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Budaun News: 200 करोड़ रुपये के ठगों की गिरफ्तारी की मांग
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अमर ज्योति चिटफंड घोटाला मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी से मिलने पहुंचे निवेश
- फोटो : पानीटंकी के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।
बदायूं। अमर ज्योति चिटफंड घोटाले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद शुक्रवार को जिले के निवेशकों और वकीलों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस घोटाले में हजारों लोगों से करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कराया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले से घोटालेबाजों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बरेली के शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और श्रीकांत मौर्य ने बदायूं में अमर ज्योति चिटफंड कंपनी खोली थी। उन्होंने करीब 200 से अधिक एजेंटों के माध्यम से हजारों लोगों को कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। निवेशकों को पांच साल में रुपये दोगुना करने का लालच दिया गया था। इस लालच में हजारों लोगों ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निवेश की।
इसमें लगभग ढाई सौ वकीलों ने भी करोड़ों रुपये का निवेश किया था। पिछले साल मई 2025 में कंपनी अचानक बदायूं से अपना कार्यालय बंद करके फरार हो गई। इससे हजारों निवेशक, वकील और गरीब लोग अपनी जमा पूंजी गंवा बैठे। लोगों ने बरेली तक धरना प्रदर्शन किया और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद शहर कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज किए गए।
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हाईकोर्ट का फैसला और निवेशकों की प्रतिक्रिया
आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वे राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर गिरफ्तारी से बचते रहे थे। चार दिन पहले हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद शुक्रवार को अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार और कई निवेशक मालवीय आवास पर एकत्र हुए। वे शहर कोतवाली पुलिस के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह से मुलाकात कर घोटाले की पूरी जानकारी दी।
ठगी का तरीका और करोड़ों का नुकसान
घोटालेबाजों ने निवेशकों को पांच साल में निवेश दोगुना करने का झांसा दिया था। उन्होंने 200 से अधिक एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क बनाया था। इन एजेंटों के माध्यम से हजारों आम लोगों और वकीलों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया। कंपनी ने बदायूं में अपना कार्यालय खोला था। पिछले साल मई में अचानक कार्यालय बंद कर दिया गया और संचालक फरार हो गए। इससे हजारों परिवारों की गाढ़ी कमाई डूब गई।
पुलिस का आश्वासन और आगे की कार्रवाई
निवेशकों ने एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह को बताया कि आरोपी बेहद शातिर हैं। वे राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर खुद को बचाते आ रहे हैं। निवेशकों ने एसपी सिटी से तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने और सभी का रुपया वापस दिलाने की मांग की। इस पर एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की समीक्षा कर रहे है। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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बरेली के शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और श्रीकांत मौर्य ने बदायूं में अमर ज्योति चिटफंड कंपनी खोली थी। उन्होंने करीब 200 से अधिक एजेंटों के माध्यम से हजारों लोगों को कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। निवेशकों को पांच साल में रुपये दोगुना करने का लालच दिया गया था। इस लालच में हजारों लोगों ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निवेश की।
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इसमें लगभग ढाई सौ वकीलों ने भी करोड़ों रुपये का निवेश किया था। पिछले साल मई 2025 में कंपनी अचानक बदायूं से अपना कार्यालय बंद करके फरार हो गई। इससे हजारों निवेशक, वकील और गरीब लोग अपनी जमा पूंजी गंवा बैठे। लोगों ने बरेली तक धरना प्रदर्शन किया और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद शहर कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज किए गए।
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हाईकोर्ट का फैसला और निवेशकों की प्रतिक्रिया
आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वे राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर गिरफ्तारी से बचते रहे थे। चार दिन पहले हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद शुक्रवार को अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार और कई निवेशक मालवीय आवास पर एकत्र हुए। वे शहर कोतवाली पुलिस के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह से मुलाकात कर घोटाले की पूरी जानकारी दी।
ठगी का तरीका और करोड़ों का नुकसान
घोटालेबाजों ने निवेशकों को पांच साल में निवेश दोगुना करने का झांसा दिया था। उन्होंने 200 से अधिक एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क बनाया था। इन एजेंटों के माध्यम से हजारों आम लोगों और वकीलों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया। कंपनी ने बदायूं में अपना कार्यालय खोला था। पिछले साल मई में अचानक कार्यालय बंद कर दिया गया और संचालक फरार हो गए। इससे हजारों परिवारों की गाढ़ी कमाई डूब गई।
पुलिस का आश्वासन और आगे की कार्रवाई
निवेशकों ने एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह को बताया कि आरोपी बेहद शातिर हैं। वे राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर खुद को बचाते आ रहे हैं। निवेशकों ने एसपी सिटी से तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने और सभी का रुपया वापस दिलाने की मांग की। इस पर एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की समीक्षा कर रहे है। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।