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छात्र को अगवा कर मदरसा संचालक ने किया कुकर्म
बदायूं
Updated Wed, 10 Feb 2016 11:42 PM IST
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ककराला का एक 13 वर्षीय किशोर फलायाम इस्लामिक इंटर कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र है। मंगलवार को वह स्कूल से लौटते वक्त गौसिया मस्जिद के पास मैदान में खेलने लगा। आरोप है कि इसी दौरान मदरसा संचालक मोहम्मद फहीम अपने भाई दानिश और एक अन्य व्यक्ति के साथ वहां पहुंचा। फहीम ने छात्र को पास बुलाया और फिर बाइक पर बैठा कर अपने घर ले गया। वहां उसके साथ कुकर्म किया। देर शाम तक छात्र घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने तलाश शुरू की। गौसिया मस्जिद के पास लोगों से पूछताछ करने पर छात्र के पिता को पता लगा कि उसे फहीम ले गया है।
छात्र के पिता मोहल्ले के लोगों के साथ फहीम के घर पहुंचे। बताते हैं कि फहीम ने अपने शिक्षक भाई दानिश और एक अन्य के साथ मिलकर छात्र को पीछे के दरवाजे से बाहर निकाल दिया। खबर मिलने पर पुलिस भी आ गई। परिजनों ने सुरागरसी की तो मंगलवार रात करीब 12 बजे पुलिस ने छात्र को फरीदपुर के जंगल से नग्नावस्था में बरामद कर लिया। छात्र का कहना है कि आरोपियों ने उसकी हत्या की कोशिश भी की थी। उसने पिता को अपने साथ कुकर्म होने की बात बताई है, लेकिन पुलिस ने मुकदमा अपहरण और कुकर्म की कोशिश के आरोप में दर्ज किया है। पिता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी तहरीर के हिसाब से मुकदमा दर्ज नहीं किया है। आरोपियों को बचाने के लिए धाराओं में खेल किया गया है।
हत्या की कोशिश का रिपोर्ट में जिक्र नहीं
बदायूं। अलापुर पुलिस ने अपहरण, कुकर्म और हत्या की कोशिश के आरोपियों को बचाने के चक्कर में अपनी गर्दन फंसा ली है। छात्र के पिता इसे लेकर मुखर हैं। वह पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस मेडिकल के बाद धाराओं को तरमीम करने की बात कह रही है। पुलिस ने मामले में अपहरण और हत्या की कोशिश की धाराएं भी नहीं लगाई हैं। कानून के जानकारों की मानें तो अपहरण और हत्या की कोशिश के आरोप में धारा 364 और 307 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने धारा 363 में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें सिर्फ सात साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा पुलिस ने मामले में धारा 377 के स्थान पर आरोपियों पर धारा 511 की कार्रवाई की है। धारा 377 कुकर्म की है जबकि धारा 511 कुकर्म की कोशिश के मामले में लगाई जाती है। पिता ने पुलिस को तहरीर में अपहरण, हत्या की कोशिश और कुकर्म करने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने इन तीनों धाराओं में खेल कर दिया।
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छात्र के मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट आने और उसके बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट में और धाराएं तरमीम की जाएंगी। फिलहाल जो तहरीर आई थी, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
-एपी सिंह यादव, एसओ अलापुर
मेडिकल और बालक के बयान के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। अगर तहरीर के हिसाब से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। मेडिकल रिपोर्ट आने और बालक के बयान दर्ज होने के बाद मुकदमा संबंधित धाराओं में तरमीम किया जाएगा।
-सौमित्र यादव, एसएसपी
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छात्र के पिता मोहल्ले के लोगों के साथ फहीम के घर पहुंचे। बताते हैं कि फहीम ने अपने शिक्षक भाई दानिश और एक अन्य के साथ मिलकर छात्र को पीछे के दरवाजे से बाहर निकाल दिया। खबर मिलने पर पुलिस भी आ गई। परिजनों ने सुरागरसी की तो मंगलवार रात करीब 12 बजे पुलिस ने छात्र को फरीदपुर के जंगल से नग्नावस्था में बरामद कर लिया। छात्र का कहना है कि आरोपियों ने उसकी हत्या की कोशिश भी की थी। उसने पिता को अपने साथ कुकर्म होने की बात बताई है, लेकिन पुलिस ने मुकदमा अपहरण और कुकर्म की कोशिश के आरोप में दर्ज किया है। पिता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी तहरीर के हिसाब से मुकदमा दर्ज नहीं किया है। आरोपियों को बचाने के लिए धाराओं में खेल किया गया है।
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हत्या की कोशिश का रिपोर्ट में जिक्र नहीं
बदायूं। अलापुर पुलिस ने अपहरण, कुकर्म और हत्या की कोशिश के आरोपियों को बचाने के चक्कर में अपनी गर्दन फंसा ली है। छात्र के पिता इसे लेकर मुखर हैं। वह पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस मेडिकल के बाद धाराओं को तरमीम करने की बात कह रही है। पुलिस ने मामले में अपहरण और हत्या की कोशिश की धाराएं भी नहीं लगाई हैं। कानून के जानकारों की मानें तो अपहरण और हत्या की कोशिश के आरोप में धारा 364 और 307 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने धारा 363 में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें सिर्फ सात साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा पुलिस ने मामले में धारा 377 के स्थान पर आरोपियों पर धारा 511 की कार्रवाई की है। धारा 377 कुकर्म की है जबकि धारा 511 कुकर्म की कोशिश के मामले में लगाई जाती है। पिता ने पुलिस को तहरीर में अपहरण, हत्या की कोशिश और कुकर्म करने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने इन तीनों धाराओं में खेल कर दिया।
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छात्र के मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट आने और उसके बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट में और धाराएं तरमीम की जाएंगी। फिलहाल जो तहरीर आई थी, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
-एपी सिंह यादव, एसओ अलापुर
मेडिकल और बालक के बयान के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। अगर तहरीर के हिसाब से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। मेडिकल रिपोर्ट आने और बालक के बयान दर्ज होने के बाद मुकदमा संबंधित धाराओं में तरमीम किया जाएगा।
-सौमित्र यादव, एसएसपी