों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाली गंदगी का निस्तारण अब एफएसटीपी के माध्यम से हो सकेगा। इससे जहां लोगों को शौचालयों से निकली गंदगी इधर-उधर डलवाने से निजात मिल जाएगी। वहीं इस गंदगी से जैविक खाद भी तैयार हो सकेगी। इस खाद का प्रयोग किसान अपने खेतों में कर सकेंगे। पौने चार करोड़ की लागत से जलनिगम द्वारा बनाए गए एफएसटीपी को अब नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया गया है।
शासन की ओडीएफ योजना के तहत लोगों के घरों पर शौचालय बनाए गए थे, जिसके बाद लोगों ने खुले में शौच जाना बंद कर दिया। इसके अलावा घरों में सामान्य शौचालय भी थे। लेकिन एक समस्या लोगों के सामने कभी न कभी सामने आती ही थी। दरअसल शौचालयों के सेप्टिक टैंक भरने के बाद उनको खाली कराने के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। गंदगी के निस्तारण के लिए सक्शन पंप वालों को ढूंढना पड़ता था।
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इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने बदायूं, शाहजहांपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद समेत 25 जिलों में एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने के लिए मंजूरी दी। इसके बाद में 2020 में कार्यदायी संस्था जलनिगम ने जमीन की तलाश की। करीब पौने चार करोड़ की लागत से एफएसटीपी बनाया जाना था।
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शासन द्वारा इसको पूरा करने का समय मार्च 2021 में रखा गया, लेकिन कभी बजट के अभाव में तो कभी मशीन नहीं मिल पाने के अभाव में काम समय पर पूरा नहीं हो सका। पिछले माह जल निगम द्वारा इसको बनाकर तैयार किया गया। अब जलनिगम ने इसे नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया है।
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मशीन से बनेगी खाद

अब लोगों को सेप्टिक टैंक खाली करवाने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना नहीं होगा। शौचालय का सेप्टिक टैंक भर जाने की सूचना संबंधित व्यक्ति द्वारा नगर पालिका को देनी होगी। उसके बाद में तय समय पर नगर पालिका से वाहन संबंधित व्यक्ति के घर पर जाएगा। वहां से सेप्टिक टैंक को खाली कर मलबा वाहन में लेकर एफएसटीपी भेजा जाएगा। वहां से वाहन उस मलबे को उन मशीनों में डाला जाएगा। इसके बाद में प्लांट में लगी मशीनों के माध्यम से उसकी जैविक खाद बनाई जाएगी। उस खाद को बेचकर नगर पालिका किसानों को बेचकर अपनी आमदनी बढ़ाएगी।

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एफएसटीपी को बनाकर नगर पालिका के हैंडओवर कर दिया गया है। शौचालयों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाला मलबा इसके माध्यम से खाद के रूप में बदल दिया जाएगा। यह जैविक खाद रासायनिक खादों की तुलना में 10 गुना ज्यादा किफायती और उर्वर क्षमता वाली होगी।
-विनय, एई जल निगम शाहजहांपुर

बाइपास पर बना फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी

बाइपास पर बना फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी

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