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श्रीमद् भागवत कथा : बुराइयां त्यागने से सुखमय बन जाता है जीवन
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उझानी में श्रीमद् भागवत कथा से पहले व्यास गद्दी का पूजन करते यजमान। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन बुधवार को कथावाचक परमानंद महाराज ने लोगों को सत्य के रास्ते पर चलने का पाठ पढ़ाया। कहा कि अच्छाई के साथ बुराई भी चलती है, लेकिन बुराइयां त्यागने से जीवन सुखमय बन जाता है।
कथा शुरू होने से पहले व्यास गद्दी का यजमान उदय सिंघल, शालिनी सिंघल, नीरज माहेश्वरी और अर्चना माहेश्वरी ने पूजन किया। आरती के बाद कथावाचक परमानंद महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उस दौरान भी सच्चाई और धर्म के रास्ते पर चलने का संदेश दिया था जब पुत्रमोह में धृतराष्ट्र ने पांडवों का हक मारना शुरू कर दिया था। धर्म और सत्य के रास्ते पर चलते हुए पांडवों को कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा लेकिन अंत में जीत उन्हीं की हुई।
इसी तरह मनुष्य को अपने अंदर से बुराइयों को त्याग देना चाहिए। मोह और माया इंसान को अंधकार में ले जाते हैं। कर्म करते हुए आगे बढ़ते रहिए, फल जरूर मिलेगा। परमानंद महाराज ने कंस की बुराइयों का भी जिक्र किया। कहा कि कंस के उत्पात से प्रजा त्रस्त हो गई तो उसे भी अंत का सामना करना पड़ा। कथा की व्यवस्थाओं में गोपीबल्लभ शर्मा, रामप्रवेश यादव, ऊषा यादव, प्रांजल वार्ष्णेय, विजय गोपाल आदि का सहयोग रहा। संवाद
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कथा शुरू होने से पहले व्यास गद्दी का यजमान उदय सिंघल, शालिनी सिंघल, नीरज माहेश्वरी और अर्चना माहेश्वरी ने पूजन किया। आरती के बाद कथावाचक परमानंद महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उस दौरान भी सच्चाई और धर्म के रास्ते पर चलने का संदेश दिया था जब पुत्रमोह में धृतराष्ट्र ने पांडवों का हक मारना शुरू कर दिया था। धर्म और सत्य के रास्ते पर चलते हुए पांडवों को कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा लेकिन अंत में जीत उन्हीं की हुई।
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इसी तरह मनुष्य को अपने अंदर से बुराइयों को त्याग देना चाहिए। मोह और माया इंसान को अंधकार में ले जाते हैं। कर्म करते हुए आगे बढ़ते रहिए, फल जरूर मिलेगा। परमानंद महाराज ने कंस की बुराइयों का भी जिक्र किया। कहा कि कंस के उत्पात से प्रजा त्रस्त हो गई तो उसे भी अंत का सामना करना पड़ा। कथा की व्यवस्थाओं में गोपीबल्लभ शर्मा, रामप्रवेश यादव, ऊषा यादव, प्रांजल वार्ष्णेय, विजय गोपाल आदि का सहयोग रहा। संवाद
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