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पैनल के डॉक्टर बोले, मामला पेचीदा है
badaun
Updated Thu, 02 Jul 2015 08:22 PM IST
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बलात्कार पीड़़िता किशोरी का मेडिकल करने वालक चारो डॉक्टर अब भी अपनी राय पर कायम हैं। उनका कहना है कि मामला पेचीदा जरूर है, लेकिन उन्होंने कभी ऐसा नहीं देखा या सुना कि किसी 14 साल की किशोरी के प्राइवेट पार्ट में लकड़ी का टुकड़ा, ढ़क्कन, माचिस का रैपर, कपड़ा और पॉलीथिन छह दिन तक रही हो। इस दौरान उसको पीरियड भी हुआ हो। इसके बाद भी कोई इंफेक्शन या इंजरी न हुई हो। डॉक्टर अपनी राय पर कायम हैं। उनका कहना है कि किशोरी स्वस्थ थी।
जिला महिला अस्पताल में 28 जून को डॉ. हाकिम सिंह ने किशोरी का मेडिकल किया था। उसके प्राइवेट पार्ट में ये सामान निकला था। लड़की फुफेरी बहन द्वारा ऑब्जेक्शन उठाए जाने के बाद किशोरी का दूसरे पैनल से मेडिकल कराया गया। पैनल में जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजीव गुप्ता, रेडियालॉजिस्ट डॉ. विनेश कुमार और महिला अस्पताल की डॉ. ओमवती को शामिल किया गया। दोनों मेडिकल में किशोरी के शरीर या प्राइवेट पार्ट पर कोई इंजरी नहीं बताई गई। ये डॉक्टर अपनी राय पर अब भी कायम हैं। उनका कहना है कि किशोरी को बुधवार शाम स्वस्थ्य होने पर अस्पताल से रेफर कर दिया गया। इसके बाद क्या हुआ यह जांच का विषय है।
पहली बार मैंने किशोरी का मेडिकल किया था। उसके प्राइवेट पार्ट में सामन निकला था। किशोरी के प्राइवेट पार्ट या शरीर पर कोई इंजरी नहीं थी। उसको 22 से 25 जून तक पीरियड थे। प्राइवेट पार्ट से निकले किसी सामान पर खून के निशान नहीं थे। किशोरी के मुताबिक उसके साथ 23 जून को रेप हुआ। मुझे नहीं लगता कि यह सामान उसके प्राइवेट पार्ट में 23 जून को डाला गया होगा। मैं पहले ही कह चुका हूं कि यह प्लांटेड हो सकता है।
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-डॉ. हाकिम सिंह, गायनी सर्जन
किशोरी का फिर से मेडिकल करने वाले पैनल में मैं शामिल था। पैनल ने बारीकी से मेडिकल किया। उसके शरीर या प्राईवेट पार्ट पर कोई जख्म नहीं था। रही बात प्राइवेट पार्ट में सामान रहने की तो इस पर मैं हैरान हूं। छह दिन तक यह सामान प्राइवेट पार्ट में नहीं रह सकता।
-डॉ. राजीव गुप्ता, फिजीशियन
किशोरी के शरीर पर कोई जख्म नहीं था। मेरी नौकरी पूरी हो चुकी है। रिटायरमेंट में एक महीना ही बाकी है। पूरी नौकरी में कभी ऐसा मामला नहीं देखा। किसी भी लड़की के प्राइवेट पार्ट में इस तरह की कोई चीज 24 घंटे भी रहना मुश्किल है। यहां तो छह दिन की बात हो रही है। दोबारा हुए मेडिकल पैनल में मैं शामिल थी। किशोरी के प्राइवेट पार्ट या शरीर पर कोई जख्म नहीं था। स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था।
-डॉ. ओमवती, स्त्री रोग विशेषज्ञ
रेडियालॉजिस्ट होने के नाते मैं इतना कह सकता हूं कि लड़की की उम्र 15 साल के करीब है। उसका दोबारा मेडिकल करने वाले पैनल में मैं शामिल था। किशोरी के शरीर या प्राइवेट पार्ट पर कोई जख्म नहीं था। जो मुझे पता लगा है कि किशोरी के प्राइवेट पार्ट में कई वस्तुएं निकली थीं। 15 साल की लड़की के प्राइवेट पार्ट में पीरियड के दौरान छह दिन तक यह चीज रहतीं, तो इंफेक्शन होने से उसकी जान को खतरा हो सकता था।
-डॉ. विनेश कुमार, रेडियालॉजिस्ट
दो आरोपियों को नहीं पहचान सकी किशोरी
रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी के सामने पुलिस ने उन दो आरोपियों को पेश किया जिनके बारे में बाद में कहा गया था कि वह भी घटना में शामिल थे। इनमें एक लड़का उसे बुलाकर ले गया दूसरे लड़के ने उसके हाथ-पैर पकड़े। किशोरी दोनों आरोपियों को पहचान नहीं सकी है। किशोरी की फुफेरी बहन ने भी 28 जून को कहा था कि घटना यह लड़के भी शामिल थे। उसका अब यह कहना है कि वह नहीं चाहते कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई हो। बता दें कि फुफेरी बहन ने ही फेसबुक एकाउंट के जरिए एक लड़के की पहचान करने की बात कही थी।
आज आएंगे पीएल पुनिया
आवास विकास की 14 साल की किशोरी से दुष्कर्म के मामले का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया शुक्रवार को सुबह नौ बजे बदायूं पहुंचेंगे। वह पहले आवास विकास किशोरी के घर जाएंगे। इसके बाद वह घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे।
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जिला महिला अस्पताल में 28 जून को डॉ. हाकिम सिंह ने किशोरी का मेडिकल किया था। उसके प्राइवेट पार्ट में ये सामान निकला था। लड़की फुफेरी बहन द्वारा ऑब्जेक्शन उठाए जाने के बाद किशोरी का दूसरे पैनल से मेडिकल कराया गया। पैनल में जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजीव गुप्ता, रेडियालॉजिस्ट डॉ. विनेश कुमार और महिला अस्पताल की डॉ. ओमवती को शामिल किया गया। दोनों मेडिकल में किशोरी के शरीर या प्राइवेट पार्ट पर कोई इंजरी नहीं बताई गई। ये डॉक्टर अपनी राय पर अब भी कायम हैं। उनका कहना है कि किशोरी को बुधवार शाम स्वस्थ्य होने पर अस्पताल से रेफर कर दिया गया। इसके बाद क्या हुआ यह जांच का विषय है।
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पहली बार मैंने किशोरी का मेडिकल किया था। उसके प्राइवेट पार्ट में सामन निकला था। किशोरी के प्राइवेट पार्ट या शरीर पर कोई इंजरी नहीं थी। उसको 22 से 25 जून तक पीरियड थे। प्राइवेट पार्ट से निकले किसी सामान पर खून के निशान नहीं थे। किशोरी के मुताबिक उसके साथ 23 जून को रेप हुआ। मुझे नहीं लगता कि यह सामान उसके प्राइवेट पार्ट में 23 जून को डाला गया होगा। मैं पहले ही कह चुका हूं कि यह प्लांटेड हो सकता है।
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-डॉ. हाकिम सिंह, गायनी सर्जन
किशोरी का फिर से मेडिकल करने वाले पैनल में मैं शामिल था। पैनल ने बारीकी से मेडिकल किया। उसके शरीर या प्राईवेट पार्ट पर कोई जख्म नहीं था। रही बात प्राइवेट पार्ट में सामान रहने की तो इस पर मैं हैरान हूं। छह दिन तक यह सामान प्राइवेट पार्ट में नहीं रह सकता।
-डॉ. राजीव गुप्ता, फिजीशियन
किशोरी के शरीर पर कोई जख्म नहीं था। मेरी नौकरी पूरी हो चुकी है। रिटायरमेंट में एक महीना ही बाकी है। पूरी नौकरी में कभी ऐसा मामला नहीं देखा। किसी भी लड़की के प्राइवेट पार्ट में इस तरह की कोई चीज 24 घंटे भी रहना मुश्किल है। यहां तो छह दिन की बात हो रही है। दोबारा हुए मेडिकल पैनल में मैं शामिल थी। किशोरी के प्राइवेट पार्ट या शरीर पर कोई जख्म नहीं था। स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था।
-डॉ. ओमवती, स्त्री रोग विशेषज्ञ
रेडियालॉजिस्ट होने के नाते मैं इतना कह सकता हूं कि लड़की की उम्र 15 साल के करीब है। उसका दोबारा मेडिकल करने वाले पैनल में मैं शामिल था। किशोरी के शरीर या प्राइवेट पार्ट पर कोई जख्म नहीं था। जो मुझे पता लगा है कि किशोरी के प्राइवेट पार्ट में कई वस्तुएं निकली थीं। 15 साल की लड़की के प्राइवेट पार्ट में पीरियड के दौरान छह दिन तक यह चीज रहतीं, तो इंफेक्शन होने से उसकी जान को खतरा हो सकता था।
-डॉ. विनेश कुमार, रेडियालॉजिस्ट
दो आरोपियों को नहीं पहचान सकी किशोरी
रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी के सामने पुलिस ने उन दो आरोपियों को पेश किया जिनके बारे में बाद में कहा गया था कि वह भी घटना में शामिल थे। इनमें एक लड़का उसे बुलाकर ले गया दूसरे लड़के ने उसके हाथ-पैर पकड़े। किशोरी दोनों आरोपियों को पहचान नहीं सकी है। किशोरी की फुफेरी बहन ने भी 28 जून को कहा था कि घटना यह लड़के भी शामिल थे। उसका अब यह कहना है कि वह नहीं चाहते कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई हो। बता दें कि फुफेरी बहन ने ही फेसबुक एकाउंट के जरिए एक लड़के की पहचान करने की बात कही थी।
आज आएंगे पीएल पुनिया
आवास विकास की 14 साल की किशोरी से दुष्कर्म के मामले का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया शुक्रवार को सुबह नौ बजे बदायूं पहुंचेंगे। वह पहले आवास विकास किशोरी के घर जाएंगे। इसके बाद वह घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे।