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छलकती आंखों ने बिटिया को दी अंतिम विदाई

Fri, 08 Apr 2016 12:10 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Fri, 08 Apr 2016 12:10 AM IST
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The final farewell eyes Clkti daughter
मौत - फोटो : अमर उजाला

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बसपा नेता की बेटी की गमगीन माहौल में अंत्येष्टि
बुधवार को गाजियाबाद स्थित ससुराल में खून से लथपथ मिला था शव

 गाजियाबाद में बुधवार की रात दो बजे पोस्टमार्टम होने के बाद बसपा नेता हीरालाल कश्यप अपनी बेटी हिमांशी का शव लेकर सुबह करीब सात बजे बदायूं पहुंचे। सुबह दस बजे मोहल्ला ब्राह्मपुर स्थित आवास से हिमांशी की शवयात्रा शुरू हुई, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। लालपुल स्थित श्मशान घाट पर हिमांशी का अंतिम संस्कार किया गया। हिमांशी के छोटे भाई हैपी ने मुखाग्नि दी।
हिमांशी के शव आने की खबर जैसे ही लोगों को हुई हीरालाल के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। इससे पहले हिमांशी का शव जब आंगन में रखा गया तो परिवार का रो रोकर बुरा हाल हो गया। पिता हीरालाल भी अपनी होनहार बेटी के बारे में बताते बताते बार-बार सुबकते रहे। करुण क्रंदन सुन वहां मौजूद हर आंखों से आंसू छलके। हर कोई इस घटना पर ससुराल वालों को कोसता नजर आ रहा था। बताते चलें ब्राह्मपुर निवासी हीरालाल कश्यप ने अपनी बेटी हिमांशी की शादी लगभग डेढ़ साल पहले बसपा के राज्यसभा सदस्य नरेंद्र कश्यप के पुत्र डॉ. सागर के साथ धूमधाम से की थी। बुधवार को हिमांशी का शव गाजियाबाद  के कवि नगर स्थित उनकी ससुराल में खून से लथपथ मिला था।
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नानी के पास रहेगा मासूम बेटा
बदायूं। हिमांशी के करीब नौ माह के बेटे मौलिक राज को भी उसके नाना-नानी अपने साथ ले आए थे। हीरालाल ने बताया कि हिमांशी की हत्या के बाद उसके सभी ससुरालवाले घर छोड़कर चले गए। हिमांशी के बेटे की देखभाल के लिए वहां कोई नहीं था, लिहाजा वह उसे साथ ले आए। यह उनकी बेटी की निशानी है और अब उन्हीं के पास रहेगा।
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गाड़ी दिलाने को बेच रहे थे प्लॉट
बदायूं। बसपा के  पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हीरालाल दामाद डॉ. सागर को फॉर्च्युनर  गाड़ी दिलाने के लिए आगरा में अपने एक प्लॉट का सौदा करने में लगे हुए थे। उन्होंने बताया कि पांच मार्च को वह हिमांशी की ससुराल गए थे। साथ में उनका बेटा  रितेश भी था। हिमांशी ने रितेश को बताया था कि उसके पति ने उसे पीटा है। इसके  बाद उन्होंने खुद अपने दामाद डॉ. सागर से कहा था कि वह अपना आगरा का प्लॉट बेच रहे  हैं। जल्द उसे फॉर्च्युनर गाड़ी दिला देंगे। लेकिन इसके बाद भी ससुराल वालों ने इंतजार नहीं किया और हिमांशी की हत्या कर दी।
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