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यूनीनॉर कंपनी के तीन अधिकारियों पर मुकदमे का आदेश
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:08 PM IST
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ग्राहक की आईडी का इस्तेमाल कर बेच दिया था सिम
केयर हेड, टीएसई, स्टोर इंचार्ज पर दर्ज होगा मुकदमा
वीआईपी नंबर का मोबाइल सिम ग्राहक की आईडी का दुरुपयोग कर दूसरे व्यक्ति को बेच दिए जाने के मामले में एसीजेएम प्रथम स्नेहलता ने यूनीनॉर मोबाइल कंपनी (अब टेलीनॉर) के केयर हेड समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया है। यह आदेश लवकेश गुप्ता की धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत दी गई अर्जी पर सुनवाई के बाद हुआ है।
शहर के मोहल्ला कटरा ब्राह्मपुर निवासी लवकेश गुप्ता ने यूनीनॉर कंपनी से 20 हजार रुपये में एक वीआईपी नंबर का मोबाइल सिम खरीदा था। इसका वह इस्तेमाल कर रहे थे। इसी दौरान कंपनी ने नौ अक्तूबर 2014 को बिना किसी सूचना के यह नंबर बंद कर दिया गया। लवकेश गुप्ता का आरोप है कि उनकी आईडी का दुरुपयोग कर कंपनी के केयर हेड आशीष, टीएसई गजेंद्र सक्सेना और बरेली यूनीनॉर स्टोर के आलोक पाल ने यह नंबर दूसरे व्यक्ति को दे दिया। लवकेश के रुपये भी वापस नहीं किए गए। कंपनी के इन अधिकारियों ने पुलिस को भी फर्जी सूचना दी। लवकेश गुप्ता ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता मोहित पांडेय के जरिए कोर्ट में अर्जी दी। सुनवाई के बाद एसीजेएम प्रथम स्नेहलता ने मोबाइल कंपनी के तीन लोगों को आरोपी मानते हुए। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश सदर कोतवाली पुलिस को दिया है।
केयर हेड, टीएसई, स्टोर इंचार्ज पर दर्ज होगा मुकदमा
वीआईपी नंबर का मोबाइल सिम ग्राहक की आईडी का दुरुपयोग कर दूसरे व्यक्ति को बेच दिए जाने के मामले में एसीजेएम प्रथम स्नेहलता ने यूनीनॉर मोबाइल कंपनी (अब टेलीनॉर) के केयर हेड समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया है। यह आदेश लवकेश गुप्ता की धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत दी गई अर्जी पर सुनवाई के बाद हुआ है।
शहर के मोहल्ला कटरा ब्राह्मपुर निवासी लवकेश गुप्ता ने यूनीनॉर कंपनी से 20 हजार रुपये में एक वीआईपी नंबर का मोबाइल सिम खरीदा था। इसका वह इस्तेमाल कर रहे थे। इसी दौरान कंपनी ने नौ अक्तूबर 2014 को बिना किसी सूचना के यह नंबर बंद कर दिया गया। लवकेश गुप्ता का आरोप है कि उनकी आईडी का दुरुपयोग कर कंपनी के केयर हेड आशीष, टीएसई गजेंद्र सक्सेना और बरेली यूनीनॉर स्टोर के आलोक पाल ने यह नंबर दूसरे व्यक्ति को दे दिया। लवकेश के रुपये भी वापस नहीं किए गए। कंपनी के इन अधिकारियों ने पुलिस को भी फर्जी सूचना दी। लवकेश गुप्ता ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता मोहित पांडेय के जरिए कोर्ट में अर्जी दी। सुनवाई के बाद एसीजेएम प्रथम स्नेहलता ने मोबाइल कंपनी के तीन लोगों को आरोपी मानते हुए। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश सदर कोतवाली पुलिस को दिया है।
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