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ककोड़ा मेला: गंगा तट पर आस्था-मनोरंजन के संगम में डुबकी लगा रहे श्रद्धालु, कल्पवास के लिए पहुंचे साधु-संत

Sat, 25 Nov 2023 02:09 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Sat, 25 Nov 2023 02:09 PM IST
सार

ककोड़ा मेले का औपचारिक उद्घाटन होना बाकी है। दुकानदारों के साथ खेल-तमाशे और सर्कस समेत तमाम दुकानदार पहुंच चुके हैं। कल्पवास में जनमानस के साथ संत समाज का भी जमावड़ा देखने को मिल रहा है। 

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Devotees gather in Kakoda Mela of Badaun
गंगा तट पर बसा ककोड़ मेला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के कादरचौक में गंगा के किनारे तंबुओं का शहर बसकर लगभग तैयार हो चुका है। आस्था और मनोरंजन के इस संगम में डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंच रहे हैं। ककोड़ा मेले का औपचारिक उद्घाटन होना बाकी है। दुकानदारों के साथ खेल-तमाशे और सर्कस समेत तमाम दुकानदार पहुंच चुके हैं। कल्पवास में जनमानस के साथ संत समाज का भी जमावड़ा देखने को मिल रहा है। 

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जिला मुख्यालय से लेकर नौशेरा, शेखूपुर कादरचौक होते हुए मेला स्थल तक पहुंचने वाला मार्ग इन दिनों सबसे ज्यादा व्यस्त है। कल्पवास के लिए लोग ट्रैक्टर-ट्राॅलियों और बैलगाड़ियों से भी रवाना हो चले हैं। मेले में सर्कस की टोली भी पहुंच चुकी है। मीना बाजार में हलचल है। 
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ढोलक की दुकानों पर सबसे ज्यादा रौनक दिख रही है। खजला और जलेबी की दुकानों पर बिक्री होने लगी है। साधु-संत भी अपने अलग अंदाज में धूनी रमाए हुए हैं। तड़के गंगा में डुबकी लगाकर भजन-कीर्तन करने के बाद ये संत लोगों को संस्कृति की रखवाली और भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। 

मेला में कुछ लोग अपने परिवारों के साथ धार्मिक आस्था लेकर आए हैं, तो कुछ को ये शहरी भागदौड़ से हटकर सुकून के कुछ दिन जीने का माध्यम भी है तो कुछ मनोरंजन के लिए यहां आए हैं। 

टेंट में चल रहा भंडारा, रेडियो पर समय पास 
साधुओं की दिनचर्या की बात करें तो सुबह चार बजे उठने और नित्यकर्म के बाद गंगा किनारे शुरू होता है भजन-कीर्तन का सिलसिला। चार घंटे मगन रहने के बाद दोपहर में स्वयं भोजन बनाते हैं। टेंट में ही सैकड़ों साधुओं का भंडारा होता है। वहीं साधु साधना के बाद रेडियो पर अपना समय पास करते नजर आते हैं। 

अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने मेला परिसर स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। ड्यूटी पर लगे समस्त अधिकारी और कर्मचारियों को ब्रीफिंग कर मेले को सकुशल कराने के लिए दिशा-निर्देश दिए। क्षेत्राधिकारी उझानी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इधर, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव ने भी मेले की व्यवस्थाओं को परखा।

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