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अवैध संबंधों के शक में पत्नी की गला रेतकर हत्या
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:49 AM IST
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बिल्सी इलाके में एक युवक ने पत्नी की चाकू से गला रेतकर हत्या करने के बाद लाश जंगल में फेंक दी। वह पत्नी को उसके मायके से जबरन बुलाकर लाया था। उसे शक था कि पत्नी उसकी और उसके बच्चे की हत्या करा देगी। पुलिस ने आरोपी पति तथा उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया है।
करीब 25 वर्षीय सुनीता की शादी करीब चार साल पहले मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम मिश्रीपुर मकुईया निवासी उग्रसेन के साथ हुई थी। उग्रसेन दिल्ली में रहकर गाड़ी चलाता था। सुनीता और उसका दो वर्षीय बेटा शिवम भी दिल्ली में उसके साथ रहते थे। करीब पंद्रह दिन पहले सुनीता अपने बेटे को लेकर मायके बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव वनवेहटा आ गई थी। विवाहिता के चाचा हेमराज के मुताबिक रविवार रात करीब आठ बजे उग्रसेन अपनी बाइक लेकर उनके घर पहुंचा। उसने सुनीता से तुरंत साथ चलने को कहा। उसे ससुराल वालों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन उग्रसेन नहीं माना। वह जबरदस्ती रात में ही पत्नी सुनीता को बाइक पर बैठाकर ले गया।
योजना के अनुसार उग्रसेन का भाई ऋषिदेव और चचेरा भाई विजय सिरासौल रोड पर पोपी वाली कुईया के पास पहले से तैयार खड़े थे। उग्रसेन पत्नी को लेकर वहीं पहुंच गया और उसके बाद सुनीता की गला रेतकर हत्या कर दी। उसके बाद उग्रसेन ने खुद को बचाने के लिए पुलिस को सूचना दी कि उसकी पत्नी की कुछ अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। हत्यारे मौके से फरार हो गए हैं। पत्नी की लाश जंगल में पड़ी है। इधर, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की तो मामला संदिग्ध लगा। पुलिस ने मौके से युवक और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया। तीनों से सख्ती से पूछताछ की गई। इस पर उग्रसेने ने सबकुछ सच-सच उगल दिया। उग्रसेन बोला कि उसकी पत्नी के कई लोगों से अवैध संबंध थे। वह उसे जान से मारने की धमकी देती थी। अगर वह सुनीता को नहीं मारता तो वह उसे और उसके बच्चे को मरवा देती। पुलिस ने चाचा हेमराज की तहरीर पर उग्रसेन, ऋषिपाल और विजय के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तीनों को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया।
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बिल्सी थाना पुलिस ने महिला का शव कब्जे में लेने के बाद सोमवार पोस्टमार्टम कराया। सूचना मिलने पर पहुंचे मायके वाले शव लेकर लौट गए।
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करीब 25 वर्षीय सुनीता की शादी करीब चार साल पहले मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम मिश्रीपुर मकुईया निवासी उग्रसेन के साथ हुई थी। उग्रसेन दिल्ली में रहकर गाड़ी चलाता था। सुनीता और उसका दो वर्षीय बेटा शिवम भी दिल्ली में उसके साथ रहते थे। करीब पंद्रह दिन पहले सुनीता अपने बेटे को लेकर मायके बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव वनवेहटा आ गई थी। विवाहिता के चाचा हेमराज के मुताबिक रविवार रात करीब आठ बजे उग्रसेन अपनी बाइक लेकर उनके घर पहुंचा। उसने सुनीता से तुरंत साथ चलने को कहा। उसे ससुराल वालों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन उग्रसेन नहीं माना। वह जबरदस्ती रात में ही पत्नी सुनीता को बाइक पर बैठाकर ले गया।
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योजना के अनुसार उग्रसेन का भाई ऋषिदेव और चचेरा भाई विजय सिरासौल रोड पर पोपी वाली कुईया के पास पहले से तैयार खड़े थे। उग्रसेन पत्नी को लेकर वहीं पहुंच गया और उसके बाद सुनीता की गला रेतकर हत्या कर दी। उसके बाद उग्रसेन ने खुद को बचाने के लिए पुलिस को सूचना दी कि उसकी पत्नी की कुछ अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। हत्यारे मौके से फरार हो गए हैं। पत्नी की लाश जंगल में पड़ी है। इधर, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की तो मामला संदिग्ध लगा। पुलिस ने मौके से युवक और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया। तीनों से सख्ती से पूछताछ की गई। इस पर उग्रसेने ने सबकुछ सच-सच उगल दिया। उग्रसेन बोला कि उसकी पत्नी के कई लोगों से अवैध संबंध थे। वह उसे जान से मारने की धमकी देती थी। अगर वह सुनीता को नहीं मारता तो वह उसे और उसके बच्चे को मरवा देती। पुलिस ने चाचा हेमराज की तहरीर पर उग्रसेन, ऋषिपाल और विजय के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तीनों को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया।
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बिल्सी थाना पुलिस ने महिला का शव कब्जे में लेने के बाद सोमवार पोस्टमार्टम कराया। सूचना मिलने पर पहुंचे मायके वाले शव लेकर लौट गए।