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अचौरा में युवक की रहस्यमय हालत में मौत
Ujani
Updated Sat, 13 Jun 2015 11:38 PM IST
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निर्माणाधीन धर्मस्थल को लेकर पिछले कई दिनों से सुर्खियों में शामिल गांव अचौरा में शनिवार दोपहर एक युवक रहस्यमय हालत में बेहोशी की हालत में खेत में पड़ा मिला। डॉक्टर के पास ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। मौत को लेकर अफवाहों से परेशान पुलिस ने मृतक के घरवालों से बात की। देर शाम शव का कछला गंगाघाट पर अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव अचौरा निवासी स्व. बदन सिंह यादव का 18 वर्षीय पुत्र भूरे पूर्वाह्न में सब्जी फसल में कीटनाशक के छिड़काव को गया। दोपहर बाद किसी ने घरवालों को बेहोशी की हालत में भूरे के पड़े होने की सूचना दी तो घरवालों के साथ महिलाएं भी मौके पर पहुंच गई। वह कुछ बोल भी नहीं पा रहा था। हालत खराब देख घरवाले उसे यहां डॉक्टर के पास ले आए। बरेली ले जाने के लिए घरवाले बाईपास पर पहुंचे ही थे कि भूरे ने दम तोड़ दिया।
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भूरे की मौत को लेकर गांव से लेकर शहर तक अफवाहों को बाजार गर्म रहा। कोतवाली से अतिरिक्त फोर्स भी अचौरा पहुंच गया। दरोगा ओपी सिंह समेत राजस्व कर्मी चरन सिंह ने मृतक के घरवालों से बात की। ग्रामीण भी भूरे की मौत पर चुप्पी साधे दिखे। मृतक के भाई जसवीर ने बताया कि भूरे घर से ठीक-ठाक गया था। मौत की वजह पर वह भी कुछ साफ नहीं बता पाया। देर शाम कछला गंगाघाट पर भूरे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अविवाहित भूरे के पिता की दो साल पहले स्वभाविक मौत हो चुकी है। सात भाइयों में वह दूसरे नंबर का था।
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पुलिस की दबिश से महिलाएं आहत
उझानी। अचौरा में निर्माणाधीन धर्मस्थल को लेकर विवाद के बाद से गांव के ज्यादातर लोग अभी भी घरों पर नहीं लौटे हैं। आहत महिलाओं में राजवती ने बताया कि पुलिस अब तक तीन-चार दबिश दे चुकी है। यहां तक रात में ग्रामीणों को जंगल में रात गुजारनी पड़ती है। उन्हें आशंका है कि पुलिस अज्ञात में नाम शामिल करके गिरफ्तार भी कर सकती है।
भूरे की मौत सब्जी फसल में कीटनाशक के साइड इफेक्ट से हुई है। ग्रामीणों ने भी यही बताया है। उसका नाम न तो धर्मस्थल विवाद में था और न ही उसके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई हुई थी। -देवराज राठी, कोतवाल, उझानी।