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गंदे पानी से चार की मौत के मामले में नरऊ गांव पहुंचे एसडीएम
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उझानी (बदायूं)। कस्बे का गंदा पानी तालाब में जाने से भूगर्भ में दूषित हो रहे पेयजल की आशंका के बीच पीलिया रोग फैलने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। यह मामला अमर उजाला में छपा तो सिस्टम में खलबली मची। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने नरऊ जाकर लोगों की दिक्कत को जाना समझा और पीड़ितों का इलाज किया। मगर दो दिन बाद ही अफसर शांत होकर बैठ गए। सिस्टम की लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि पीलिया से पीड़ित एक और महिला की मौत हो गई। करीब चार लोगों के मरने की खबर अमर उजाला में छपी तो प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में दोबारा खलबली मची। बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर कई अफसरों और डॉक्टरों की टीम के साथ फिर नरऊ गांव पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों को देखा और दवाएं दीं। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा से बातचीत के दौरान कहा कि उझानी के नाले का पानी तालाब में पहुंचने से जो समस्या बढ़ी है, उसका समाधान जरूर होगा। इसके लिए तालाब पर डैम बनाया जाएगा, जिससे तालाब के पानी से आसपास इलाके में फसलों की सिंचाई में किया जा सके।
एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ सर्वेंद्र कुमार पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका अफसरों के साथ पूर्वाह्न 11 बजे नरऊ गांव जा पहुंचे। अफसरों के आने का पता लगने पर ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की वजह से दूषित हुआ पानी पीने से गांव में बीमारियां फैलीं। ग्रामीणों ने हैंडपंपों से निकल रहा दूषित पानी भी अफसरों को दिखाया। एसडीएम ने बताया कि नरऊ स्थित तालाब का रकबा करीब चार एकड़ में है। उझानी नगर पालिका के नाले का गंदा पानी पहुंचने से तालाब का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाके में पहुंच गया। काफी हद तक संभव है कि इसी से हैंडपंपों में दूषित पानी आने लगा हो। इसके समाधान के लिए जल्द ही मुख्यालय पर डीएम की मौजूदगी में अफसरों की बैठक होगी। तालाब पर डैम बनाकर उसके पानी का सदुपयोग लायक बनाया जाएगा। शासन को डैम बनाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर किया इलाज
जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. कौशल कुमार गुप्ता और चिकित्साधीक्षक महेश प्रताप सिंह की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने नरऊ गांव में मौजूद मरीजों का उपचार किया। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार को उन सभी महिला-पुरुष और बच्चों का राजकीय मेडिकल कॉलेज में चेकअप कराया जाएगा, जिन्हें पीलिया की शंका है। नरऊ गांव में दूषित पेयजल के सेवन से फैली बीमारियों में पीलिया समेत संक्रामक रोग की चपेट में आने से अब तक महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। दो दर्जन से अधिक लोग अभी भी बीमार हैं।
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एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ सर्वेंद्र कुमार पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका अफसरों के साथ पूर्वाह्न 11 बजे नरऊ गांव जा पहुंचे। अफसरों के आने का पता लगने पर ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की वजह से दूषित हुआ पानी पीने से गांव में बीमारियां फैलीं। ग्रामीणों ने हैंडपंपों से निकल रहा दूषित पानी भी अफसरों को दिखाया। एसडीएम ने बताया कि नरऊ स्थित तालाब का रकबा करीब चार एकड़ में है। उझानी नगर पालिका के नाले का गंदा पानी पहुंचने से तालाब का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाके में पहुंच गया। काफी हद तक संभव है कि इसी से हैंडपंपों में दूषित पानी आने लगा हो। इसके समाधान के लिए जल्द ही मुख्यालय पर डीएम की मौजूदगी में अफसरों की बैठक होगी। तालाब पर डैम बनाकर उसके पानी का सदुपयोग लायक बनाया जाएगा। शासन को डैम बनाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर किया इलाज
जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. कौशल कुमार गुप्ता और चिकित्साधीक्षक महेश प्रताप सिंह की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने नरऊ गांव में मौजूद मरीजों का उपचार किया। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार को उन सभी महिला-पुरुष और बच्चों का राजकीय मेडिकल कॉलेज में चेकअप कराया जाएगा, जिन्हें पीलिया की शंका है। नरऊ गांव में दूषित पेयजल के सेवन से फैली बीमारियों में पीलिया समेत संक्रामक रोग की चपेट में आने से अब तक महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। दो दर्जन से अधिक लोग अभी भी बीमार हैं।
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