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Budaun News: तीन और मरीजों में डेंगू की पुष्टि, आंकड़ा पहुंचा तीन सौ के पार
Sun, 15 Oct 2023 12:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 15 Oct 2023 12:31 AM IST
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रिसौली में लगे स्वास्थ्य कैंप का निरीक्षण करते सीएमओ।स्रोत-स्वास्थ्य विभाग
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम करने में नाकाम साबित हो रहा है। शनिवार को तीन नए मरीज मिलने के बाद जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 307 हो गई है। लक्ष्मीपुर और बांस बरौलिया गांव में डेंगू बेकाबू हो गया है। उझानी में एक ग्रामीण और कुंवरगांव में एक महिला की डेंगू से मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ लार्वा नष्ट करने के लिए कीटनाशक का छिड़काव कराने तक ही सीमित है।
सुबह शाम की हल्की ठंड होने के बाद मलेरिया के मरीजों में कमी आने लगी है, लेकिन डेंगू का कहर बरकरार है। जिले में अब तक मलेरिया के 2339 मरीज मिले हैं, वहीं डेंगू के मरीजों की संख्या 307 हो गई है। जिले में पांच गांव डेंगू प्रभावित हैं। आसफपुर के गांव लक्ष्मीपुर और अंबियापुर के गांव बांस बरौलिया में डेंगू का कहर जारी है। यहां अब तक सौ से अधिक डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं।
उझानी। क्षेत्र के गांव बरायमयखेडा निवासी आर्येंद्र (40) को सात दिन पहले बुखार आया था। परिवार वालों ने उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच मेंडेंगू की पुष्टि हुई। परिवार के लोग उनको बरेली ले गए और निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इधर, विभाग गांवों में जगह जगह कैंप लगाकर जांच कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक बार एंटी लार्वा का छिड़काव होने से हमेशा के लिए मच्छर तो मरते नहीं है। दवा का असर कुछ दिन में खत्म हो जाता है। मच्छरों का प्रकोप इस कदर फैला है कि लगातार लोगों की जान जा रही है।
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कुंवरगांव। दुगरइया गांव निवासी नेत्रपाल की पत्नी श्रीवती (50) को तीन दिन पहले बुखार आने पर गांव के ही एक डॉक्टर से दवाई ली गई। फायदा न होने पर परिजन दूसरे दिन बदायूं के एक निजी अस्पताल ले गए। प्लेटलेट्स घटने से डॉक्टर की सलाह पर मेडिकल कालेज से दवा ली। शुक्रवार की देर रात श्रीवती की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने डेंगू बताया था
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रिसौली में युवक की मौत के बाद पहुंची टीम
बिल्सी। क्षेत्र के गांव रिसौली में युवक की डेंगू से मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने गांव में बुखार से तप रहे लोगों की जांच की और दवा वितरित की। टीम को गांव में वायरल बुखार के मरीज मिले हैं। डेंगू व मलेरिया के मरीज नहीं पाए गए।
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जागरूकता के बाद भी घरों में पाल रहे लार्वा
बदायूं। मलेरिया विभाग की टीम लगातार घर घर जाकर लार्वा नष्ट करने का अभियान चलाए हुए है। इसके बाद भी लोग अपने घर में लगे कूलर आदि में लार्वा पालने का काम कर रहे हैं। शनिवार को भी मलेरिया कार्यालय की टीम द्वारा ब्लॉक इस्लामनगर के ग्राम सुंदर नगर में समस्त गांव के जलभराव के स्थानों पर लार्वा नाशक दवा का छिड़काव किया व साप्ताहिक रूप से छिड़काव कराने के लिए ग्राम प्रधान को लार्वा नाशक दवा उपल्ब्ध कराई गई । ब्लॉक आसफपुर के ग्राम लक्ष्मीपुर में मलेरिया निरीक्षक तनवीर सिंह द्वारा ग्रामवासियों को संचारी रोगों से बचाव रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जागरूक किया गया। डीबीसी के माध्यम से लार्वा का निरीक्षण किया गया, लार्वा पाए जाने पर नोटिस दिया गया एवं पाए जाने पर उसे तत्काल नष्ट कराया गया।
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मलेरिया के 11 रोगी मिले
बदायूं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की 12 टीमों ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। 1106 जांचों में बुखार के 589 मरीज मिले। 10 मरीजों में मलेरिया पीवी और एक में मलेरिया पीएफ पाया गया तो वहीं तीन मरीज डेंगू संक्रमित मिले। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब जिले में एलाइजा जांच में पाए गए डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 307 हो गई है।
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सुबह शाम की हल्की ठंड होने के बाद मलेरिया के मरीजों में कमी आने लगी है, लेकिन डेंगू का कहर बरकरार है। जिले में अब तक मलेरिया के 2339 मरीज मिले हैं, वहीं डेंगू के मरीजों की संख्या 307 हो गई है। जिले में पांच गांव डेंगू प्रभावित हैं। आसफपुर के गांव लक्ष्मीपुर और अंबियापुर के गांव बांस बरौलिया में डेंगू का कहर जारी है। यहां अब तक सौ से अधिक डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं।
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उझानी। क्षेत्र के गांव बरायमयखेडा निवासी आर्येंद्र (40) को सात दिन पहले बुखार आया था। परिवार वालों ने उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच मेंडेंगू की पुष्टि हुई। परिवार के लोग उनको बरेली ले गए और निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इधर, विभाग गांवों में जगह जगह कैंप लगाकर जांच कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक बार एंटी लार्वा का छिड़काव होने से हमेशा के लिए मच्छर तो मरते नहीं है। दवा का असर कुछ दिन में खत्म हो जाता है। मच्छरों का प्रकोप इस कदर फैला है कि लगातार लोगों की जान जा रही है।
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कुंवरगांव। दुगरइया गांव निवासी नेत्रपाल की पत्नी श्रीवती (50) को तीन दिन पहले बुखार आने पर गांव के ही एक डॉक्टर से दवाई ली गई। फायदा न होने पर परिजन दूसरे दिन बदायूं के एक निजी अस्पताल ले गए। प्लेटलेट्स घटने से डॉक्टर की सलाह पर मेडिकल कालेज से दवा ली। शुक्रवार की देर रात श्रीवती की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने डेंगू बताया था
रिसौली में युवक की मौत के बाद पहुंची टीम
बिल्सी। क्षेत्र के गांव रिसौली में युवक की डेंगू से मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने गांव में बुखार से तप रहे लोगों की जांच की और दवा वितरित की। टीम को गांव में वायरल बुखार के मरीज मिले हैं। डेंगू व मलेरिया के मरीज नहीं पाए गए।
जागरूकता के बाद भी घरों में पाल रहे लार्वा
बदायूं। मलेरिया विभाग की टीम लगातार घर घर जाकर लार्वा नष्ट करने का अभियान चलाए हुए है। इसके बाद भी लोग अपने घर में लगे कूलर आदि में लार्वा पालने का काम कर रहे हैं। शनिवार को भी मलेरिया कार्यालय की टीम द्वारा ब्लॉक इस्लामनगर के ग्राम सुंदर नगर में समस्त गांव के जलभराव के स्थानों पर लार्वा नाशक दवा का छिड़काव किया व साप्ताहिक रूप से छिड़काव कराने के लिए ग्राम प्रधान को लार्वा नाशक दवा उपल्ब्ध कराई गई । ब्लॉक आसफपुर के ग्राम लक्ष्मीपुर में मलेरिया निरीक्षक तनवीर सिंह द्वारा ग्रामवासियों को संचारी रोगों से बचाव रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जागरूक किया गया। डीबीसी के माध्यम से लार्वा का निरीक्षण किया गया, लार्वा पाए जाने पर नोटिस दिया गया एवं पाए जाने पर उसे तत्काल नष्ट कराया गया।
मलेरिया के 11 रोगी मिले
बदायूं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की 12 टीमों ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। 1106 जांचों में बुखार के 589 मरीज मिले। 10 मरीजों में मलेरिया पीवी और एक में मलेरिया पीएफ पाया गया तो वहीं तीन मरीज डेंगू संक्रमित मिले। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब जिले में एलाइजा जांच में पाए गए डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 307 हो गई है।

रिसौली में लगे स्वास्थ्य कैंप का निरीक्षण करते सीएमओ।स्रोत-स्वास्थ्य विभाग

रिसौली में लगे स्वास्थ्य कैंप का निरीक्षण करते सीएमओ।स्रोत-स्वास्थ्य विभाग