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रेल लाइन पर बैलास्ट कम और कर्व ज्यादा
ब्यूरो / बदायूं।
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:16 AM IST
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रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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सीएसओ ने किया तीन रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण
कासगंज-बरेली रूट पर बढ़ाई जानी है ट्रेनों की स्पीड
बरेली से कासगंज के बीच रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने से पहले पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय और मंडल के अधिकारी काफी सतर्क हैं। जीएम के दौरे के बाद शुक्रवार को मुख्य संरक्षा अधिकारी (सीएसओ) ने टीम के साथ तीन रेलवे स्टेशन, रेल लाइन और लेबल क्रॉसिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को कई स्थानों पर बैलास्ट कम मिला। साथ ही कर्व अधिक मिलने पर इसमें सुधार के निर्देश भी दिए गए। बता दें कि जीएम ने निरीक्षण के दौरान इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड 75 किमी से बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा करने की बात कही थी। इससे पहले अधिकारी संरक्षा से संतुष्ट होना चाहते हैं।
सीएसओ एनके अंबिकेश और मंडलीय संरक्षा अधिकारी सीएल शाह, मुख्य सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर डीएन तिवारी समेत अधिकारियों की टीम ने सोरों, मानपुर नगरिया, शहर के रेलवे स्टेशनों के साथ कछला घाट का निरीक्षण भी किया। इसके साथ ब्लॉक, लेवल रेलवे क्रॉसिंग और रेलवे लाइन का निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम ने संरक्षा से संबंधित बिंदुओं पर गहराई से निरीक्षण करने के साथ मिली कमियों को उजागर किया। साथ ही उनमें सुधार के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। टीम ने पाया कि रेलव लाइन पर कई स्थानों पर बैलास्ट उचित मात्रा में नहीं है, इसलिए बरेली से कासगंज रूट पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने से पहले वहां संरक्षा से संबंधित नियमों से पूरी तरह से आश्वस्त होना जरूरी है।
...तो अब खुलने लगेगा उर्मिलेश पुस्तकालय
रेलवे स्टेशन पर बनाया गया उर्मिलेश पुस्तकालय अक्सर बंद रहता था। इसकी शिकायत जीएम से स्थानीय लोगों ने की थी तो जीएम ने पुस्तकालय खुलवाने का आश्वासन भी दिया था। संरक्षा से संबंधित निरीक्षण करने आए सीएसओ एनके अंबिकेश ने भी पुस्तकालय खोलने के बारे में निर्देश देने के साथ ही वहां व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
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कासगंज-बरेली रूट पर बढ़ाई जानी है ट्रेनों की स्पीड
बरेली से कासगंज के बीच रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने से पहले पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय और मंडल के अधिकारी काफी सतर्क हैं। जीएम के दौरे के बाद शुक्रवार को मुख्य संरक्षा अधिकारी (सीएसओ) ने टीम के साथ तीन रेलवे स्टेशन, रेल लाइन और लेबल क्रॉसिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को कई स्थानों पर बैलास्ट कम मिला। साथ ही कर्व अधिक मिलने पर इसमें सुधार के निर्देश भी दिए गए। बता दें कि जीएम ने निरीक्षण के दौरान इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड 75 किमी से बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा करने की बात कही थी। इससे पहले अधिकारी संरक्षा से संतुष्ट होना चाहते हैं।
सीएसओ एनके अंबिकेश और मंडलीय संरक्षा अधिकारी सीएल शाह, मुख्य सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर डीएन तिवारी समेत अधिकारियों की टीम ने सोरों, मानपुर नगरिया, शहर के रेलवे स्टेशनों के साथ कछला घाट का निरीक्षण भी किया। इसके साथ ब्लॉक, लेवल रेलवे क्रॉसिंग और रेलवे लाइन का निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम ने संरक्षा से संबंधित बिंदुओं पर गहराई से निरीक्षण करने के साथ मिली कमियों को उजागर किया। साथ ही उनमें सुधार के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। टीम ने पाया कि रेलव लाइन पर कई स्थानों पर बैलास्ट उचित मात्रा में नहीं है, इसलिए बरेली से कासगंज रूट पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने से पहले वहां संरक्षा से संबंधित नियमों से पूरी तरह से आश्वस्त होना जरूरी है।
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...तो अब खुलने लगेगा उर्मिलेश पुस्तकालय
रेलवे स्टेशन पर बनाया गया उर्मिलेश पुस्तकालय अक्सर बंद रहता था। इसकी शिकायत जीएम से स्थानीय लोगों ने की थी तो जीएम ने पुस्तकालय खुलवाने का आश्वासन भी दिया था। संरक्षा से संबंधित निरीक्षण करने आए सीएसओ एनके अंबिकेश ने भी पुस्तकालय खोलने के बारे में निर्देश देने के साथ ही वहां व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
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