{"_id":"595cf93c4f1c1b2c628b4581","slug":"three-brothers-including-two-brothers-imprisoned-for-20-years-in-gang-rape","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामूहिक दुष्कर्म में दो भाइयों समेत तीन को 20 साल कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सामूहिक दुष्कर्म में दो भाइयों समेत तीन को 20 साल कैद
बदायूं।
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला समेत तीन अन्य दोषियों को भी सात-सात साल कैद
तीन दोषियों पर 15-15 और तीन पर पांच-पांच हजार जुर्माना
स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने सामूहिक दुष्कर्म में नामजद दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में सहयोग करने पर एक महिला समेत तीन दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीन आरोपियों पर 15-15 और तीन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
सामूहिक दुष्कर्म की वारदात दातागंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में तीन नवंबर 2011 को हुई थी। एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी शौच को गई थी। रास्ते में जगदीश की पत्नी रूपवती उर्फ मुंडी उसे अपने साथ ले गई। काफी तलाश के बाद भी उसकी पत्नी का पता नहीं लगा। वादी ने जगदीश कश्यप, रति कश्यप, रूपवती उर्फ मुंडी, बनवारी पुत्र धनपाल, अमर सिंह पुत्र होरी लाल और हरिद्वारी पुत्र कुंवरसेन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 10 दिसंबर 2011 को उसकी पत्नी को समरेर के पास से बरामद कर लिया।
न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद गैंगरेप में नामजद सगे भाई जगदीश, रति कश्यप और बनवारी पुत्र धनपाल को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार दिया। इन तीनों को 20-20 साल कैद के साथ 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं कोर्ट ने रूपवती उर्फ मुंडी, अमर सिंह और हरिद्वारी को वादी की पत्नी को बहला-फुसला कर ले जाने का दोषी करार दिया। इन तीनों को सात-सात साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन दोषियों पर 15-15 और तीन पर पांच-पांच हजार जुर्माना
स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने सामूहिक दुष्कर्म में नामजद दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में सहयोग करने पर एक महिला समेत तीन दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीन आरोपियों पर 15-15 और तीन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
सामूहिक दुष्कर्म की वारदात दातागंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में तीन नवंबर 2011 को हुई थी। एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी शौच को गई थी। रास्ते में जगदीश की पत्नी रूपवती उर्फ मुंडी उसे अपने साथ ले गई। काफी तलाश के बाद भी उसकी पत्नी का पता नहीं लगा। वादी ने जगदीश कश्यप, रति कश्यप, रूपवती उर्फ मुंडी, बनवारी पुत्र धनपाल, अमर सिंह पुत्र होरी लाल और हरिद्वारी पुत्र कुंवरसेन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 10 दिसंबर 2011 को उसकी पत्नी को समरेर के पास से बरामद कर लिया।
विज्ञापन
न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद गैंगरेप में नामजद सगे भाई जगदीश, रति कश्यप और बनवारी पुत्र धनपाल को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार दिया। इन तीनों को 20-20 साल कैद के साथ 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं कोर्ट ने रूपवती उर्फ मुंडी, अमर सिंह और हरिद्वारी को वादी की पत्नी को बहला-फुसला कर ले जाने का दोषी करार दिया। इन तीनों को सात-सात साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
विज्ञापन