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जैनियों ने विमलनाथ स्वामी का गर्भ कल्याणक मनाया
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बिल्सी। नगर के मोहल्ला संख्या दो स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को विमलनाथ स्वामी का गर्भ कल्याणक धूमधाम से मनाया गया।
यहां सबसे पहले भगवान जिनेन्द्र का जलाभिषेक कर शांतिधारा की गई है। उसके बाद जैन समाज के लोगों ने पूजा-अर्चना की। धैर्य जैन ने बताया कि प्रभु विमलनाथ स्वामी जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर हैं। प्रभु का जन्म माघ शुक्ल चतुर्थी के दिन काम्पिल्य नगरी में इक्ष्वाकु कुल में हुआ था। प्रभु विमलनाथ के पिता का नाम कृतवर्मन तथा माता का नाम श्यामा था। प्रभु की देह का वर्ण स्वर्ण और इनका प्रतीक चिह्न वाराह था। इस मौके पर प्रीत जैन सोनी, अनुपम जैन, निखिल जैन, सतीश जैन, सुनील जैन, पूनम जैन आदि मौजूद रहे। संवाद
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यहां सबसे पहले भगवान जिनेन्द्र का जलाभिषेक कर शांतिधारा की गई है। उसके बाद जैन समाज के लोगों ने पूजा-अर्चना की। धैर्य जैन ने बताया कि प्रभु विमलनाथ स्वामी जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर हैं। प्रभु का जन्म माघ शुक्ल चतुर्थी के दिन काम्पिल्य नगरी में इक्ष्वाकु कुल में हुआ था। प्रभु विमलनाथ के पिता का नाम कृतवर्मन तथा माता का नाम श्यामा था। प्रभु की देह का वर्ण स्वर्ण और इनका प्रतीक चिह्न वाराह था। इस मौके पर प्रीत जैन सोनी, अनुपम जैन, निखिल जैन, सतीश जैन, सुनील जैन, पूनम जैन आदि मौजूद रहे। संवाद