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बैंकों का निजीकरण रोकने की मांग, विरोध में प्रदर्शन
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पीएनबी के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल का जिले में खासा असर दिखा। शुक्रवार को दूसरे दिन भी बैंकिग सेवाएं पूरी तरह से बंद रहीं। इससे ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन की अगुवाई में बैंक कर्मचारियों ने पंजाब नेेशनल बैंक की मुख्य ब्रांच के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यूनियन के सर्किल सचिव धनश्याम सिंह चौहान ने कहा कि बैंकों का निजीकरण होने से लगभग 12 लाख कर्मचारियों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। कर्मचारियों के साथ उनका परिवार व समाज प्रभावित होगा। इस अवस्था में समूह कर्मचारियों को इस बिल का विरोध करने के लिए हड़ताल का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने बैंकों का निजीकरण बंद करने, बैंकों के निजीकरण के लिए बनाए जा रहे बिल को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि बैंकों का निजीकरण करने की नीति को न रोका गया तो आगामी समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर औतपाल सिंह, सुरेंद्र कुमार सोनी, राम विलास, मुकेेश कुमार, शिव कुमार, लल्ला बाबू, राजेश वर्मा, अश्वनी कुमार सिंह, अनिल कुमार आदि उपस्थित थे।
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जो लोन लिया गया था, उसका समय पूरा हो रहा हैं। ऐसे में लोन की धनराशि को बैंक में जमा करना था। बैंक में हड़ताल होने की वजह से अब दिक्कत आ रही है।
-धमेंद्र, दहमी
कई दिनों से बीमार हूं, दवा चल रही है। आज डॉक्टर को दिखाकर दवाएं लेनी थी। ऐसे में रुपये निकालने के लिए बैंक गई। हड़ताल होने की वजह से रुपये नहीं निकल सके हैं। एटीएम कार्ड हमारे पास नहीं है।
-लक्ष्मी, लोटनपुरा
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यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन की अगुवाई में बैंक कर्मचारियों ने पंजाब नेेशनल बैंक की मुख्य ब्रांच के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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यूनियन के सर्किल सचिव धनश्याम सिंह चौहान ने कहा कि बैंकों का निजीकरण होने से लगभग 12 लाख कर्मचारियों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। कर्मचारियों के साथ उनका परिवार व समाज प्रभावित होगा। इस अवस्था में समूह कर्मचारियों को इस बिल का विरोध करने के लिए हड़ताल का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने बैंकों का निजीकरण बंद करने, बैंकों के निजीकरण के लिए बनाए जा रहे बिल को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि बैंकों का निजीकरण करने की नीति को न रोका गया तो आगामी समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर औतपाल सिंह, सुरेंद्र कुमार सोनी, राम विलास, मुकेेश कुमार, शिव कुमार, लल्ला बाबू, राजेश वर्मा, अश्वनी कुमार सिंह, अनिल कुमार आदि उपस्थित थे।
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जो लोन लिया गया था, उसका समय पूरा हो रहा हैं। ऐसे में लोन की धनराशि को बैंक में जमा करना था। बैंक में हड़ताल होने की वजह से अब दिक्कत आ रही है।
-धमेंद्र, दहमी
कई दिनों से बीमार हूं, दवा चल रही है। आज डॉक्टर को दिखाकर दवाएं लेनी थी। ऐसे में रुपये निकालने के लिए बैंक गई। हड़ताल होने की वजह से रुपये नहीं निकल सके हैं। एटीएम कार्ड हमारे पास नहीं है।
-लक्ष्मी, लोटनपुरा